बनारस में मकर संक्रांति को स्थानीय लोग आमतौर पर "खिचड़ी" ही कहते हैं।
यह दो दिन का पर्व है। सुबह कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच गंगा घाटों पर स्नानार्थी डुबकी लगाकर भगवान सूर्य को तांबे के लोटे से अर्घ्य देते हैं और तिल-गुड़ व अनाज का दान करते हैं। सुबह 10 बजे के बाद जब धूप खिलती है, तो नावें लोगों को गंगा पार रेती पर ले जाती हैं जहाँ दिन भर पतंगबाजी चलती है। दोपहर में श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में बाबा को देसी घी, दही, पापड़ और अचार के साथ काली उड़द की दाल वाली खिचड़ी का विशेष भोग लगता है।
यदि आप जनवरी 2027 में बनारस आने की योजना बना रहे हैं, तो एक बात ध्यान रखें: मुख्य स्नान और मंदिर का खिचड़ी पर्व शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को है।
नीचे स्नान के सटीक मुहूर्त, रेती पर जाने के नियम, पुलिस बैरिकेडिंग और फिक्स्ड रेट कैब की पूरी जानकारी दी गई है।
1. जरूरी तथ्य (त्वरित संदर्भ)
विवरण
जरूरी जानकारी
स्थानीय नाम
खिचड़ी पर्व, मकर संक्रांति, उत्तरायण
2027 पर्व तिथियां
गुरुवार, 14 जनवरी एवं शुक्रवार, 15 जनवरी 2027
संक्रांति क्षण (सूर्य गोचर)
गुरुवार, 14 जनवरी 2027, रात्रि 09:06 बजे (सूर्यास्त के बाद)
मुख्य पुण्यकाल (स्नान व दान)
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 (सुबह 06:46 से शाम 05:29 तक)
महापुण्यकाल (मुख्य स्नान समय)
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 (सुबह 06:46 से 08:46 तक)
प्रमुख मंदिर
श्री काशी विश्वनाथ धाम, गौरी केदारेश्वर मंदिर, खिचड़ी बाबा
प्रमुख स्नान घाट
दशाश्वमेध घाट, पंचगंगा घाट, अस्सी घाट, राजघाट
पतंगबाजी केंद्र
गंगा पार की रेती (पूर्वी किनारा), पुराने शहर की छतें
सुबह का तापमान
भोर में 7°C से 10°C; सुबह 09:30 बजे तक घना कोहरा
निकटतम कैब ड्रॉप पॉइंट
बेनियाबाग पार्किंग (850 मी पैदल) या गिरजाघर चौराहा (600 मी पैदल)
2. 2027 में 15 जनवरी को मुख्य स्नान क्यों है?
अक्सर मकर संक्रांति 14 जनवरी को ही होती है, लेकिन 2027 में खगोलीय स्थिति अलग है।
सूर्य देव गुरुवार, 14 जनवरी 2027 की रात 09:06 बजे मकर राशि में प्रवेश करेंगे। काशी के पंचांग और विद्वानों के नियमानुसार यदि संक्रांति सूर्यास्त के बाद लगे, तो स्नान, जप और दान का पुण्यकाल अगली सुबह सूर्योदय के साथ शुरू होता है।
दोनों दिनों का कार्यक्रम:
गुरुवार, 14 जनवरी 2027:
थठेरी बाजार और गोदौलिया की दुकानों पर तिलकुट, गुड़ और लाई की खरीदारी होती है। दोपहर से छतों पर पतंग उड़ने लगती हैं। शाम को नियमित गंगा आरती होगी।
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027:
यह मुख्य धार्मिक स्नान का दिन है। श्रद्धालु सुबह 06:46 से गंगा स्नान करेंगे। सुबह 06:46 से 08:46 बजे का महापुण्यकाल स्नान व दान के लिए सर्वोत्तम है। दोपहर में काशी विश्वनाथ मंदिर में खिचड़ी भोग लगेगा और गंगा पार रेती पर पतंग उत्सव अपने पूरे शबाब पर रहेगा।
यात्री सलाह: यदि आप गंगा स्नान, ब्राह्मण दान और विश्वनाथ मंदिर में खिचड़ी भोग दर्शन के लिए आ रहे हैं, तो अपना मुख्य कार्यक्रम शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को ही रखें।
3. गंगा स्नान और सूर्य अर्घ्य
कड़ाके की ठंड में सुबह 05:00 बजे से ही लोग घाटों पर जुटने लगते हैं।
दशाश्वमेध घाट: यहाँ सबसे अधिक भीड़ होती है। श्रद्धालु कमर तक जल में उतरकर पूर्व दिशा की ओर मुख कर तांबे के लोटे से सूर्य देव को जल अर्पित करते हैं।
पंचगंगा घाट: बनारस में शीतकालीन स्नान के लिए पंचगंगा का विशेष महत्व माना गया है।
अस्सी घाट: यहाँ सीढ़ियां चौड़ी हैं और लंका या दक्षिणी बनारस में ठहरने वाले परिवारों के लिए यहाँ पहुँचना आसान रहता है।
स्नान के बाद लोग घाट पर बैठे ब्राह्मणों को सीधा (कच्चा अन्न) दान करते हैं—नए चावल, काली उड़द की दाल, काला-सफेद तिल, नमक, गुड़, ऊनी वस्त्र और सामर्थ्यानुसार दक्षिणा।
4. काशी विश्वनाथ मंदिर में खिचड़ी भोग परंपरा
श्री काशी विश्वनाथ धाम: 15 जनवरी को मध्याह्न भोग आरती (दोपहर 11:30 से 12:30 बजे) के समय बाबा विश्वनाथ का विशेष खिचड़ी श्रृंगार होता है। बाबा को शुद्ध गाय के घी, मेवे और मसालों से बनी काली उड़द की दाल और चावल की खिचड़ी का महाभोग लगाया जाता है। गेट नंबर 1 के पास खिचड़ी बाबा के स्थान पर बड़े-बड़े देगों में खिचड़ी तैयार की जाती है और भक्तों को पत्तलों (दोना) में प्रसाद बांटा जाता है।
गौरी केदारेश्वर मंदिर (केदार घाट): मान्यता है कि भगवान शिव यहाँ अपने भक्त की खिचड़ी की हांडी से ज्योतिर्लिंग रूप में प्रकट हुए थे। मकर संक्रांति पर यहाँ केदारेश्वर खिचड़ी महोत्सव होता है और भारी संख्या में श्रद्धालु प्रसाद ग्रहण करते हैं।
मणिकर्णिका घाट (श्मशान नाथ): मणिकर्णिका स्थित बाबा महाश्मशान नाथ का भी दोपहर में गेंदे के फूलों से खिचड़ी श्रृंगार किया जाता है।
5. गंगा पार 'रेती' पर पतंगबाजी
पुराने शहर की संकरी गलियों और छतों के अलावा, संक्रांति का मुख्य पतंगबाजी मैदान गंगा के उस पार फैली रेती है।
नाव से रेती जाने का तरीका:
कहाँ से नाव लें: दशाश्वमेध घाट, राजेंद्र प्रसाद घाट, या अस्सी घाट।
किराया:
शेयरिंग नाव: ₹50 से ₹100 प्रति व्यक्ति (एक तरफ)।
निजी नाव (2–3 घंटे रुकने सहित): ₹1,500 से ₹2,500।
समय: जल पुलिस के नियमानुसार सुबह कोहरा छंटने के बाद (लगभग 10:00 बजे) ही नावें रेती जाती हैं और सूर्यास्त से पहले (शाम 05:00 बजे तक) लौटना अनिवार्य होता है।
सुरक्षा और नियम:
चीनी मांझे पर सख्त रोक: प्रशासन ने धारा 144 के तहत सिंथेटिक व चाइनीज मांझे पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। यह पुलों पर चलने वाले दोपहिया सवारों और पक्षियों के लिए बेहद खतरनाक है। केवल सूती सदी या बरेली/बनारसी धागे का ही प्रयोग करें।
रेती पर दलदल और बहाव: रेती के किनारे पानी गहरा और बहाव तेज होता है। बच्चों को पानी के किनारे बिल्कुल अकेला न छोड़ें।
कटती पतंगों के धागे: जब पतंगें कटती हैं तो उनके धागे भीड़ पर गिरते हैं। आँखों पर धूप का चश्मा और गले में हल्का स्कार्फ रखें ताकि धागे से खरोंच न लगे।
6. जनवरी का कोहरा और यात्रा सावधानियां
जनवरी बनारस का सबसे ठंडा और कोहरे वाला महीना है:
तापमान: सुबह का न्यूनतम तापमान 7°C से 10°C और दोपहर में धूप निकलने पर 20°C से 23°C रहता है।
कोहरा: सुबह 05:00 से 09:30 बजे तक भारी कोहरा रहता है जिससे दृश्यता 50 मीटर से भी कम हो जाती है।
फ्लाइट और ट्रेन की सलाह:
बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS): सुबह 10:30 बजे से पहले आने वाली उड़ानों में कोहरे से देरी हो सकती है। संभव हो तो दोपहर 11:30 से 03:30 के बीच उतरने वाली फ्लाइट चुनें।
ट्रेनें: दिल्ली या बिहार से आने वाली ट्रेनें कोहरे के कारण 2 से 4 घंटे लेट हो सकती हैं।
एयरपोर्ट वापसी बफर: रिंग रोड पर कोहरे में गाड़ी धीमी चलती है, इसलिए फ्लाइट के समय से कम से कम 3.5 घंटे पहले होटल से निकलें।
बुजुर्गों के लिए: सुबह का पानी काफी ठंडा होता है। बुजुर्गों को सुबह 08:30 बजे धूप खिलने के बाद ही स्नान कराएं, या केवल जल का छिड़काव (मार्जन) कराएं।
मकर संक्रांति खिचड़ी 2027: कैब, घाट ड्रॉप व रेती नाव व्यवस्था
भोर के गंगा स्नान (सुबह 04:30 बजे), बेनियाबाग व गिरजाघर ड्रॉप, एयरपोर्ट व कैंट स्टेशन पिकअप, और पतंगबाजी हेतु रेती जाने के लिए फिक्स्ड-किराया कैब प्री-बुक करें। कोई हिडन चार्ज नहीं।
भोर 04:30 बजे स्नान पिकअप·बेनियाबाग व गिरजाघर ड्रॉप·कोहरे में एयरपोर्ट फ्लाइट ट्रैकिंग·रेती पतंगबाजी नौका व्यवस्था
7. ट्रैफिक नियम और कैब ड्रॉप पॉइंट
14 और 15 जनवरी को सुबह 05:00 बजे से ट्रैफिक पुलिस पुराने शहर में चार पहिया वाहनों का प्रवेश बंद रखती है।
बंद मार्ग:
गोदौलिया ⇄ दशाश्वमेध घाट: सभी प्रकार के वाहनों के लिए बंद।
मैदागिन ⇄ चौक ⇄ बांसफाटक: चार पहिया वाहनों का प्रवेश बंद।
सोनारपुरा ⇄ गोदौलिया: केवल पैदल आवागमन।
4 प्रमुख कैब ड्रॉप पॉइंट:
बेनियाबाग मल्टी-लेवल पार्किंग:
पश्चिम की ओर से आने वाली गाड़ियों के लिए सबसे सुगम। कैब सीधे पार्किंग में छोड़ती है। यहाँ से नई सड़क होते हुए गोदौलिया और मंदिर गेट 4 मात्र 850 मीटर (10 मिनट पैदल) है।
गिरजाघर चौराहा (लक्सा रोड):
