अस्सी घाट आरती समय 2026: Assi Ghat Aarti Time Today & Morning Schedule
त्वरित उत्तर (Direct Answer): आज अस्सी घाट पर सुबह की आरती (सुबह-ए-बनारस / Subah-e-Banaras) सर्दियों में 5:30 AM और गर्मियों में 5:00 AM पर शुरू होती है। शाम की गंगा संध्या आरती सर्दियों में 6:00 PM और गर्मियों में 7:00 PM पर होती है। सीढ़ियों से दर्शन 100% निशुल्क है; फ्रंट-रो बिना भीड़ दर्शन के लिए शेयर्ड नाव सीट ₹490 व प्राइवेट फैमिली नाव ₹1,800 में उपलब्ध है।
मैं वाराणसी में रोज़ सूर्योदय नाव व गंगा अनुभव संचालित करता हूँ – इसलिए अस्सी घाट की आरती टाइमिंग (Assi Ghat Aarti Timings), खासकर सुबह Subah-e-Banaras timing और शाम संध्या आरती के सवाल मुझे सबसे ज़्यादा मिलते हैं। यहाँ 2026 के लिए वास्तविक, मैदानी नोट्स पर आधारित आपका क्लियर चीट‑शीट है।
Assi Ghat Aarti Time Today
आज अस्सी घाट गंगा आरती का समय मौसमी सूर्योदय और सूर्यास्त पर आधारित होता है। सुबह Subah-e-Banaras में वैदिक मंगलाचरण और शाम को 7-अर्चक संध्या आरती होती है। नीचे आज के दोनों सत्रों का त्वरित विवरण है:
आरती सत्र
शीतकाल (अक्टूबर–मार्च)
ग्रीष्मकाल (अप्रैल–जून)
कुल अवधि
बैठने की सर्वश्रेष्ठ जगह
सुबह (Morning Aarti)
5:30 AM – 6:15 AM
5:00 AM – 5:45 AM
40–45 मिनट
बीच की दूसरी–तीसरी सीढ़ी (30 मिनट पहले)
शाम (Evening Aarti)
6:00 PM – 6:45 PM
7:00 PM – 7:45 PM
40–45 मिनट
नदी में नाव फ्रंट-रो या केंद्रीय सीढ़ियाँ
नोट: गंगा का जलस्तर अधिक होने या भारी बारिश/बिजली अलर्ट में आरती मंच को शेड के नीचे स्थानांतरित कर दिया जाता है; आरती कभी रद्द नहीं होती।
Assi Ghat Morning Aarti Time: सुबह-ए-बनारस
अस्सी घाट की सुबह की आरती (Assi Ghat Morning Aarti Time) प्रतिदिन सूर्योदय से पहले 'सुबह-ए-बनारस' के रूप में आयोजित होती है। सर्दियों में यह सुबह 5:30 AM से 6:15 AM और गर्मियों में 5:00 AM से 5:45 AM पर शुरू होती है। इस 90-मिनट के आध्यात्मिक सत्र में वैदिक मंगलाचरण, मां गंगा की प्रभात आरती, शास्त्रीय गायन/राग और खुला सामूहिक योगाभ्यास शामिल होता है। सीढ़ियों पर बैठकर इसमें शामिल होना पूरी तरह निशुल्क है।
नीलवेला (Blue Hour) में हल्की मंत्र ध्वनि, शंखनाद, योग व शास्त्रीय राग संयोजन का यह अनुभव बनारस की पहचान है। स्थानीय लोग इसे सामुदायिक शुद्ध शुरुआत मानते हैं। 1 जनवरी को नए साल के पहले सूर्योदय का स्वागत करने हज़ारों लोग यहाँ जुटते हैं—भीड़ व नौका सुझावों हेतु हमारी वाराणसी में नया साल 2027 गाइड देखें।
