हर साल दिसंबर के अंतिम सप्ताह में कई यात्री यह सोचकर बनारस आते हैं कि यहाँ गोवा या मुंबई की तरह घाटों पर क्लब जैसी पार्टियां होंगी या नाव में डीजे लगाकर आधी रात को जश्न मनाया जाएगा। कुछ लोग यह भी सोचते हैं कि 1 जनवरी की सुबह उठकर वे आसानी से 15 मिनट में बाबा विश्वनाथ के दर्शन कर लेंगे।
हकीकत में बनारस का नया साल बिल्कुल अलग तरह से मनाया जाता है।
काशी में नए साल का स्वागत मौज-मस्ती के शोर से नहीं, बल्कि गहरी आस्था, गंगा की शांति और कड़े प्रशासनिक नियमों के बीच होता है। 1 जनवरी को अकेले श्री काशी विश्वनाथ धाम में 5 से 7 लाख श्रद्धालु साल का पहला दिन बाबा के चरणों में बिताने आते हैं। गंगा की लहरों पर जल पुलिस की मोटरबोट्स लगातार गश्त करती हैं ताकि नदी पर शराब या तेज़ लाउडस्पीकर का कोई इस्तेमाल न हो सके। बाबतपुर एयरपोर्ट पर सुबह का घना कोहरा उड़ानों को रोक देता है, और पुराने शहर के मुख्य चौराहे पूरी तरह पैदल यात्रियों के लिए आरक्षित कर दिए जाते हैं।
यदि आप इन ज़मीनी नियमों को समझकर योजना बनाएं, तो बनारस में नए साल का अनुभव जीवन भर याद रहने वाला बन जाता है। 2026 के अंतिम सूर्यास्त को शांत नाव से देखना, दशाश्वमेध घाट की भव्य महाआरती की लौ के सामने खड़ा होना, अस्सी घाट पर भोर में 'सुबह-ए-बनारस' के शंखनाद के साथ 2027 के पहले सूरज का स्वागत करना और चौक की गलियों में सुबह 7 बजे कुल्हड़ भर केसरिया मलइयो चखना—यह एक ऐसा अनुभव है जो किसी आधुनिक क्लब में कभी नहीं मिल सकता।
यहाँ 31 दिसंबर 2026 और 1 जनवरी 2027 को बिना किसी परेशानी, जाम या पुलिस रोक-टोक के सुखद यात्रा पूरी करने की पूरी व्यावहारिक गाइड दी जा रही है।
ज़मीनी हकीकत: क्या संभव है और क्या पूरी तरह प्रतिबंधित है?
होटल या टिकट बुक करने से पहले यह समझना आवश्यक है कि बनारस प्रशासन नए साल पर किन चीज़ों की अनुमति देता है:
पर्यटकों की आम सोच
बनारस की ज़मीनी हकीकत
सही व सुरक्षित विकल्प
नाव पर शराब व पार्टी
पूरी तरह अवैध व गैरकानूनी। नावों पर शराब पीना या डीजे बजाना सख्त मना है। पुलिस तुरंत नाव ज़ब्त कर चालान करती है।
शाम 05:00 से 06:30 बजे शांत सूर्यास्त नौका विहार करें, फिर किसी हेरिटेज रूफटॉप कैफे में परिवार संग स्वादिष्ट भोजन करें।
घाटों पर आधी रात तक क्लबिंग
रात 10 बजे साउंड कर्फ्यू लागू। घाट धार्मिक धरोहर हैं। यहाँ कोई खुले मंच या डीजे पार्टियां नहीं होती हैं।
रात 11:30 बजे अस्सी या दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों पर बैठें और आधी रात को गूंजते हर हर महादेव के सामूहिक उद्घोष का हिस्सा बनें।
1 जनवरी को तुरंत विश्वनाथ दर्शन
3 से 5 घंटे की आम कतार। 5 लाख से अधिक भक्त आते हैं। गर्भगृह में 'स्पर्श दर्शन' पूरी तरह बंद रहता है।
