होली 2027 वाराणसी: 21–22 मार्च होलिका दहन, घाट रंगोत्सव व कैब बुकिंग

बनारस में होली पूरे घाट क्षेत्र और पुरानी बस्तियों में फैल जाती है। घाट के नजदीकी होटल और गेस्टहाउस तीन से चार महीने पहले ही भर जाते हैं। रंगवाली होली की सुबह 08:00 बजे के बाद शहर के सामान्य ऑटो और ऐप कैब चलना बंद कर देते हैं।

इस पृष्ठ पर 2027 की सटीक तिथियां, होलिका दहन का समय, घाटों की स्थिति, सुरक्षा सावधानियां और आवागमन के ठोस उपाय दिए गए हैं।


1. वर्ष 2027 के लिए तय तिथियां व समय

पंचांग के अनुसार वर्ष 2027 में होली का कार्यक्रम इस प्रकार है:

पर्वदिनांकसमयमुख्य विवरण
होलिका दहन (सम्मत पूजन)रविवार, 21 मार्च 2027शाम 06:45 से 08:30 बजे (प्रदोष काल)गोदौलिया, दशाश्वमेध, अस्सी और चेतगंज पर काष्ठ सम्मत का दहन। लोग परिक्रमा करते हैं, गेहूं की हरी बालियां भूनते हैं और फाग गाते हैं।
रंगवाली होली (धुलंडी / रंगोत्सव)सोमवार, 22 मार्च 2027सुबह 06:02 (सूर्योदय) से दोपहर 01:30 बजे (शहरव्यापी समाप्ति)84 घाटों, पुरानी गलियों और बीएचयू में रंगों का उल्लास। ढोल-ताशा, अबीर-गुलाल और गंगा स्नान।
होली मिलन व सांध्य आरतीसोमवार, 22 मार्च 2027शाम 04:30 से रात 08:00 बजेस्नान के बाद साफ कपड़े पहनना, मिठाई बांटना और शाम 06:30 बजे दशाश्वमेध घाट की गंगा आरती में शामिल होना।

पंचांग विवरण: द्रिक पंचांग के अनुसार फाल्गुन पूर्णिमा तिथि रविवार, 21 मार्च 2027 की शाम 06:21 बजे शुरू होकर सोमवार, 22 मार्च 2027 की शाम 04:13 बजे समाप्त होगी। पूर्णिमा तिथि रविवार सूर्यास्त के तुरंत बाद शुरू होने से होलिका दहन 21 मार्च की रात प्रदोष काल में होगा। रंगों का पर्व सोमवार सुबह सूर्योदय से शुरू होगा।


2. काशी में उत्सव का बहु-दिवसीय क्रम

बनारस में मुख्य होली से पहले कई पारंपरिक आयोजन होते हैं:

  1. रंगभरी एकादशी (गुरुवार, 18 मार्च 2027): बाबा विश्वनाथ माता पार्वती का गौना कराकर काशी लाते हैं। टेढ़ी नीम से रजत पालकी निकलती है और विश्वनाथ मंदिर परिसर में अबीर उड़ाया जाता है।
  2. मसान होली (शुक्रवार, 19 मार्च 2027): मणिकर्णिका घाट पर दोपहर की आरती के बाद चिता भस्म और गुलाल से होली खेली जाती है। नाव से देखने की जानकारी के लिए हमारी मणिकर्णिका मसान होली जानकारी देखें।
  3. होलिका दहन (रविवार, 21 मार्च 2027): चौराहों और घाटों पर शाम को पवित्र अग्नि पूजन।
  4. रंगोत्सव (सोमवार, 22 मार्च 2027): सुबह से दोपहर 01:30 बजे तक सभी 84 घाटों पर मुख्य रंग।
  5. बुढ़वा मंगल (अप्रैल 2027): होली के बाद पड़ने वाले पहले मंगलवार को गंगा में पारंपरिक संगीत बजरे।

3. होलिका दहन: रविवार शाम, 21 मार्च 2027

होलिका दहन की शाम मोहल्ले के लोग मिलकर लकड़ी और उपलों से ऊंचे सम्मत तैयार करते हैं।

होलिका दहन के पावन अवसर पर बनारस के घाटों का दृश्य

सम्मत दहन के प्रमुख स्थान

  • गोदौलिया चौराहा: मुख्य बाजार का केंद्र, जहाँ व्यापारी और स्थानीय निवासी बड़ी संख्या में जुटते हैं।
  • दशाश्वमेध घाट: सीधे घाट की पत्थर की सीढ़ियों पर सम्मत जलाया जाता है।
  • अस्सी घाट: खुला वातावरण, जहाँ संगीत प्रेमी और स्थानीय परिवार एकत्र होते हैं।
  • चेतगंज व मैदागिन: यहाँ ढोलक और झाल के साथ देर तक भोजपुरी फाग गाया जाता है।

