वाराणसी के घाटों की पूरी गाइड 2026: दशाश्वमेध, अस्सी, मणिकर्णिका और 84 घाट

TL;DR: इस घाट गाइड में दशाश्वमेध की शाम आरती, अस्सी की सुबह-ए-बनारस, मणिकर्णिका की निरंतर ज्योति और तुलसी घाट के सांस्कृतिक कार्यक्रम का स्पष्ट रोडमैप है ताकि आप घाटों को समय और मूड के अनुरूप प्लान कर सकें। माइक्रो-टिप: पहले दिन सूर्योदय बोट राइड बुक करें—नदी से 84 घाटों का परिक्रमा दृश्य शहर की कथा तुरंत खोल देता है।

वाराणसी की असली पहचान उसके घाटों में छुपी हुई है। जब भी कोई मुझसे बनारस के बारे में पूछता है, तो मैं यही कहता हूँ—अगर आपने यहाँ के घाट नहीं देखे, तो आपने कुछ नहीं देखा। इस शहर के घाट सिर्फ नदियों की सीढ़ियाँ नहीं हैं, ये संस्कृति, इतिहास और आध्यात्म की जीवंत कहानियाँ हैं।

मैंने वाराणसी में अपना काफी समय बिताया है, इसलिए आपके लिए एक सरल और उपयोगी गाइड बना रहा हूँ, जो आपकी यात्रा को आसान और यादगार बना देगा।

अगर आपका सवाल सिर्फ घाटों तक सीमित नहीं है और आप यह समझना चाहते हैं कि पहली बार बनारस आकर कौन-कौन सी जगहें प्राथमिकता से देखनी चाहिए, तो वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थल वाला पेज पहले पढ़ लें। उसमें घाट, सारनाथ, मंदिर और दिन बाँटने का साफ तरीका दिया गया है।

वाराणसी के घाटों का पैनोरमिक व्यू


वाराणसी में कुल कितने घाट हैं?

वाराणसी में कुल 84 घाट हैं जो गंगा नदी के पश्चिमी तट पर लगभग 6 किलोमीटर में फैले हुए हैं। ये घाट अस्सी संगम (दक्षिण) से लेकर आदि केशव घाट (उत्तर) तक हैं।

84 घाटों की संक्षिप्त सूची

क्रमप्रमुख घाटविशेषता
1अस्सी घाटसुबह-ए-बनारस, योग, शांत माहौल
2तुलसी घाटसांस्कृतिक कार्यक्रम, संगीत
3दशाश्वमेध घाटमुख्य गंगा आरती, सबसे प्रसिद्ध
4मणिकर्णिका घाटपवित्र श्मशान, मोक्ष स्थल
5हरिश्चंद्र घाटदूसरा श्मशान घाट
6अहिल्याबाई घाटऐतिहासिक, होल्कर राजवंश
7केदार घाटशिव मंदिर, तीर्थयात्री
8राजा घाटराजघराने का इतिहास

दशाश्वमेध घाट: गंगा आरती का मुख्य केंद्र

अगर आप पहली बार वाराणसी आए हैं, तो मैं कहूँगा सबसे पहले दशाश्वमेध घाट जरूर जाइए। यहाँ की शाम की गंगा आरती का अनुभव अद्भुत है। मैं हर बार यहाँ जाकर महसूस करता हूँ कि जैसे पूरी दुनिया की ऊर्जा यहीं इकट्ठा हो गई है।

दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती

दशाश्वमेध घाट गंगा आरती समय (2026)

मौसमशुरू होने का समयअवधि
गर्मी (मार्च-जून)शाम 7:00 बजे45 मिनट
मानसून (जुलाई-सितंबर)शाम 7:00 बजे45 मिनट
सर्दी (अक्टूबर-फरवरी)शाम 6:30 बजे45 मिनट

आरती देखने के लिए सुझाव

  • घाट पर: आरती से 1 घंटा पहले पहुँचें, अच्छी जगह के लिए
  • नाव से: ₹150-300/व्यक्ति, पानी से अनूठा नज़ारा
  • प्रीमियम सीट: ₹500-1,000, आयोजकों से बुक करें