मंदिर न्यास की वेबसाइट से अग्रिम 'सुगम दर्शन' पास बुक करें, या सुबह 05:15–06:30 बजे अथवा दोपहर 02:45–04:15 बजे जाएं।
आधी रात को ऐप-कैब मिलना
ओला/उबर पूरी तरह ठप। आधी रात को ड्राइवर बुकिंग रद्द कर देते हैं या 2x–3x नकद सर्ज मांगते हैं।
पहले से फिक्स्ड किराए पर लोकल टैक्सी बुक रखें, जिसमें ड्राइवर का नंबर और तय पेरीमीटर पिकअप पॉइंट लिखित में हो।
सुबह की फ्लाइट समय पर उतरना
भीषण शीतकालीन कोहरा। सुबह 10:30 बजे से पहले बाबतपुर एयरपोर्ट पर दृश्यता 50 मीटर से कम होने से उड़ानें 1–3 घंटे लेट होती हैं।
दोपहर 12:00 से 03:30 बजे के बीच की उड़ानें चुनें, जब धूप निकलने से कोहरा पूरी तरह छंट चुका होता है।
31 दिसंबर 2026: न्यू ईयर ईव का समयबद्ध कार्यक्रम
साल के आखिरी दिन दोपहर के बाद से ही शहर का माहौल उत्सवमय हो जाता है।
सुबह 06:30 ── अस्सी पर पप्पू की नींबू चाय व कोहरे में सुबह की सैर
सुबह 11:00 ── सारनाथ स्तूप या रामनगर किला भ्रमण (पुराने शहर के जाम से बचाव)
दोपहर 03:30 ── जल पुलिस द्वारा रेती (बालू के पार) नाव ले जाने पर रोक
शाम 05:00 ── 2026 के अंतिम सूर्यास्त का 84 घाटों पर नौका विहार
शाम 06:30 ── दशाश्वमेध घाट पर भव्य वर्ष-समापन महा गंगा आरती
रात 08:30 ── बनारसी स्वाद: काशी चाट भंडार (टमाटर चाट) व गोदौलिया पान
रात 10:00 ── पुलिस द्वारा लाउडस्पीकर व साउंड सिस्टम बंद कराने का समय
रात 11:45 ── अस्सी या दशाश्वमेध घाट पर आधी रात का शांत समागम
1. दोपहर में सारनाथ या बाहरी शहर का भ्रमण (11:00 AM – 03:30 PM)
31 दिसंबर की दोपहर को गोदौलिया या मैदागिन के बाज़ारों में गाड़ी लेकर जाने की भूल न करें। अपनी प्री-बुक्ड कैब से सारनाथ (10 किमी उत्तर-पूर्व) जाएं। चौड़ी सड़कों, धमेख स्तूप के शांत हरे-भरे उद्यानों और वातानुकूलित पुरातत्व संग्रहालय में दोपहर बिताना शहर की भीड़-भाड़ से बचने का सबसे बेहतरीन उपाय है।
2. रेती (बालू) पर नाव ले जाने की समय-सीमा (04:00 PM)
कई नाविक पर्यटकों को सस्ते किराए का लालच देकर गंगा के उस पार रेतीले मैदान पर ले जाते हैं। 31 दिसंबर को जल पुलिस सुरक्षा कारणों से शाम 04:00 से 04:30 बजे के बीच उस पार नावें ले जाना पूरी तरह रोक देती है। यदि आप उस पार रह गए तो लौटना अत्यंत कठिन और असुरक्षित हो जाएगा। हमेशा शहर की तरफ के पक्के घाटों पर ही रहें।
3. वर्ष का अंतिम सूर्यास्त नौका विहार (05:00 PM – 06:15 PM)
शाम 5 बजे के आसपास दशाश्वमेध, अस्सी या नमो घाट से अपनी आरक्षित नाव पर सवार हों। लगभग 05:25 बजे शीतकालीन सूर्य चेतसिंह और दरभंगा घाट के विशाल महलों के पीछे अस्त होता है। चप्पू वाली नाव से शांत जलधारा पर बहते हुए दोनों श्मशान घाटों (मणिकर्णिका व हरिश्चंद्र) को पार करना जीवन और समय की क्षणभंगुरता का अद्भुत बोध कराता है।