शाम की जरूरी बातें

  • गेहूं की बाली (होला) भूनना: घाटों पर कच्‍ची गेहूं और जौ की बालियां मिलती हैं। लोग इन्हें सम्मत की अग्नि में भूनकर प्रसाद रूप में ग्रहण करते हैं।
  • पहुँचने का समय: गोदौलिया या दशाश्वमेध पर सम्मत देखना हो तो शाम 05:30 बजे तक पहुँचें। शाम 06:15 बजे के बाद पुलिस बैरिकेड लगा देती है और वाहन अंदर नहीं जा सकते।

4. सोमवार, 22 मार्च 2027 को कहाँ जाएं

बनारस के अलग-अलग इलाकों में भीड़ और माहौल का स्तर अलग रहता है:

स्थानभीड़ का प्रकारभीड़ का घनत्वकिसके लिए ठीक हैक्या देखने को मिलेगा
अस्सी घाटसैलानी, छात्र, स्थानीय परिवारमध्यमपहली बार आने वाले, महिलाएं, युगल, फोटोग्राफरचौड़ी सीढ़ियां, खुली हवा, ढोल वादक, सूखा गुलाल, पानी की बाल्टियां, बाहर निकलने का खुला रास्ता।
दशाश्वमेध घाटतीर्थयात्री, स्थानीय युवाअत्यधिकतेज ऊर्जा वाले युवाखचाखच भरी सीढ़ियां, तेज लाउडस्पीकर, भीगने वाला रंग। सुबह 10 से दोपहर 1 बजे के बीच निकलना कठिन।
पुरानी गलियां (चौक, विश्वनाथ गली)स्थानीय निवासीबहुत घनासघन उत्सव चाहने वाले समूहसंकरी गलियां, छतों से फेंकी जाती बाल्टियां, पक्के रंग। अकेले जाने से बचें।
बीएचयू परिसर (लंका गेट)विश्वविद्यालय के छात्रमध्यम से घनाछात्र व युवाव्यवस्थित परिसर, सुरक्षा व्यवस्था, चौड़े रास्ते।
होटल की छतेंहोटल के मेहमानकमपरिवार, वरिष्ठ नागरिकसूखा प्राकृतिक गुलाल, नाश्ता, नदी का नजारा।

अस्सी घाट क्यों उपयुक्त है

यदि आप पहली बार काशी में हैं, तो सुबह 08:30 से 11:30 बजे के बीच अस्सी घाट का रुख करें। यहाँ सीढ़ियां चौड़ी हैं और जरूरत पड़ने पर आप पीछे हट सकते हैं। ढोल वाले किनारे पर बैठते हैं और लोग नाचते हुए अबीर लगाते हैं। कपड़े यहाँ भी भीगेंगे, पर माहौल सहज रहता है।

🎨 वाराणसी में होली खेल रहे हैं? सुबह 8 बजे से पहले कैब तय करें
रंगवाली होली (22 मार्च 2027) की सुबह 8 बजे के बाद बनारस में ऑटो, ई-रिक्शा और ऐप कैब पूरी तरह बंद हो जाते हैं। हम फिक्स्ड किराए पर एयरपोर्ट/स्टेशन ट्रांसफर, सीट-कवर युक्त स्टैंडबाय गाड़ियां और पारदर्शी ₹200–300 क्लीनिंग चार्ज के साथ सुरक्षित कैब देते हैं ताकि आप कहीं फंसे नहीं।
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5. सुबह 08:00 बजे की ट्रांसपोर्ट बंदी

यह बाहर से आने वाले लोगों के लिए सबसे जरूरी सूचना है: होली की सुबह सड़क पर ऑटो या ऐप कैब मिलने की उम्मीद न रखें।

22 मार्च 2027 को क्या होता है

  • सुबह 06:00 से 07:30 बजे: सड़कें सामान्य रहती हैं। पहले से बुक गाड़ियां होटल तक जा सकती हैं।
  • सुबह 08:00 से दोपहर 01:30 बजे: पब्लिक ट्रांसपोर्ट बंद। ऑटो, ई-रिक्शा और सामान्य टैक्सियां बंद हो जाती हैं। रंगीन पानी से सीटों और बैटरी को नुकसान होता है, इसलिए चालक गाड़ियां बाहर नहीं निकालते।
  • मोबाइल ऐप (Uber और Ola): स्क्रीन पर "नो कैब अवेलेबल" दिखता है या भारी किराया आता है।
  • पुलिस बैरिकेड: गोदौलिया, दशाश्वमेध, चौक और अस्सी के अंदरूनी मार्गों पर चार पहिया वाहन प्रतिबंधित रहते हैं।

