क्या आप एक ही दिन में वाराणसी और सारनाथ दोनों घूम सकते हैं? हाँ। सारनाथ मुख्य वाराणसी से केवल 10 किमी (35 मिनट की दूरी) पर स्थित है, जिससे इन्हें एक ही 10 से 12 घंटे के टूर में आसानी से घूमा जा सकता है। सही समय प्रबंधन से आप सुबह 06:00 बजे गंगा नौका विहार व काशी विश्वनाथ दर्शन कर सकते हैं, सुबह 10:30 बजे सारनाथ पहुंचकर धमेक स्तूप व पुरातत्व संग्रहालय देख सकते हैं, और शाम 17:00 बजे दशाश्वमेध घाट लौटकर भव्य गंगा आरती का आनंद ले सकते हैं।
प्राइवेट एसी कैब का किराया पूरे दिन ड्राइवर इंतजार सहित मात्र ₹2,400 (प्रति गाड़ी) से शुरू होता है, जबकि संपूर्ण एस्कॉर्टेड पैकेज (प्राइवेट कैब, सरकारी गाइड व प्राइवेट आरती नाव सहित) ₹5,200 प्रति जोड़ा है। सुबह ट्रेन या फ्लाइट से आने वाले यात्रियों का सामान पूरे दिन गाड़ी की लॉक्ड डिक्की में ड्राइवर की सुरक्षित कस्टडी में रहता है।
1-दिवसीय यात्रा हेतु मुख्य मार्ग व समय प्रबंधन
दोनों तीर्थों की सुगम यात्रा तीन प्रमुख बातों पर निर्भर करती है:
- यात्रा का समय (आशापुर फ्लाईओवर से 10 किमी): वाराणसी से सारनाथ का 10 किमी सफर एसी कैब में 30 से 40 मिनट लेता है। यह दोपहर में धूप से बचते हुए आराम का समय प्रदान करता है।
- ट्रेन व फ्लाइट यात्रियों के लिए सामान की सुरक्षा: सुबह वंदे भारत या फ्लाइट से आने वाले यात्रियों को डे-होटल लेने की आवश्यकता नहीं है। आपकी अपनी गाड़ी की लॉक्ड डिक्की में सामान पूरे दिन सुरक्षित रहता है।
- पुरानी काशी के नो-व्हीकल नियम व सुगम ड्रॉप प्वाइंट्स: गोदौलिया-दशाश्वमेध मार्ग पर सुबह 09:00 से रात 09:00 बजे तक चार पहिया वाहनों का प्रवेश बंद रहता है। मैदागिन मल्टी-लेवल पार्किंग (गेट 4 चौक से 500 मीटर) या सोनारपुरा से 5 मिनट की ई-रिक्शा द्वारा सीधे मंदिर कॉरिडोर व घाट पहुंचा जाता है।
पारदर्शी सेम डे टूर किराया: वाहन व एस्कॉर्टेड विकल्प
ऑनलाइन ट्रेवल कंपनियों के महंगे प्रति-व्यक्ति किराए या स्थानीय दलालों के छिपे हुए शुल्कों के विपरीत, काशी टैक्सी का किराया बिल्कुल साफ और संपूर्ण पार्टी के लिए निश्चित है:
| गाड़ी व टूर का प्रकार | क्षमता | ड्यूटी व दायरा | प्रमुख सुविधाएं | कुल पार्टी किराया |
|---|---|---|---|---|
| सेल्फ-पेस्ड एसी सेडान (डिजायर / इटिओस) | 4 यात्री तक | 10–12 घंटे / 100 किमी | एसी कैब, सारनाथ व शहर में ड्राइवर इंतजार, पार्किंग, लगेज कस्टडी | ₹2,400 |
| सेल्फ-पेस्ड एसी अर्टिगा | 6 यात्री तक | 10–12 घंटे / 100 किमी | 6-सीटर एसी गाड़ी, बड़ा बूट स्पेस, ड्राइवर इंतजार, सभी टैक्स | ₹3,200 |
| सेल्फ-पेस्ड इनोवा क्रिस्टा | 6–7 यात्री | 10–12 घंटे / 100 किमी | प्रीमियम लेगस्पेस व आराम, एयरपोर्ट/स्टेशन पिकअप, ड्राइवर इंतजार | ₹4,200 |
| फ्लैगशिप एस्कॉर्टेड कपल (सेडान) | 2 वयस्क | 10–12 घंटे पूर्ण ड्यूटी | एसी सेडान + सरकारी गाइड (4 घंटे सारनाथ) + प्राइवेट आरती नाव | ₹5,200 |
| फ्लैगशिप एस्कॉर्टेड फैमिली (अर्टिगा) | 4 वयस्क + सामान | 10–12 घंटे पूर्ण ड्यूटी | एसी अर्टिगा + सरकारी गाइड + प्राइवेट चार्टर्ड आरती नाव | ₹6,800 |