4. दशाश्वमेध घाट पर वर्ष-समापन महा गंगा आरती (06:30 PM – 07:45 PM)
गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित सायंकालीन महाआरती 31 दिसंबर को अत्यंत भव्य होती है। घाट की सीढ़ियों पर 40,000 से 50,000 लोगों का जनसैलाब उमड़ता है।
देखने की सही रणनीति: 12°C की ठंडी रात में बुजुर्गों या बच्चों के साथ दो घंटे पत्थरों पर बैठना थका देने वाला हो सकता है। आरती मंचों के ठीक सामने नदी में लंगर डाले नाव पर सीट आरक्षित करना सबसे आरामदायक होता है, जहाँ से बिना किसी धक्के-मुक्के के स्पष्ट दर्शन होते हैं।
5. आधी रात का घाट समागम (11:30 PM – 12:30 AM)
बनारस में कोई सरकारी आतिशबाजी का प्रदर्शन नहीं होता। इसके स्थान पर हज़ारों स्थानीय लोग और सैलानी अस्सी और दशाश्वमेध घाट की सीढ़ियों पर शांति से बैठते हैं। रात के ठीक 12:00 बजते ही गंगा के दोनों किनारों से "हर हर महादेव" का एक समवेत जयघोष गूंज उठता है और पानी में हज़ारों मिट्टी के दीये प्रवाहित किए जाते हैं।
🎉 वाराणसी में नया साल 2027: प्री-बुक्ड कैब, घाट ड्रॉप व ज़ीरो सर्ज गारंटी
न्यू ईयर सप्ताह (31 दिसंबर 2026 – 1 जनवरी 2027) में काशी आ रहे हैं? आधी रात को ऐप-कैब कैंसिलेशन और 3x मनमाने किराए से बचें। हम शीतकालीन कोहरे की ट्रैकिंग सहित फिक्स्ड एयरपोर्ट/स्टेशन ट्रांसफर, बेनियाबाग व मैदागिन निकटतम पार्किंग ड्रॉप, बुजुर्गों हेतु स्टैंडबाय गाड़ियां और बिना किसी हॉलिडे सर्ज के पक्की सेवा उपलब्ध कराते हैं।
₹899 फिक्स्ड AC सेडान (डिजायर) / ₹1,299 अर्टिगा एयरपोर्ट ट्रांसफर — कोहरे की देरी का 45 मिनट निःशुल्क इंतजार
बेनियाबाग (गेट 4 से 650 मी) व मैदागिन टाउन हॉल पार्किंग का निकटतम पेरीमीटर ड्रॉप
आधी रात व भोर में स्टैंडबाय कैब — जब ऐप-टैक्सियां मिलना बंद हो जाती हैं
परिवारों व ग्रुप्स हेतु 12 व 17-सीटर लग्जरी टेम्पो ट्रेवलर
🎉 बेनियाबाग व मैदागिन निकटतम ड्रॉप·🚫 बिना किसी न्यू ईयर सर्ज चार्ज के·✈️ 45 मिनट कोहरा फ्लाइट डिले ट्रैकिंग·🛡️ लिखित में पक्का फिक्स्ड किराया
1 जनवरी 2027: नए साल का पहला दिन व दर्शन रणनीति
नए साल का पहला दिन वाराणसी में पूरे शीतकाल का सबसे व्यस्त धार्मिक दिन होता है। लाखों श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के आशीर्वाद से अपने नए साल की शुरुआत करते हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर: 1 जनवरी के कड़े नियम
1 जनवरी को मंदिर न्यास विशेष भीड़ नियंत्रण नियम लागू करता है:
स्पर्श दर्शन पूर्णतः बंद: गर्भगृह के अंदर भीड़ को ठहरने से रोकने के लिए पूरे दिन शिवलिंग को स्पर्श करना प्रतिबंधित रहता है। सभी भक्तों को चारों चांदी के द्वारों के बाहर से 'झांकी दर्शन' कराया जाता है।