22 मार्च को ट्रेन या फ्लाइट है? यदि आपकी सोमवार दोपहर या शाम को बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) से फ्लाइट या कैंट स्टेशन (BSB) से ट्रेन है, तो रविवार शाम (21 मार्च) तक ही प्राइवेट कैब बुक कर लें। सोमवार सुबह साधन नहीं मिलेगा।

काशी टैक्सी की व्यवस्था

  1. सीट कवर सुरक्षा: हमारी गाड़ियों की सीटों और दरवाजों पर रविवार रात ही प्लास्टिक की शीट लगा दी जाती है। इससे यदि यात्री के कपड़ों पर हल्का रंग भी हो तो गाड़ी साफ रहती है।
  2. बाहरी पिकअप पॉइंट: चालक पुलिस द्वारा अनुमत बाहरी स्थानों (जैसे सिगरा आईपी मॉल, बेनियाबाग पार्किंग या रवींद्रपुरी) पर खड़े रहते हैं, जहाँ से जाम में फंसे बिना निकला जा सके।
  3. पारदर्शी क्लीनिंग चार्ज: होली पर चलने वाली गाड़ियों के लिए ₹200 से ₹300 का सफाई शुल्क लिया जाता है। यह यात्रा के बाद गाड़ी की स्टीम वॉश और गुलाल हटाने के लिए होता है, जिससे मूल किराया तय रहता है।

6. जरूरी सुरक्षा व सावधानियां

कुछ बुनियादी बातों का ध्यान रखने से दिन बिना परेशानी के बीतता है:

1. तेल लगाएं

कमरे से निकलने से आधा घंटा पहले चेहरे, सिर, गर्दन, कानों और हाथों पर नारियल तेल या सरसों तेल मल लें। होठों, कानों के पीछे और नाखूनों पर वैसलीन लगाएं। तेल की परत रंगों को त्वचा के अंदर नहीं जाने देती, जिससे नहाने पर रंग तुरंत उतर जाता है।

2. आँख और फोन बचाएं

  • धूप का चश्मा पहनें: उड़ता हुआ सूखा गुलाल आँखों में चुभ सकता है। पुराना चश्मा आँखों की सुरक्षा करता है।
  • वाटरप्रूफ फोन पाउच: फोन को सीधी जेब में न रखें। वाटरप्रूफ मोबाइल पाउच (IPX8) गले में लटकाकर कुर्ते के अंदर रखें।
  • थोड़ा नकद रखें: एटीएम कार्ड और महंगे सामान कमरे में रखें। केवल ₹500 से ₹1,000 नकद एक छोटी पॉलीथिन में रखकर जेब में रखें।

3. महिला यात्रियों के लिए

  • अस्सी घाट या बीएचयू जैसे खुले स्थानों पर रहें। चौक या बंगाली टोला की बंद गलियों में जाने से बचें।
  • समूह में चलें।
  • यदि कोई पक्के पेंट के साथ आए तो हाथ जोड़कर मना करें: "नहीं, सिर्फ अबीर", लोग बात समझ जाते हैं।
  • किसी आपात जरूरत के लिए हमारी हेल्पलाइन (+91 99354 74730) फोन में रखें।

7. खान-पान, ठंडाई व भांग

त्योहार पर बनारसी मिठाइयों और पेय पदार्थों की मांग बढ़ जाती है:

मिट्टी के कुल्हड़ में परोसी गई बनारसी ठंडाई

ठंडाई: सादा बनाम भांग

असली ठंडाई ठंडे दूध, बादाम, मगज, सौंफ, गुलाब जल और काली मिर्च से बनती है। यह पौष्टिक और बिना किसी नशे की होती है।

बनारस में सरकारी भांग के ठेके हैं और त्योहार पर ठंडाई में भांग मिलाई जाती है:

  • असर में देरी: भांग का असर पेट में जाने के 45 से 90 मिनट बाद शुरू होता है। असर न दिखने पर जल्दबाजी में दूसरा गिलास पीने से चक्कर और भारीपन हो सकता है।
  • दुकान पर क्या कहें: आर्डर देते समय स्पष्ट पूछें: "भांग वाली है या सादा?"। यदि नशा नहीं चाहिए तो कहें: "सादा ठंडाई"। घाटों पर अनजान लोगों से खुली ठंडाई न लें।
  • भरोसेमंद दुकानें: गोदौलिया चौराहा, चौक और अस्सी चौराहे की पुरानी दुकानों पर साफ ठंडाई मिलती है।

पारंपरिक व्यंजन

  • गुजिया: मावा (खोया), सूखा नारियल, किशमिश और इलायची से भरी करारी गुजिया।
  • मालपुआ: किनारों से कुरकुरे और चाशनी में डूबे मालपुए।
  • दही वड़ा: मुलायम उड़द दाल के भल्ले, मीठा दही, भुना जीरा और इमली की चटनी।