Assi Ghat Evening Ganga Aarti Timing
अस्सी घाट पर शाम की गंगा संध्या आरती (Assi Ghat Evening Aarti) प्रतिदिन सूर्यास्त के ठीक बाद सर्दियों में 6:00 PM से 6:45 PM और गर्मियों में 7:00 PM से 7:45 PM तक होती है। दशाश्वमेध घाट की तुलना में अस्सी की शाम की आरती अधिक शांत, संगीतमय और नज़दीकी अनुभव प्रदान करती है। शाम की आरती का सबसे मनोरम दृश्य सीढ़ियों की धक्का-मुक्की के बिना नदी में नाव से मिलता है।
सूर्य डूबने के तुरंत बाद पीत आभा और बहु‑स्तरीय पीतल दीपों का घुमाव नदी के पानी में स्वर्णिम परावर्तन पैदा करता है। अगर आप अस्सी घाट को अपनी बनारस यात्रा की शुरुआत बना रहे हैं, तो पहली बार आने वालों के लिए वाराणसी के प्रमुख पर्यटन स्थल और अप्रैल में वाराणसी यात्रा गाइड दोनों उपयोगी रहेंगे।
गंगा आरती नाव बुकिंग व दरें (₹490)
अस्सी घाट पर शाम की गंगा आरती देखने हेतु शेयर्ड नाव सीट ₹490 प्रति व्यक्ति और निजी पारिवारिक नाव ₹1,800 में उपलब्ध है। इसमें शून्य अग्रिम भुगतान (₹0 Advance) के साथ व्हाट्सएप पर तुरंत सीट कन्फर्म होती है और भुगतान घाट पर पहुंचने के बाद नाविक को सीधे नकद या यूपीआई से करना होता है।
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वाराणसी आरती समय (Varanasi Aarti Time) मुख्य रूप से दो प्रमुख घाटों पर केंद्रित है: अस्सी घाट पर प्रभात आरती सुबह 5:30 AM व शाम 6:00 PM; और दशाश्वमेध घाट पर विश्वप्रसिद्ध महाआरती प्रतिदिन शाम 6:30 PM (सर्दियों में) / 7:00 PM (गर्मियों में) होती है। शांत योग व संगीत हेतु अस्सी घाट और भव्य 7-अर्चक दीप अनुष्ठान हेतु दशाश्वमेध घाट चुनें।
मीट्रिक
अस्सी घाट (सुबह व शाम)
दशाश्वमेध घाट (शाम)
असर
पीक भीड़ (प्रति 100m)
280–340 व्यक्ति
730–860 व्यक्ति
अस्सी पर सीढ़ियों पर बैठना व गतिशीलता आसान
अच्छी सीट हेतु पूर्व आगमन
25–30 मिनट पहले
45–60 मिनट पहले
अस्सी पर कम इंतज़ार में फ्रंट-रो सीट
अनुष्ठान घटक
आरती + योग + प्रभाती शास्त्रीय राग
भव्य 7-अर्चक महाआरती + शंखनाद
अस्सी = वेलनेस व संगीत; दशाश्वमेध = भव्यता
नाव मांग व व्यू
मध्यम (शांत, व्यक्तिगत)
अत्यधिक (सैकड़ों नावें)
अस्सी पर नाव से स्पष्ट, खुला दृश्य
संक्षेप: दशाश्वमेध = असीम भव्यता व जनसमूह; अस्सी = अंतरंग आध्यात्मिक शांति, संगीत व योगाभ्यास।
अस्सी घाट आरती महीना-वार शेड्यूल 2026
सूर्योदय और सूर्यास्त के समय में क्रमिक बदलाव के कारण अस्सी घाट आरती का समय साल भर बदलता रहता है। नीचे जनवरी से दिसंबर 2026 तक का आधिकारिक महीना-वार समय दिया गया है:
महीना
सूर्योदय प्रभात आरती (Morning)
सूर्यास्त संध्या आरती (Evening)
जनवरी
5:30 AM
6:00 PM
फ़रवरी
5:15 AM
6:15 PM
मार्च
5:00 AM
6:30 PM
अप्रैल
4:45 AM
6:45 PM
मई
4:30 AM
7:00 PM
जून
4:30 AM
7:15 PM
जुलाई
4:45 AM
7:00 PM
अगस्त
5:00 AM
6:45 PM
सितंबर
5:15 AM
6:15 PM
अक्टूबर
5:30 AM
6:00 PM
नवंबर
5:45 AM
5:45 PM
दिसंबर
6:00 AM
5:30 PM
स्रोत: पुरोहित रोटेशन सूची + स्थानीय पर्यटन व फील्ड ग्राउंड अवलोकन।
सीढ़ियों पर सर्वश्रेष्ठ फ्रंट-रो सीट कैसे पाएँ
अस्सी घाट पर मुख्य मंच के ठीक सामने केंद्र में दूसरी या तीसरी सीढ़ी सबसे संतुलित दृश्य देती है। यहां बैठने के लिए आरती शुरू होने से कम से कम 35 से 45 मिनट पहले पहुंचना आवश्यक है:
अलार्म सेट करें: गर्मियों में 4:15 AM और सर्दियों में 4:45 AM का अलार्म रखें।
सही सीढ़ी चुनें: मुख्य लकड़ी के आरती तख्त से दूसरी या तीसरी सीढ़ी चुनें ताकि कैमरों के सामने कोई अवरोध न आए।
स्वैच्छिक सहयोग: कलाकारों व सेवा हेतु ₹20–₹50 का स्वैच्छिक दान स्वागतयोग्य है।
नाव विकल्प: सीढ़ियों पर धक्का-मुक्की न चाहिए तो नदी में नाव सबसे आरामदायक विकल्प है।
विषय
मेरा स्थानीय फील्ड नोट
प्रवेश शुल्क
सार्वजनिक रूप से 100% निःशुल्क; कोई वीआईपी टिकट नहीं होता
बैठने की सुविधा
मंच के पीछे कुछ प्लास्टिक कुर्सियाँ वरिष्ठ नागरिकों हेतु; सीढ़ियाँ खुली हैं
जनवरी–फ़रवरी में हल्का शॉल; जुलाई–सितंबर में छाता / रेनकोट
सुरक्षा व सीढ़ियाँ
स्थानीय पुलिस की तैनाती रहती है; बारिश के बाद निचली सीढ़ियों पर फिसलन से बचें
अस्सी घाट कैसे पहुँचें: कैब व रिक्शा
अस्सी घाट पहुंचने के लिए कैब या ऑटो सीधे 'अस्सी चौराहा' तक जाती है, जहां से घाट केवल 2 मिनट (150 मीटर) की पैदल दूरी पर है। गोदौलिया से ई-रिक्शा ₹80–₹120 और कैंट रेलवे स्टेशन से ₹200–₹250 लेता है। सुबह 4:30 AM की प्रभात आरती या देर रात वापसी हेतु 24/7 प्री-बुक टैक्सी सबसे सुरक्षित विकल्प है:
ई‑रिक्शा / ऑटो: चालक से “अस्सी घाट चौराहा” कहें। गोदौलिया से प्री‑डॉन किराया ₹80–₹120 रहता है।
पैदल मार्ग: BHU मुख्य सिंह द्वार (लंका) से अस्सी घाट मात्र 15 मिनट की सीधी, सुरक्षित पैदल दूरी पर है।
नाव द्वारा: यदि आप पहले से सूर्योदय नौका विहार पर हैं, तो नाविक को अस्सी घाट पर ड्रॉप करने को कहें।
प्र. अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस और शाम की आरती का मौसमी समय क्या है?