ऑनलाइन सुगम दर्शन पास (₹300): यह नए साल के दिन सबसे उपयोगी टिकट है। यह पास आपको गेट 4 (ज्ञानवापी) या गेट 2 (गंगा द्वार) के बैरिकेड वाले एक्सप्रेस रास्ते से ले जाता है, जिससे 4 घंटे की कतार घटकर मात्र 45 से 75 मिनट रह जाती है। यह कोटा shrikashivishwanath.org पर 30 दिन पहले खुलता है और कुछ ही दिनों में भर जाता है। इसे दिसंबर की शुरुआत में ही बुक कर लें।
दर्शन हेतु समय का चयन:
सबसे खराब समय (बिल्कुल न जाएं): सुबह 08:30 से दोपहर 01:00 बजे। इस दौरान कतार गोदौलिया चौराहे तक पहुंच जाती है।
पहला उत्तम समय (भोर): सुबह 05:15 से 06:30 बजे, मंगला आरती समाप्त होने के तुरंत बाद।
दूसरा उत्तम समय (दोपहर बाद): दोपहर 02:45 से 04:15 बजे, दोपहर भोग आरती के बाद और शाम की सप्तऋषि आरती से पहले।
पत्थर के फर्श की ठंड से बचाव का नुस्खा: मोबाइल, चमड़े की बेल्ट और जूते बाहर लॉकर में रखने होते हैं। 1 जनवरी को 8°C–10°C की सुबह में संगमरमर के फर्श पर नंगे पैर खड़े रहने से पैर सुन्न हो जाते हैं। मोटे, साफ ऊनी मोज़े पहनकर जाएं। मंदिर सुरक्षाकर्मी मोज़े पहनकर अंदर जाने की अनुमति देते हैं। मोबाइल और कीमती सामान अपने होटल में ही छोड़ आएं ताकि लॉकर की 45 मिनट की अतिरिक्त लाइन से बचा जा सके।
अस्सी घाट पर 2027 के प्रथम सूर्योदय का स्वागत (05:00 AM – 07:30 AM)
मंदिर जाने से पहले अपने नए साल का शुभारंभ अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस से करें:
05:00 AM: पाणिनी कन्या महाविद्यालय की विदुषी कन्याओं द्वारा प्रभाती वैदिक मंगलाचरण।
05:30 AM: क्षितिज पर लालिमा छाते ही प्रभात गंगा आरती।
06:15 AM: खुले मंच पर सुबह के शास्त्रीय रागों का गायन-वादन।
06:45 AM: घाट की सीढ़ियों पर सामूहिक योगाभ्यास।
सुबह की आरती के तुरंत बाद चप्पू वाली नाव लेकर कोहरे की चादर ओढ़े गंगा में उतरना और 2027 के पहले सूरज की किरणों को प्रणाम करना अवर्णनीय आनंद देता है।
शीतकालीन कोहरे से बचाव: हवाई जहाज, ट्रेन व सड़क मार्ग
दिसंबर का अंतिम सप्ताह और जनवरी का पहला पखवाड़ा पूर्वांचल में घने कोहरे का चरम समय होता है।
बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) दिशा-निर्देश
सुबह की उड़ानें (06:00 AM – 10:30 AM): घने कोहरे के कारण 1 से 3 घंटे की देरी या लखनऊ/दिल्ली डायवर्ट होने का सबसे अधिक जोखिम।
दोपहर की उड़ानें (12:00 PM – 03:30 PM): सबसे सुरक्षित समय। सुबह 11 बजे तक खिली धूप कोहरे को हटा देती है, जिससे ये उड़ानें सामान्य समय पर चलती हैं।
अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट्स: यदि 1 या 2 जनवरी को दिल्ली या मुंबई से आपकी आगे की विदेश यात्रा है, तो वाराणसी से केवल 2 घंटे का घरेलू गैप न रखें। कम से कम 6 से 8 घंटे का बफर रखें, या एक दिन पहले दोपहर की फ्लाइट से दिल्ली पहुँच जाएं।
रेलवे स्टेशन ट्रांसफर
वाराणसी जंक्शन (कैंट), बनारस स्टेशन (मंडुवाडीह) और पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन (डीडीयू, 18 किमी दूर) पर भारी भीड़ रहती है। दिल्ली और बिहार की ओर से आने वाली ट्रेनें कोहरे में 2 से 5 घंटे लेट हो सकती हैं। काशी टैक्सी पर गाड़ी बुक करते समय अपना PNR नंबर अवश्य साझा करें ताकि ड्राइवर ट्रेन की वास्तविक स्थिति ट्रैक कर सके और कोई वेटिंग चार्ज न लगे।
ट्रैफिक डायवर्जन व 4 प्रमुख पेरीमीटर पार्किंग ड्रॉप
31 दिसंबर की दोपहर से 1 जनवरी की आधी रात तक वाराणसी ट्रैफिक पुलिस पुराने शहर में सभी निजी चारपहिया वाहनों और टैक्सियों के प्रवेश पर रोक लगा देती है।
ड्राइवर से गोदौलिया या दशाश्वमेध ले जाने का आग्रह न करें क्योंकि पुलिस बैरिकेड्स गाड़ी को आगे नहीं जाने देंगे। अपनी कैब को इन 4 तय पेरीमीटर पार्किंग स्थलों पर ले जाएं:
पेरीमीटर ड्रॉप पॉइंट
गंतव्य तक पैदल दूरी
किसके लिए सबसे उपयुक्त
पैदल मार्ग की स्थिति
1. बेनियाबाग मल्टी-लेवल पार्किंग
650 मी (8–10 मिनट पैदल)
काशी विश्वनाथ गेट 4 (बांसफाटक) व गोदौलिया
नई सड़क से होकर चौड़ा पक्का रास्ता। हल्का ढलान, परिवारों हेतु सुगम। गिरजाघर तक ई-रिक्शा भी उपलब्ध।
2. मैदागिन टाउन हॉल पार्किंग
750 मी (9–12 मिनट पैदल)
काशी विश्वनाथ गेट 1 (चौक), काल भैरव व चौखंभा
चौक बाज़ार से सीधा समतल रास्ता। उत्तरी मंदिरों व सुबह की मलइयो दुकानों हेतु सर्वोत्तम।
3. गिरजाघर चौराहा (लक्सा रोड)
700 मी (8–10 मिनट पैदल)
गोदौलिया चौराहा व दशाश्वमेध घाट
बेनियाबाग भरने पर लक्सा की ओर से उपयोग। गोदौलिया तक सीधा सपाट पैदल मार्ग।
4. भेलूपुर जलकल / रवींद्रपुरी मोड़
800 मी (10–12 मिनट पैदल)
अस्सी घाट, तुलसी घाट व दक्षिणी होटल
आनंदमयी अस्पताल के सामने से चौड़ा समतल मार्ग। नदी किनारे पहुँचने का सबसे शांत व जाम-मुक्त रास्ता।
नए साल की सुबह बनारसी नाश्ते का स्वाद
सुबह के दर्शन या नौका विहार के बाद बनारस का परंपरागत नाश्ता दिन बना देता है:
राम भंडार (ठठेरी बाज़ार, चौक): सुबह 7:00 बजे खुलता है। उड़द दाल की खस्ता कचौड़ी, बिना लहसुन-प्याज वाली स्वादिष्ट कद्दू-आलू-चना सब्ज़ी और गरमा-गरम रसीली जलेबी। संकरी गली में 15 मिनट लाइन में खड़े रहने की तैयारी रखें।
सर्दियों का खास मलइयो (चौखंभा व ठठेरी बाज़ार): यह केवल नवंबर से फरवरी तक मिलता है। रात भर ओस में रखकर तैयार किया गया कच्चे दूध का केसरिया झागदार मिष्ठान, जो मिट्टी के कुल्हड़ में पिस्ता-बादाम डालकर परोसा जाता है (₹50–₹80 प्रति कुल्हड़)।