| फ्लैगशिप एस्कॉर्टेड ग्रुप (क्रिस्टा) | 6 वयस्क | 10–12 घंटे पूर्ण ड्यूटी | एसी इनोवा क्रिस्टा + सरकारी गाइड + बड़ी प्राइवेट आरती नाव | ₹8,800 |
| तीर्थयात्री जत्था (12-सीटर टेम्पो) | 10–12 यात्री | पूरा दिन व्यापक | एसी टेम्पो ट्रेवलर + फुल-डे एस्कॉर्ट + प्राइवेट बजड़ा नाव | ₹14,800 |
पैकेज में क्या शामिल है
- 10–12 घंटे निरंतर ड्यूटी हेतु कमर्शियल परमिट युक्त प्राइवेट एसी गाड़ी
- ड्राइवर भत्ता, ईंधन, टोल टैक्स और मल्टी-लेवल पार्किंग शुल्क
- सुबह पिकअप से लेकर रात में विदाई तक गाड़ी की डिक्की में लॉक्ड सामान की पूरी सुरक्षा
- एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन से पिकअप और रात में ड्रॉप (VNS, BSB, BSBS, DDU)
- सारनाथ इतिहास व खंडहरों हेतु यूपी टूरिज्म मान्यता प्राप्त गाइड (एस्कॉर्टेड टियर)
- दशाश्वमेध घाट पर शाम की गंगा आरती हेतु अपनी अलग प्राइवेट लकड़ी की नाव (एस्कॉर्टेड टियर)
- जल पुलिस द्वारा प्रमाणित लाइफ जैकेट
- 100% शून्य-कमीशन गारंटी: कोई जबरन दुकान चक्कर नहीं
पैकेज में क्या शामिल नहीं है (अलग से देय)
- सारनाथ पुरातत्व परिसर टिकट (₹25 भारतीय / ₹300 विदेशी पासपोर्ट; एएसआई पोर्टल या काउंटर से)
- सारनाथ पुरातत्व संग्रहालय टिकट (₹5 प्रति व्यक्ति; शुक्रवार बंद)
- काशी विश्वनाथ सुगम दर्शन टिकट (₹350 सरकारी ट्रस्ट शुल्क)
- दोपहर का भोजन व व्यक्तिगत खानपान
- व्यक्तिगत पूजा सामग्री व पंडित जी दक्षिणा
- यात्री वाहन किराए पर 5% जीएसटी
मास्टर 1-दिवसीय समय सारिणी: घंटे-वार संपूर्ण कार्यक्रम
सुबह 06:00: अस्सी से मणिकर्णिका सूर्योदय नाव यात्रा
सुबह 07:30: काशी विश्वनाथ धाम (गेट 4) व अन्नपूर्णा दर्शन
सुबह 09:30: पारंपरिक बनारसी नाश्ता (कचौड़ी-जलेबी व कुल्हड़ चाय)
सुबह 10:30: सारनाथ हेतु प्रस्थान (आशापुर मार्ग से 10 किमी)
सुबह 11:15: धमेक स्तूप, अशोक स्तंभ खंडहर व बौद्ध विहार
दोपहर 01:00: सारनाथ पुरातत्व संग्रहालय (अशोक सिंह शीर्ष)
दोपहर 02:15: शांत उद्यान में भोजन व मूलगंध कुटी विहार दर्शन
शाम 04:00: वाराणसी रिवरफ्रंट हेतु वापसी (मैदागिन ड्रॉप)
शाम 05:15: दशाश्वमेध घाट पर प्राइवेट आरती नाव में सवार होना
शाम 06:30: पानी से प्रथम पंक्ति में भव्य महा गंगा आरती दर्शन
शाम 07:45: नाव से उतरना, चाट का आनंद व स्टेशन/एयरपोर्ट ड्रॉप
1. सुबह: काशी का दिव्य जागरण (सुबह 06:00 – 10:30)
होटल या स्टेशन से पिकअप के बाद सीधे घाट पहुँचें। सूर्योदय के समय अस्सी से मणिकर्णिका तक लकड़ी की नाव से 84 घाटों का विहंगम दृश्य देखें। इसके बाद मैदागिन पार्किंग से 500 मीटर चलकर गेट 4 (ज्ञानवापी द्वार) से काशी विश्वनाथ ज्योतिर्लिंग के दर्शन करें। पास में माँ अन्नपूर्णा और काल भैरव मंदिर के दर्शन के बाद गरम कचौड़ी-जलेबी का नाश्ता करें।
2. दोपहर: सारनाथ का पावन बौद्ध तीर्थ (सुबह 10:30 – शाम 04:00)