दशाश्वमेध घाट जाने वालों के लिए सबसे पास का पॉइंट। यहाँ से गोदौलिया चौराहा 600 मीटर सीधी सड़क है।
मैदागिन टाउन हॉल:
चौक की ओर से मंदिर या पंचगंगा घाट जाने वालों के लिए उपयोगी ड्रॉप (करीब 900 मीटर पैदल)।
भेलूपुर जलकल संस्थान:
केदार घाट या अस्सी जाने के लिए। शहर के जाम से बचते हुए यहाँ गाड़ी छोड़कर रिक्शे से सोनारपुरा जाया जा सकता है।
8. बनारसी खिचड़ी खान-पान
मकर संक्रांति पर बनारस का पारंपरिक भोजन:
सुबह का नाश्ता: चूड़ा-दही व नया गुड़:
हल्का भिगोया हुआ चूड़ा (पोहा), मिट्टी के कुल्हड़ का ताजा गाढ़ा दही और चंदौली-सोनभद्र का नया शीतकालीन गुड़।
मिठाई: तिलकुट और लइया: थठेरी बाजार और राजा दरवाजा में लकड़ी के मूसल से कूटा हुआ खस्ता तिलकुट, गुड़ वाली लइया के लड्डू और मूंगफली की पट्टी।
दोपहर का भोजन: खिचड़ी के चार यार:
बनारस की प्रसिद्ध कहावत है—"खिचड़ी के चार यार: दही, पापड़, घी, अचार"। सुगंधित नए चावल और काली उड़द की दाल की देसी घी वाली खिचड़ी, साथ में ताजा दही, सिका पापड़ और घर का आम या मिर्च का अचार।
सर्दियों का मलइयो:
सुबह के समय चौखंभा या थठेरी गली में जाकर सर्दियों की ओस में तैयार होने वाला हल्का केसरिया मलइयो जरूर चखें।
🏨 सही इलाके में ठहरें — डोर-टू-डोर ट्रांसफर के साथ
हमें अपनी पसंद (घाट किनारे, शांत बाहरी इलाका, या साफ-सुथरा कैंट) व बजट बताएं। हम भरोसेमंद होटल चुनते हैं और फिक्स्ड किराए वाला एयरपोर्ट/स्टेशन पिकअप जोड़ते हैं ताकि गलियों में सामान न घसीटना पड़े।
✅ भरोसेमंद होटल, सही इलाके·🧳 डोर-टू-डोर ट्रांसफर·📍 घाट / शांत / साफ ज़ोन·🛡️ कोई कमीशन झटका नहीं
9. कहाँ ठहरें (स्थानों की तुलना)
क्षेत्र
घाट से दूरी
लाभ
ध्यान देने योग्य बात
किनके लिए सही है
पुराने शहर के घाट
50–300 मी पैदल
सुबह सीधे स्नान हेतु सीढ़ियों पर; छतों से पतंगबाजी।
गाड़ियाँ नहीं जातीं; संकरी गलियों में सामान पैदल ले जाना होगा।
युवा, फोटोग्राफर और घाट पर रहने के इच्छुक यात्री।
लंका व रवींद्रपुरी
2–3.5 किमी
शांत आवासीय क्षेत्र; अस्सी घाट के पास; अच्छे रेस्तरां।
टैक्सियां सोनारपुरा पर रुकेंगी; 15 मिनट पैदल चलना होगा।
परिवार जो शांत माहौल चाहते हैं।
कैंटोनमेंट (कैंट)
5–7 किमी
बड़े 4/5 सितारा होटल, हीटिंग, लिफ्ट और पार्किंग की पूरी सुविधा।
घाट जाने के लिए सुबह कैब से ड्रॉप पॉइंट तक जाना होगा।
बुजुर्ग और बड़े होटलों में रुकने वाले यात्री।
10. मकर संक्रांति फिक्स्ड कैब दरें (जनवरी 2027)
सर्दियों की सुबह 04:30 बजे सड़क पर टैक्सी खोजना मुश्किल होता है और चालक मनमाना किराया मांगते हैं। काशी टैक्सी बिना किसी सर्ज के तयशुदा किराए पर सेवा देती है:
रूट / पैकेज
AC सेडान (Dzire)
फैमिली SUV (Ertiga)
प्रीमियम SUV (Innova)
12-सीटर टेंपो
17-सीटर टेंपो
विशेष विवरण
बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) पिकअप
₹899
₹1,299
₹1,799
₹2,500
₹3,000
रिंग रोड से सीधे बेनियाबाग/गिरजाघर ड्रॉप। फ्लाइट देरी की ट्रैकिंग शामिल।
वाराणसी कैंट (BSB) / बनारस स्टेशन
₹599
₹899
₹1,199
₹1,699
₹1,999
स्टेशन पिकअप से आउटर ड्रॉप पॉइंट तक। सामान में मदद शामिल।
पीडीडीयू जं. (मुगलसराय) पिकअप
₹1,199
₹1,599
₹2,199
₹2,899
₹3,499
एनएच-19 बाईपास मार्ग से, शहर के जाम से बचते हुए।
भोर स्नान पिकअप पैकेज (4 घंटे / 40 किमी)
₹1,600
₹2,000
₹2,400
₹3,200
₹3,800
चालक सुबह 05:00 बजे होटल पहुँचेगा ➔ गिरजाघर ड्रॉप ➔ गर्म गाड़ी स्टैंडबाय ➔ स्नान बाद सुरक्षित वापसी।
पूरे दिन का दर्शन पैकेज (8 घंटे / 80 किमी)
₹2,499
₹3,399
₹3,800
₹4,599
₹5,299
सुबह गंगा स्नान व विश्वनाथ धाम ➔ दोपहर सारनाथ ➔ शाम को आरती व होटल वापसी।
सभी किरायों में AC गाड़ी, चालक भत्ता, ईंधन, टोल व पार्किंग शामिल हैं। पैकेज से अधिक चलने पर: ₹12/किमी (सेडान), ₹15/किमी (SUV), ₹22/किमी (टेंपो)।
11. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)
वाराणसी में मकर संक्रांति 2027 कब मनाई जाएगी?
मकर संक्रांति 14 और 15 जनवरी 2027 दोनों दिन रहेगी। सूर्य का मकर राशि में प्रवेश 14 जनवरी की रात 09:06 बजे होने के कारण मुख्य पुण्यकाल शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को सुबह 06:46 से शाम 05:29 तक रहेगा। मुख्य स्नान, दान और विश्वनाथ मंदिर का खिचड़ी भोग 15 जनवरी को ही होगा।
महापुण्यकाल का समय क्या है?
शुक्रवार, 15 जनवरी 2027 को महापुण्यकाल सुबह 06:46 से 08:46 बजे तक (सूर्योदय के बाद प्रथम दो घंटे) रहेगा। यह समय गंगा स्नान और सूर्य अर्घ्य के लिए सबसे शुभ है।
रेती पर पतंगबाजी देखने कैसे जाएं?
दशाश्वमेध या अस्सी घाट से सुबह 10:00 बजे के बाद (कोहरा छंटने पर) नाव लें। शेयरिंग नाव ₹50–₹100 और निजी नाव ₹1,500–₹2,500 में आने-जाने के साथ मिलती है।
क्या गाड़ियां गोदौलिया तक जा सकती हैं?
नहीं। पुलिस गोदौलिया-दशाश्वमेध मार्ग पर चार पहिया वाहनों का प्रवेश रोक देती है। टैक्सियां बेनियाबाग पार्किंग (850 मी पैदल) या गिरजाघर चौराहे (600 मी पैदल) पर ही छोड़ती हैं।
बुजुर्गों के लिए क्या सावधानी रखनी चाहिए?
जनवरी की सुबह तापमान 7°C से 9°C रहता है। बुजुर्गों को सूर्य निकलने (सुबह 08:30 बजे) के बाद ही स्नान कराना चाहिए। गर्म कपड़े साथ रखें और वापसी के लिए आउटर गेट पर पहले से कैब बुक करके रखें।
काशी टैक्सी के साथ मकर संक्रांति यात्रा बुक करें
चाहे आपको भोर में 05:00 बजे गंगा स्नान के लिए कैब चाहिए, बुजुर्ग परिजनों के लिए स्टैंडबाय पर गाड़ी, या एयरपोर्ट से परिवार हेतु टेंपो—काशी टैक्सी तयशुदा किराए और स्थानीय अनुभवी ड्राइवरों के साथ सेवा देती है।