8. होली 2027 में कहाँ ठहरें

गाड़ियों के आवागमन पर रोक के कारण होटल का स्थान महत्वपूर्ण है:

इलाकालाभसीमाएंअनुमानित दर
अस्सी घाटकमरे से निकलते ही उत्सव; कैफे और घाट पास में।मांग अधिक; पहले से बुक हो जाता है; रात में शोर।₹2,500 – ₹8,000 / रात
कैंटोनमेंट (नदेसर / कैंट)शांत माहौल; ताज गैंजेस जैसे बड़े होटल; एयरपोर्ट रोड से सीधा जुड़ाव।घाट से 6 किमी दूर; घाट जाने के लिए सुबह 07:30 से पहले कैब चाहिए।₹4,500 – ₹18,000 / रात
सिगरा / भेलूपुरबीच का स्थान; बेनियाबाग व गिरजाघर से पैदल दूरी; अच्छे होटल।नदी किनारे नहीं है; घाट तक 15 मिनट चलना होगा।₹1,800 – ₹5,000 / रात
दशाश्वमेध / गोदौलियामुख्य केंद्र में; विश्वनाथ मंदिर के करीब।गाड़ियां नहीं पहुँच सकतीं; सामान पैदल ले जाना पड़ता है; भारी शोर।₹1,500 – ₹4,500 / रात

9. फिक्स्ड कैब दरें (मार्च 2027)

काशी टैक्सी की दरें पहले से तय और पारदर्शी हैं:

रूट / सेवाAC सेडान (Dzire)फैमिली SUV (Ertiga)प्रीमियम SUV (Innova)12-सीटर टेम्पो17-सीटर टेम्पोविवरण
बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) ट्रांसफर₹899₹1,299₹1,799₹2,500₹3,000NH-31 व रिंग रोड से। फ्लाइट ट्रैकिंग शामिल। होटल या आउटर गेट ड्रॉप।
वाराणसी कैंट (BSB) / बनारस (BSBS) स्टेशन₹599₹899₹1,199₹1,699₹1,999स्टेशन पर चालक द्वारा सहयोग व सामान में मदद।
फुल-डे स्टैंडबाय कैब (8 घंटे / 80 किमी)₹2,500₹3,200₹3,800₹4,599₹5,299ड्राइवर बाहरी पार्किंग में तैयार रहेगा और होली खेलने के बाद आपको रिसीव करेगा।
होली बाद डीप क्लीनिंग शुल्क₹200₹250₹300₹400₹500गाड़ी की आंतरिक स्टीम वॉश व गुलाल हटाने का तय शुल्क।
आउटस्टेशन: वाराणसी ⇄ प्रयागराज₹2,999₹3,999₹5,200₹6,800₹7,800संगम दर्शन राउंड ट्रिप (125 किमी)। टोल व ड्राइवर भत्ता शामिल।
आउटस्टेशन: वाराणसी ⇄ अयोध्या₹3,800₹4,800₹6,400₹8,500₹9,800राम मंदिर दर्शन राउंड ट्रिप। टोल शामिल।

सभी दरों में AC गाड़ी, ईंधन, ड्राइवर भत्ता, टोल और टैक्स शामिल हैं। पैकेज से अधिक चलने पर नियमानुसार दर लागू होती है।


10. अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

क्या गोदौलिया या दशाश्वमेध तक गाड़ियां जाती हैं?

नहीं। पुलिस द्वारा होली की सुबह से दोपहर 02:00 बजे तक गोदौलिया, दशाश्वमेध और चौक की ओर जाने वाले रास्ते बंद रहते हैं। टैक्सियां यात्रियों को बेनियाबाग पार्किंग या गिरजाघर चौराहे पर छोड़ती हैं।

क्या शाम को गंगा आरती होती है?

हाँ। दशाश्वमेध घाट की सांध्य महा आरती वर्ष के 365 दिन शाम 06:30 बजे होती है। दोपहर में रंग खत्म होने और नहाने के बाद लोग शाम को आरती में शामिल होते हैं।

क्या महिलाएं अकेले बनारस में होली खेल सकती हैं?

हाँ, यदि आप अस्सी घाट या बीएचयू जैसे खुले स्थानों पर रहें। संकरी गलियों में अकेले जाने से बचें, पूरे कपड़े पहनें और अजनबियों से खुली ठंडाई न लें।

होली खेलने के लिए क्या पहनना चाहिए?

सस्ते और मोटे सूती कुर्ते पहनें जिन्हें बाद में फेंका जा सके। पतले कपड़े पानी में पारदर्शी हो जाते हैं, इसलिए उनसे बचें। पैरों में अच्छी ग्रिप वाले जूते या सैंडल पहनें, क्योंकि भीगी सीढ़ियों पर फिसलन होती है।


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