वाराणसी से गया और बोधगया टूर पैकेज (3-दिवसीय तीर्थ यात्रा)
प्राइवेट एसी तीर्थ सर्किट • महाबोधि मंदिर ध्यान • विष्णुपद पिंडदान पुरोहित सहायता
सिर्फ़ पॉइंट-टू-पॉइंट टैक्सी चाहिए? यदि आपको पूरे टूर पैकेज के बजाय केवल एक तरफा या एक ही दिन की वापसी कैब चाहिए, तो हमारा मुख्य वाराणसी से गया टैक्सी (₹4,813 से) या वाराणसी से बोधगया टैक्सी देखें।
बड़ा ग्रुप? Ertiga, Innova, Crysta व Tempo Traveller भी — फिक्स्ड किराया पूछें।
बिहार एंट्री टैक्स और पार्किंग लागू हों तो अंतिम लिखित कोट में अलग से पुष्टि करें।
संक्षेप में (TL;DR): वाराणसी से गया व बोधगया NH-19 के माध्यम से 248–255 किमी (5–6 घंटे) का पवित्र आध्यात्मिक सर्किट है। हम तीन समर्पित पैकेज विकल्प प्रदान करते हैं: 2D/1N एक्सप्रेस (₹9,500 से), 3D/2N संपूर्ण तीर्थ यात्रा (सबसे लोकप्रिय, ₹13,500 से), और सेम-डे पिंडदान कैब (₹6,602 से)। सभी पैकेजों में समर्पित एसी वाहन, ड्राइवर का रात्रि भत्ता, टोल व बिहार राज्य प्रवेश टैक्स पहले से शामिल हैं।
अपना गया व बोधगया टूर पैकेज चुनें
अपनी समय-सारणी और आध्यात्मिक आवश्यकताओं के अनुसार सही पैकेज चुनें। हर पैकेज में आपके वाराणसी पते से प्राइवेट कमर्शियल गाड़ी, अनुभवी ड्राइवर और सभी टोल शामिल हैं।
- विष्णुपद पिंडदान व महाबोधि मंदिर दर्शन
- वाराणसी से डोरस्टेप पिकअप व 1 रात ड्राइवर ठहराव
- टोल, पार्किंग व राज्य कर का विवरण फाइनल कोट में मिलेगा
- महाबोधि, 80 फीट बुद्ध, बोधि वृक्ष व विष्णुपद
- संतुलित गति + डुंगेश्वरी गुफा व सासाराम ठहराव
- 2 रातें ड्राइवर भत्ता; पार्किंग व राज्य कर फाइनल कोट में
- सुबह 5:00 बजे प्रस्थान ➔ विष्णुपद पिंडदान दर्शन
- पूजा समाप्ति तक ड्राइवर वेटिंग; शाम तक वापसी
- सभी NH-19 टोल व ड्राइवर भत्ता पहले से शामिल
गाड़ी अनुसार पैकेज किराया सूची (2026 स्पष्ट दरें)
नीचे दिया गया प्रत्येक किराया वाहन, ड्राइवर भत्ता, राष्ट्रीय राजमार्ग टोल व बिहार प्रवेश टैक्स सहित है। यात्रा के दौरान कोई गुप्त शुल्क नहीं लिया जाता।
| वाहन श्रेणी | किसके लिए उत्तम | सेम-डे राउंड ट्रिप | 2 दिन / 1 रात | 3 दिन / 2 रातें (अनुशंसित) |
|---|---|---|---|---|
| सेडान (Dzire / Etios) | दंपति, 2–3 व्यक्ति + सामान | ₹6,602 | ₹9,500 | ₹13,500 |
| SUV (Maruti Ertiga) | परिवार (4–5 सदस्य), बुजुर्ग | ₹8,316 | ₹12,500 | ₹17,000 |
| प्रीमियम SUV (Innova) | आरामदायक तीर्थयात्रा (5–6 लोग) | ₹9,324 | ₹14,500 | ₹19,500 |
| लक्जरी SUV (Innova Crysta) | वीआईपी, अधिक लेगरूम | ₹10,836 | ₹16,500 | ₹21,000 |