विस्तृत जानकारी: दशाश्वमेध घाट गंगा आरती पूरी गाइड


अस्सी घाट: शांति और सुबह-ए-बनारस

जब मुझे थोड़ी शांति चाहिए होती है, मैं अस्सी घाट पहुँच जाता हूँ। यहाँ की सुबह की आरती और योग सत्र देखकर मन को एक अलग ही सुकून मिलता है। लोकल लोगों के साथ बातचीत करने का मौका भी यहाँ खूब मिलता है।

अस्सी घाट की विशेषताएँ

  • सुबह-ए-बनारस कार्यक्रम: रोज़ सुबह 5:30-6:30 बजे
  • योग कक्षाएँ: कई आश्रम मुफ्त कक्षाएँ देते हैं
  • कैफे और भोजन: घाट के पास कई लोकप्रिय कैफे
  • पर्यटकों के लिए: कम भीड़, शांत माहौल
  • बज़ारू नहीं: दलाल और विक्रेता कम परेशान करते हैं

अस्सी घाट पहुँचने का रास्ता

अस्सी घाट BHU (बनारस हिंदू विश्वविद्यालय) के पास है। ऑटो या ई-रिक्शा से आसानी से पहुँचा जा सकता है। एयरपोर्ट से टैक्सी भी सीधे यहाँ ड्रॉप कर सकती है।


मणिकर्णिका घाट: जीवन-मृत्यु का पवित्र संगम

मणिकर्णिका घाट थोड़ा अलग है, लेकिन जीवन की वास्तविकता का अहसास यहीं मिलता है। यहाँ अंतिम संस्कार की आग को देखकर मुझे हर बार यही महसूस होता है कि जीवन क्षणभंगुर है, और इसे अच्छे से जीना चाहिए।

मणिकर्णिका घाट के बारे में जानें

जानकारीविवरण
प्रकारहिंदुओं का सबसे पवित्र श्मशान
संचालन24 घंटे, 365 दिन
मान्यतायहाँ अंतिम संस्कार से मोक्ष मिलता है
सावधानीफोटो/वीडियो वर्जित, सम्मान से व्यवहार करें

पर्यटकों के लिए सुझाव

  • फोटोग्राफी न करें - यह अनादर माना जाता है
  • दान का दबाव - "लकड़ी दान" माँगने वालों से सावधान रहें
  • सम्मानपूर्वक देखें - यह धार्मिक स्थल है, पर्यटन स्थल नहीं
  • गाइड की ज़रूरत नहीं - खुद घूम सकते हैं

तुलसी घाट: सांस्कृतिक कार्यक्रम और विरासत

अगर आपको सांस्कृतिक कार्यक्रम देखने हैं, तो मैं तुलसी घाट जाने की सलाह दूँगा। यहाँ के संगीत और नृत्य कार्यक्रम आपको वाराणसी की समृद्ध विरासत से रूबरू करवाते हैं।

तुलसी घाट की विशेषताएँ

  • गंगा महोत्सव: हर साल नवंबर में विशेष कार्यक्रम
  • शास्त्रीय संगीत: नियमित कार्यक्रम
  • कछुआ अभयारण्य: दुर्लभ कछुओं को देखें
  • शांत माहौल: पर्यटकों की कम भीड़

नाव सवारी: घाटों का सबसे सुंदर अनुभव

गंगा नदी में नाव की सवारी वाराणसी यात्रा का सबसे यादगार हिस्सा है। नदी से घाटों का नज़ारा अलग ही होता है।

शाम को घाटों पर नाव सवारी

नाव सवारी किराया 2026

नाव का प्रकारकिरायाअवधिसर्वोत्तम समय
साझा नाव (Shared)₹100-150/व्यक्ति1 घंटासुबह सूर्योदय
पूरी नाव (Private)₹500-8001 घंटाकभी भी
सूर्योदय स्पेशल₹700-1,0001.5 घंटासुबह 5:30-7:00
गंगा आरती नाव₹150-300/व्यक्ति1 घंटाशाम 6:00-8:00
मोटर बोट₹1,500-2,5001-2 घंटाकभी भी