काशी चाट भंडार (गिरजाघर/गोदौलिया): दोपहर 4 बजे के बाद यहाँ की प्रसिद्ध टमाटर चाट ज़रूर खाएं—देसी घी में पके मसालेदार टमाटर, ऊपर से चाशनी, नींबू और खस्ता नमकपारे का अनूठा मेल।
पप्पू की चाय (अस्सी चौराहा): मिट्टी के कुल्हड़ में नींबू वाली काली चाय या मलाईदार दूध वाली चाय की चुस्कियों के साथ स्थानीय गपशप।
2-दिवसीय नए साल का बनारस यात्रा प्लान (31 दिस 2026 – 1 जन 2027)
पहला दिन: न्यू ईयर ईव (31 दिसंबर 2026)
दोपहर 11:30: बाबतपुर एयरपोर्ट या कैंट स्टेशन आगमन। प्री-बुक्ड काशी टैक्सी से होटल ट्रांसफर।
दोपहर 01:00: होटल या सिगरा के किसी अच्छे रेस्तरां में दोपहर का भोजन।
दोपहर 02:30: कैब से सारनाथ प्रस्थान; धमेख स्तूप व डियर पार्क का सुहावनी धूप में भ्रमण।
शाम 05:15: वर्ष के अंतिम सूर्यास्त का आनंद लेने हेतु 84 घाटों की निजी नौका पर सवार हों।
शाम 06:30: नाव पर बैठे-बैठे दशाश्वमेध घाट की भव्य महा गंगा आरती के दर्शन।
रात 08:15: दशाश्वमेध पर उतरकर गोदौलिया व काशी चाट भंडार पर बनारसी खान-पान।
रात 11:30: अस्सी घाट की सीढ़ियों पर शांत चिंतन और आधी रात को हर हर महादेव का जयघोष।
दूसरा दिन: नव वर्ष प्रभात (1 जनवरी 2027)
सुबह 05:15: अस्सी घाट पर सुबह-ए-बनारस की आरती, शंखनाद व शास्त्रीय संगीत।
सुबह 06:30: 2027 के पहले सूरज का स्वागत करने हेतु 1 घंटे का प्रातःकालीन नौका विहार।
सुबह 08:00: चौखंभा में नाश्ता: हींग की कचौड़ी, जलेबी और ताज़ा केसरिया मलइयो।
सुबह 09:30: होटल लौटकर थोड़ा विश्राम।
दोपहर 02:30: प्री-बुक्ड कैब आपको बेनियाबाग पार्किंग छोड़ेगी; गेट 4 बांसफाटक की ओर चलें।
दोपहर 03:00: दोपहर के शांत समय में पहले से बुक 'सुगम दर्शन' पास से बाबा विश्वनाथ के सुलभ दर्शन।
शाम 04:45: निकटवर्ती काल भैरव मंदिर जाकर पूरे साल की सुरक्षा का 'भैरव गंडा' (काला धागा) बंधवाएं।
शाम 07:00: किसी रूफटॉप रेस्तरां से जगमगाते घाटों को निहारते हुए शांतिपूर्ण रात्रिभोज।
नए साल पर फिक्स्ड वाहन किराया सूची
त्योहारों व नए साल पर ऐप-टैक्सियां और सड़क के ऑटो 2 से 3 गुना तक मनमाना किराया वसूलते हैं। काशी टैक्सी पूरी पारदर्शिता के साथ पहले से तय फिक्स्ड रेट पर गाड़ियां उपलब्ध कराती है, जिसमें टोल, पार्किंग और ड्राइवर शुल्क शामिल रहते हैं:
सेवा का प्रकार
गाड़ी का मॉडल
बैठने की क्षमता
फिक्स्ड हॉलिडे किराया
सेवा विवरण व शर्तें
एयरपोर्ट पिकअप / ड्रॉप
AC सेडान (डिजायर / इटिओस)
4 सवारी
₹899
बाबतपुर एयरपोर्ट ⇄ होटल। कोहरे में 45 मिनट तक फ्लाइट डिले ट्रैकिंग, टोल व पार्किंग शामिल।
एयरपोर्ट पिकअप / ड्रॉप
AC SUV (अर्टिगा)
6 सवारी
₹1,299
बड़े सूटकेस व पारिवारिक सामान हेतु। बिना किसी पीक सर्ज के।
एयरपोर्ट पिकअप / ड्रॉप