| टेम्पो ट्रैवलर (12/17 सीटर) | बड़ा परिवार व भजन मंडलियां | ₹11,844 | ₹19,500 | ₹26,000 |
* दरें प्राइवेट वाहन, ईंधन, टोल व ड्राइवर सेवा हेतु हैं। होटल ठहराव की व्यवस्था अनुरोध पर जोड़ी जा सकती है।
क्या शामिल है और क्या नहीं
| क्या 100% शामिल है | क्या शामिल नहीं है (स्पष्ट) |
|---|---|
| ✅ परिवार हेतु पूर्णतः प्राइवेट व समर्पित कमर्शियल एसी कैब | ❌ होटल में कमरा (अनुरोध पर जोड़ा जा सकता है) |
| ✅ यूपी व बिहार हाईवे के अनुभवी स्थानीय ड्राइवर | ❌ पिंडदान पुरोहित दक्षिणा व पूजा सामग्री |
| ✅ NH-19 के सभी टोल टैक्स पहले से शामिल | ❌ व्यक्तिगत भोजन व मिनरल वाटर |
| ✅ बिहार राज्य कमर्शियल एंट्री परमिट व टैक्स | ❌ स्मारकों का प्रवेश टिकट या कैमरा शुल्क |
| ✅ ड्राइवर का रात्रि ठहराव भत्ता व भोजन खर्च | ❌ मंदिरों में व्यक्तिगत दान या चढ़ावा |
| ✅ वाराणसी में होटल/एयरपोर्ट से डोरस्टेप पिकअप | |
| ✅ बोधगया और गया विष्णुपद के बीच सभी ट्रांसफर |
काशी-गया का आध्यात्मिक महत्व
वाराणसी और गया को एक ही यात्रा में जोड़ना सनातन धर्म और बौद्ध परंपरा का एक अत्यंत पवित्र संकल्प है:
- काशी (वाराणसी): भगवान विश्वनाथ के चरणों में स्वयं के लिए मोक्ष की प्रार्थना और पवित्र गंगा में स्नान।
- गया (विष्णुपद): पितृ ऋण से मुक्ति। भगवान विष्णु के चरण-चिह्न पर पिंडदान और फल्गु नदी में तर्पण करने से पूर्वजों की सात पीढ़ियों को सद्गति प्राप्त होती है।
- बोधगया (महाबोधि): विश्व शांति और ध्यान का पावन केंद्र, जहाँ भगवान बुद्ध ने पवित्र बोधि वृक्ष के नीचे निर्वाण प्राप्त किया।
कहावत: “काशी जीवे तो विश्वनाथ, मरे तो गया।” काशी में जीवन शिव की कृपा देता है और गया में कर्म पूर्वजों का उद्धार करता है।
विस्तृत 3-दिवसीय तीर्थ यात्रा कार्यक्रम
दिन 1: वाराणसी → बोधगया (ज्ञान सर्किट)
- सुबह 06:00 बजे: वाराणसी से प्रस्थान। NH-19 होते हुए सासाराम के रास्ते बोधगया की ओर यात्रा (250 किमी, लगभग 5.5 घंटे)।
- सुबह 09:30 बजे: सासाराम में स्वच्छ हाईवे रेस्तरां में नाश्ता।
- दोपहर 12:30 बजे: बोधगया आगमन; होटल में चेक-इन और विश्राम।
- दोपहर 02:30 बजे: महाबोधि मंदिर परिसर (यूनेस्को धरोहर) दर्शन। पवित्र बोधि वृक्ष और वज्रासन के दर्शन।
- शाम 04:30 बजे: 80 फीट की महान बुद्ध प्रतिमा और अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध मठों (थाई, जापानी, तिब्बती) का भ्रमण।
- शाम 06:30 बजे: महाबोधि में शाम की विशेष बौद्ध प्रार्थना। बोधगया में रात्रि विश्राम।
दिन 2: गया हिंदू तीर्थयात्रा (विष्णुपद पिंडदान व मंगला गौरी)
- सुबह 06:30 बजे: बोधगया से गया शहर के लिए प्रस्थान (12 किमी, 30 मिनट)।