नाव बुकिंग के टिप्स

  1. मोल-भाव करें - पहले बताए गए दाम से कम में मिलेगी
  2. समय तय करें - 1 घंटे का समय पहले से तय करें
  3. सुबह जाएँ - सूर्योदय का नज़ारा अविस्मरणीय है
  4. जीवन रक्षक जैकेट - बच्चों के लिए माँगें
  5. मानसून में सावधानी - जल स्तर बढ़ने पर नाव न लें

घाट यात्रा के लिए मेरे व्यावहारिक सुझाव

समय के अनुसार क्या करें

समयगतिविधिसबसे अच्छा घाट
सुबह 5-7 बजेसूर्योदय नाव, योगअस्सी घाट
सुबह 7-9 बजेघाट पर पैदल सैरकोई भी घाट
दोपहरआराम (गर्मी में)होटल में
शाम 5-6 बजेघाट पहुँचेंदशाश्वमेध
शाम 6:30-7:30गंगा आरतीदशाश्वमेध घाट

सुरक्षा और सावधानियाँ

  • सीढ़ियों पर सावधानी: गीली सीढ़ियाँ फिसलन भरी होती हैं
  • क़ीमती सामान: जेबकतरों से सावधान रहें
  • पानी में न जाएँ: गहरे पानी में तैरना खतरनाक
  • गाइड/पंडित: अनावश्यक खर्च से बचें, विनम्रता से मना करें
  • फोटोग्राफी: स्थानीय लोगों से अनुमति लें

क्या ले जाएँ

  • जूते: आरामदायक, आसानी से उतरने वाले
  • पानी की बोतल: खूब पानी पियें
  • सनस्क्रीन/छाता: धूप से बचाव
  • कैमरा: यादों को संजोएँ
  • छोटा बैग: ज़रूरी सामान के लिए

घाटों तक कैसे पहुँचें

एयरपोर्ट से

वाराणसी एयरपोर्ट (VNS) से घाटों की दूरी लगभग 25-30 किमी है। एयरपोर्ट से टैक्सी लेकर सीधे अस्सी घाट या गोदौलिया (दशाश्वमेध के पास) पहुँच सकते हैं।

गंतव्यदूरीसमयकिराया
अस्सी घाट28 किमी45-60 मिनट₹600-800
गोदौलिया25 किमी40-50 मिनट₹500-700
कैंट स्टेशन5 किमी15 मिनट₹200-300

रेलवे स्टेशन से

  • वाराणसी जंक्शन (कैंट): ऑटो ₹100-150, टैक्सी ₹200-300
  • मंडुआडीह: ऑटो ₹80-120
  • DDU जंक्शन: टैक्सी ₹400-500 (दूर है)

मौसम के अनुसार यात्रा गाइड

मौसममहीनेअनुभवसुझाव
सर्दीनवं-फरवरीसबसे अच्छा, सुहावना मौसमदेव दीपावली (नवंबर) खास
गर्मीमार्च-जूनबहुत गर्म, सुबह-शाम ही जाएँपानी खूब पियें
मानसूनजुलाई-सितंबरबारिश, फिसलनसावधानी से घूमें


बुकिंग और संपर्क

अगर आप वाराणसी में घाट दर्शन, नाव सवारी या टैक्सी सेवा बुक करना चाहते हैं:

मेरा ये पर्सनल गाइड आपकी वाराणसी यात्रा को सरल और सुखद बनाने के लिए है। घाटों की यात्रा आपके दिल में एक अलग छाप छोड़ जाएगी।

🚕 Quick Booking

Get instant quote

Prefer talking? Call 80621 82380

Frequently Asked Questions

Need help planning your trip?

Get personalized assistance for your Varanasi journey