सुबह-ए-बनारस गर्मियों (अप्रैल–जून) में लगभग 5:00 AM और सर्दियों (अक्टूबर–मार्च) में लगभग 5:30 AM पर वैदिक मंगलाचरण व योगाभ्यास के साथ शुरू होता है। शाम की संध्या आरती सूर्यास्त के समय सर्दियों में लगभग 6:00 PM और गर्मियों में 6:30 से 7:00 PM पर होती है। सीढ़ियों पर अच्छी जगह के लिए 30 से 45 मिनट पहले पहुंचना सबसे अच्छा रहता है।
प्र. अस्सी घाट की आरती सीढ़ियों से देखना बेहतर है या नाव से?
सुबह के कार्यक्रम (सुबह-ए-बनारस) के लिए घाट की सीढ़ियाँ सबसे अच्छी हैं, जहाँ से मंत्रोच्चार की ध्वनि और योगाभ्यास में आसानी से हिस्सा लिया जा सकता है। शाम की आरती के लिए नदी में नाव (₹490 प्रति सीट या ₹1,800 में पूरी फैमिली नाव) सबसे बढ़िया विकल्प है, जिससे सीढ़ियों की धक्का-मुक्की के बिना आरती का सीधा फ्रंट-रो व्यू मिलता है। हमारी शाम की नाव राइड गाइड देखें।
प्र. क्या अस्सी घाट आरती के लिए कोई टिकट या वीआईपी पास लगता है?
नहीं, अस्सी घाट आरती के लिए कोई टिकट या वीआईपी पास नहीं लगता है; सीढ़ियों से दर्शन पूरी तरह से निःशुल्क है। कलाकारों के सहयोग हेतु ₹20 से ₹50 का स्वैच्छिक दान दिया जा सकता है। फर्जी वीआईपी पास बेचने वाले दलालों से बचें। भुगतान केवल पहले से बुक की गई नाव सीट के लिए होता है।
प्र. शाम की आरती के लिए नाव की सीट बिना किसी एडवांस पेमेंट के कैसे बुक करें?
आप बिना किसी अग्रिम भुगतान (₹0 एडवांस) के सीधे व्हाट्सएप पर अपनी शेयर्ड या प्राइवेट नाव की सीट बुक कर सकते हैं। घाट पर पहुंचने के बाद ही नाविक को नकद या यूपीआई द्वारा तय दर (₹490 से) का भुगतान करना होता है।
प्र. सुबह की आरती या देर रात वापसी के लिए अस्सी घाट कैसे पहुंचें?
गाड़ियां अस्सी चौराहे या लंका चौराहे तक आसानी से पहुंचती हैं, जहाँ से 2-3 मिनट पैदल चलकर घाट पहुंचा जा सकता है। सुबह 4:30 AM की सुबह-ए-बनारस यात्रा या शाम 7:30 PM के बाद होटल वापसी हेतु पहले से 24/7 टैक्सी बुक रखना सुविधाजनक रहता है ताकि मनमाना किराया न देना पड़े।
फ़ोटो व वीडियोग्राफी के जरूरी टिप्स
कम रोशनी और आरती के धुएं में अच्छी तस्वीरें लेने के लिए इन सेटिंग्स का उपयोग करें:
सुबह का समय (Blue Hour): ISO 1600–2000, f/2.8, शटर स्पीड 1/100s से 1/125s।
शाम की दीप आरती: White Balance ~3400K (टंगस्टन मोड) रखें ताकि दीपों की सुनहरी चमक प्राकृतिक दिखे।
शिष्टाचार: योगाभ्यास और ध्यान के दौरान फ्लैश का उपयोग न करें और कैमरे का शटर म्यूट रखें।
विश्वसनीयता नोट व स्थानीय संपर्क
यह गाइड स्थानीय मैदानी अवलोकन (अक्टूबर 2026), घाट नाविक संघ समन्वय और पुरोहित रोटेशन के आधार पर लगातार अपडेट की जाती है। यदि आपको समय में कोई आकस्मिक बदलाव दिखे तो कृपया हमें सूचित करें।