- सुबह 07:30 बजे: फल्गु नदी (फल्गु घाट) पर प्रारंभिक स्नान और सीता कुंड दर्शन।
- सुबह 08:30 बजे: पावन विष्णुपद मंदिर में प्रवेश। स्थानीय गयावाल पंडों के सान्निध्य में पूर्वजों का पिंडदान व तर्पण अनुष्ठान।
- सुबह 11:00 बजे: अक्षयवट के दर्शन कर पिंडदान अनुष्ठान का समापन।
- दोपहर 12:30 बजे: मंगला गौरी शक्तिपीठ दर्शन (18 महाशक्तिपीठों में से एक)।
- दोपहर 02:00 बजे: पारंपरिक शाकाहारी भोजन (लिट्टी-चोखा या थाली)।
- दोपहर 04:00 बजे: ऐतिहासिक डुंगेश्वरी गुफा दर्शन (जहाँ बुद्ध ने घोर तपस्या की थी)।
- शाम 06:30 बजे: बोधगया बाजार में खरीदारी व रात्रि विश्राम।
दिन 3: बोधगया → सासाराम → वाराणसी
- सुबह 06:00 बजे: महाबोधि मंदिर में शांत वातावरण में परिक्रमा (वैकल्पिक)।
- सुबह 09:00 बजे: नाश्ता और होटल चेक-आउट। वाराणसी वापसी यात्रा प्रारंभ।
- दोपहर 12:30 बजे: रास्ते में सासाराम में भव्य शेरशाह सूरी का मकबरा दर्शन।
- शाम 05:30 बजे: वाराणसी आगमन। दशाश्वमेध घाट पर भव्य शाम की गंगा आरती दर्शन के साथ यात्रा का सुखद समापन।
श्रद्धालुओं हेतु महत्वपूर्ण सलाह
- पंडा दक्षिणा पहले तय करें: विष्णुपद मंदिर में पूजा प्रारंभ करने से पहले ही दक्षिणा (सामान्यतः कर्मकांड के अनुसार ₹500–₹2,100) स्पष्ट कर लें।
- पितृ पक्ष भीड़ (सितंबर/अक्टूबर): 16 दिनों के पितृ पक्ष में लाखों श्रद्धालु आते हैं। इस दौरान कम से कम 3-4 सप्ताह पूर्व कैब व होटल बुक करें।
- पूजा हेतु वेशभूषा: विष्णुपद में पिंडदान हेतु पारंपरिक वस्त्र (पुरुषों के लिए धोती/कुर्ता, महिलाओं के लिए साड़ी/सूट) आवश्यक हैं।
- सामान की सुरक्षा: मंदिर दर्शन के दौरान हमारा ड्राइवर गाड़ी के पास ही रहता है, जिससे आपका सामान व जूते सुरक्षित रहते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
प्र: क्या हम इस 3-दिवसीय यात्रा में प्रयागराज या अयोध्या भी जोड़ सकते हैं?
उ: हाँ! हम 4-शहरों के विस्तृत सर्किट (काशी + गया + प्रयागराज + अयोध्या) के विशेषज्ञ हैं। हमें WhatsApp (+91 99354 74730) पर अपनी तारीखें बताएं।
प्र: विष्णुपद मंदिर में पिंडदान पुरोहित की व्यवस्था कैसे होगी?
उ: हमारे अनुभवी ड्राइवर आपको मंदिर घाटों पर प्रामाणिक और सम्मानित गयावाल पंडों से मिलवाते हैं ताकि पूजा बिना किसी असुविधा के संपन्न हो सके।
प्र: क्या पैकेज बुक करने के लिए एडवांस भुगतान आवश्यक है?
उ: नहीं! गाड़ी की बुकिंग हेतु किसी अग्रिम भुगतान की आवश्यकता नहीं है। आप यात्रा प्रारंभ होने पर ड्राइवर को भुगतान कर सकते हैं।
📲 काशी–गया तीर्थ यात्रा की योजना बनाएं: हमें WhatsApp 💬 +91 99354 74730 पर संदेश भेजें या त्वरित बुकिंग हेतु कॉल करें।