लग्जरी इनोवा क्रिस्टा
6 सवारी
₹1,800
कैप्टन सीट्स, अधिक लेगरूम, पेशेवर वर्दीधारी ड्राइवर।
एयरपोर्ट ग्रुप ट्रांसफर
12-सीटर टेम्पो ट्रेवलर
12 सवारी
₹2,200
हाई-रूफ लग्जरी टेम्पो, लगेज कैरियर व एयरपोर्ट पार्किंग शामिल।
एयरपोर्ट ग्रुप ट्रांसफर
17-सीटर टेम्पो ट्रेवलर
17 सवारी
₹2,500
2x1 पुशबैक सीट्स, व्यक्तिगत एसी वेंट्स, पारिवारिक व कॉर्पोरेट ग्रुप्स।
पूरे दिन एसी आराम, बुजुर्गों हेतु आसान फुटस्टेप, स्टैंडबाय ड्राइवर।
ग्रुप टूर (8 घंटे / 80 किमी)
17-सीटर टेम्पो ट्रेवलर
17 सवारी
₹4,250
पूरे परिवार का एक साथ भ्रमण, अलग-अलग टैक्सियों में बिखरने की ज़रूरत नहीं।
शेयर्ड सूर्यास्त / सनराइज नाव
पारंपरिक लकड़ी की मोटरबोट
प्रति सीट
₹450–₹500
90 मिनट का घाट भ्रमण, लाइफ जैकेट अनिवार्य, आरती के सामने ठहराव।
प्राइवेट चप्पू नाव (सूर्यास्त/भोर)
हाथ से चलने वाली लकड़ी की नाव
अधिकतम 6 सवारी
₹1,800–₹2,500
समर्पित नाविक, शांत गति, बिना शोर की नौका, आरती के सामने रुकावट।
नोट: वाहन किराए में गाड़ी, ईंधन, ड्राइवर, टोल और पार्किंग शामिल हैं। इसमें मंदिर दर्शन टिकट या पूजा शुल्क शामिल नहीं है। सुगम दर्शन पास श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास की आधिकारिक वेबसाइट से ही प्राप्त करें।
वाराणसी में अपने पते से पिकअप चाहिए?
पिकअप पिन और यात्रा की जानकारी भेजें। डिस्पैच मिलने की जगह, गाड़ी और कुल किराया बताएगा।
पैदल चलने की तैयारी: पुराने शहर में गलियों व सीढ़ियों पर 1 से 2 किमी पैदल चलना पड़ता है। बुजुर्गों हेतु बेनियाबाग से बांसफाटक तक ई-रिक्शा लें या काशी विश्वनाथ गेट 4 से व्हीलचेयर की सुविधा का उपयोग करें।
गर्म कपड़ों का प्रबंध: शाम को नदी की हवा में तापमान तेज़ी से गिरता है। शाम को नाव पर जाते समय इनर थर्मल्स, कानों को ढकने वाली टोपी और विंडप्रूफ जैकेट अवश्य पहनें।
ग्रुप ट्रांसफर का लाभ: नए साल की भीड़ में 12-15 लोगों के परिवार को तीन अलग-अलग ऐप-कैब में बांटने पर किसी का भटक जाना या गलत बैरिकेड पर छूट जाना आम बात है। एक ही 12 या 17-सीटर टेम्पो ट्रेवलर करने से पूरा परिवार एक साथ रहता है और समय बचता है।
काशी टैक्सी से न्यू ईयर गाड़ी कैसे बुक करें?
नए साल की बुकिंग हेतु संपर्क करते समय कृपया निम्न विवरण साझा करें:
यात्रा की तारीखें: आगमन व प्रस्थान की पक्की तारीख (जैसे 31 दिसंबर 2026 – 2 जनवरी 2027)।
सवारियों व सामान की संख्या: ताकि उचित वाहन (सेडान, अर्टिगा, इनोवा या टेम्पो ट्रेवलर) आवंटित किया जा सके।
उड़ान या ट्रेन का विवरण: फ्लाइट नंबर या ट्रेन PNR ताकि कोहरे में देरी होने पर ड्राइवर समय पर मिले।
होटल का पता: ताकि सबसे निकटतम सुगम पेरीमीटर ड्रॉप तय किया जा सके।