एसी गाड़ी से 35 मिनट में सारनाथ पहुँचें। 43.6 मीटर ऊँचे विशाल धमेक स्तूप की परिक्रमा करें, प्राचीन मठों के अवशेष देखें और पुरातत्व संग्रहालय में भारत के राष्ट्रीय प्रतीक अशोक के चार सिंहों वाले शीर्ष के साक्षात दर्शन करें। इसके बाद जापानी भित्तिचित्रों से सजे मूलगंध कुटी विहार और 80 फीट ऊँची बुद्ध प्रतिमा का दर्शन करें।
3. शाम: दशाश्वमेध घाट पर भव्य गंगा आरती (शाम 04:00 – रात 08:30)
शाम 5:15 बजे तक दशाश्वमेध घाट पहुँचकर अपनी आरक्षित प्राइवेट नाव में बैठें। भीड़ से दूर नदी की शांत जलधारा से सात पुजारियों द्वारा की जाने वाली भव्य आरती के दर्शन करें। गंगा जी में दीपदान करें और फिर प्रसिद्ध काशी चाट का स्वाद लेकर समय पर एयरपोर्ट या ट्रेन पकड़ें।
शुक्रवार को सारनाथ संग्रहालय बंद: हमारा पूर्व-नियोजित प्लान
भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के नियमों के अनुसार सारनाथ पुरातत्व संग्रहालय प्रत्येक शुक्रवार को बंद रहता है।
क्या इसका अर्थ है कि शुक्रवार को सारनाथ नहीं जाना चाहिए? बिल्कुल नहीं। मुख्य पुरातात्विक पार्क (धमेक स्तूप, अशोक स्तंभ खंडहर), चौखंडी स्तूप, डियर पार्क और सभी सक्रिय बौद्ध मठ शुक्रवार को पूरे दिन खुले रहते हैं।
शुक्रवार को हम अपने कार्यक्रम में विशेष बदलाव करते हैं:
- प्राचीन बौद्ध मठों व स्तूप खंडहरों में 30 मिनट अतिरिक्त भ्रमण।
- मूलगंध कुटी विहार में भगवान बुद्ध की पवित्र अस्थि धातुओं के दर्शन और जापानी चित्रकार कोसेत्सु नोसु द्वारा बनाए गए जीवन चित्रों का विस्तृत अवलोकन।
- थाई, जापानी और तिब्बती बौद्ध मठों की शांत परिक्रमा।
- आध्यात्मिक ज्ञान उद्यान (गार्डन ऑफ स्पिरिचुअल विजडम) का भ्रमण।
गंगा आरती नाव बनाम सारनाथ लाइट एंड साउंड शो
अक्सर यात्री पूछते हैं: "क्या हम एक ही शाम सारनाथ का लाइट एंड साउंड शो और गंगा आरती दोनों देख सकते हैं?"
स्पष्ट उत्तर है: नहीं। सारनाथ का लाइट एंड साउंड शो शाम 6:30 से 7:30 बजे होता है, और दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती भी ठीक शाम 6:30 से 7:45 बजे होती है। दोनों स्थानों के बीच 12 किलोमीटर की दूरी है। यदि आपके पास केवल एक ही दिन है, तो गंगा आरती को पहली प्राथमिकता दें—यह विश्व का अद्वितीय आध्यात्मिक उत्सव है।
वाराणसी से सारनाथ टैक्सी व कैब बुकिंग: किराया, गाड़ियां व समर्पित ड्राइवर इंतजार
उन यात्रियों के लिए जो बिना टूर गाइड या बोट पैकेज के केवल अपनी पसंद से स्वतंत्र रूप से घूमना चाहते हैं, हमारी वाराणसी से सारनाथ समर्पित एसी डे टूर कैब व साइटसीइंग टैक्सी सेवा सर्वोत्तम सुविधा प्रदान करती है। (ध्यान दें: यदि आपको केवल होटल से सारनाथ तक साधारण राउंड-ट्रिप ट्रांसफर चाहिए, तो हमारी समर्पित वाराणसी से सारनाथ टैक्सी सेवा देखें। यदि आप पूरे 10–12 घंटे का संपूर्ण शहर व सारनाथ दर्शन पैकेज चाहते हैं, तो नीचे दिए गए विकल्प चुनें।)
समर्पित राउंड-ट्रिप कैब बनाम ऐप कैब (Ola/Uber) या सड़क वाले ऑटो
सारनाथ जाने वाले कई यात्री ऐप कैब या सड़क से ऑटो लेने की सोचते हैं। अनुभवी यात्रियों के अनुसार समर्पित राउंड-ट्रिप कैब क्यों बेहतर है:
- सारनाथ में वापसी की समस्या: वाराणसी से सारनाथ के लिए ऐप कैब मिल जाती है, लेकिन दोपहर बाद 3:30 से शाम 6:00 बजे के बीच सारनाथ से वाराणसी लौटने के लिए कैब मिलना अत्यधिक कठिन होता है। चालक बुकिंग निरस्त कर देते हैं और स्थानीय ऑटो ₹700 से ₹1,000 की अनुचित मांग करते हैं।
- स्मारक के गेट पर पक्का इंतजार: हमारी राउंड-ट्रिप कैब में ड्राइवर आपको धमेक स्तूप के टिकट काउंटर पर छोड़ता है, अधिकृत पार्किंग में इंतजार करता है और दूर स्थित अन्य स्थलों (जैसे चौखंडी स्तूप, तिब्बती मठ, थाई मंदिर—जो 1 से 2 किमी दूर हैं) तक गाड़ी से ले जाता है।
- सामान की सुरक्षा व वातानुकूलित आराम: दोपहर की कड़ी धूप से निकलकर ठंडी एसी गाड़ी में बैठना, खरीदारी का सामान सुरक्षित रखना और बिना किसी झंझट के यात्रा करना संभव होता है।
2026 वाहन दरें: वाराणसी से सारनाथ कैब व फुल-डे साइटसीइंग
| गाड़ी का प्रकार | बैठने की क्षमता | लगेज स्पेस | सारनाथ हाफ-डे (4–5 घंटे इंतजार) | सारनाथ + शहर फुल-डे (10–12 घंटे ड्यूटी) |
|---|---|---|---|---|
| स्विफ्ट डिजायर / इटिओस (एसी सेडान) | 4 यात्री | 2 बड़े बैग + हैंडबैग | ₹1,700 | ₹2,400 |
| मारुति अर्टिगा (एसी एमयूवी) | 6 यात्री | 3 बड़े बैग + डेपैक | ₹2,400 | ₹3,200 |
| टोयोटा इनोवा क्रिस्टा (एसी एसयूवी) | 6–7 यात्री | 4 बड़े सूटकेस | ₹3,200 | ₹4,200 |
| 12-सीटर टेम्पो ट्रेवलर | 12 यात्री | अलग लगेज बूट स्पेस | ₹5,500 | ₹7,500 |
| 17-सीटर टेम्पो ट्रेवलर | 17 यात्री | रियर बूट स्पेस | ₹6,800 | ₹9,500 |
सभी दरों में एसी, ईंधन, टोल टैक्स, अधिकृत पार्किंग शुल्क और ड्राइवर भत्ता पहले से शामिल है। कोई छिपा हुआ चार्ज नहीं।
रेडिट व स्थानीय यात्रियों की मुख्य सलाह: वाराणसी सारनाथ टूर योजना (E-E-A-T)
रेडिट और यात्रा मंचों (r/varanasi, r/india_tourism) पर वास्तविक यात्रियों के अनुभवों से कुछ अत्यंत उपयोगी और सकारात्मक सुझाव मिलते हैं:
1. काशी की हलचल के बीच सारनाथ की शांति का अनुभव
यात्री बताते हैं कि वाराणसी के घाटों की आध्यात्मिक ऊर्जा और सारनाथ के बौद्ध तीर्थ का शांत वातावरण एक-दूसरे के बिल्कुल पूरक हैं। जहाँ बनारस की गलियाँ जीवंत हैं, वहीं सारनाथ का हरा-भरा पुरातात्विक परिसर ध्यान और शांति प्रदान करता है। दोनों को एक ही दिन में देखना पूर्वांचल की संपूर्ण सांस्कृतिक यात्रा कराता है।
2. सारनाथ स्मारकों के लिए सही समय आवंटन
सारनाथ में 3 से 4 घंटे का समय देना सबसे उचित माना जाता है। इसमें लगभग 1.5 घंटे धमेक स्तूप और प्राचीन विहारों की परिक्रमा, 1 घंटा पुरातत्व संग्रहालय (अशोक स्तंभ का सिंह शीर्ष) और 1 घंटा मूलगंध कुटी विहार व आरामदायक भोजन के लिए पर्याप्त होता है।
3. ट्रांजिट यात्रियों के लिए सुरक्षित लगेज कस्टडी
वंदे भारत या सुबह की फ्लाइट से आने वाले यात्री स्टेशन के क्लॉकरूम में समय गंवाने के बजाय अपनी टूर गाड़ी की डिक्की में सामान सुरक्षित रख सकते हैं। गाड़ी सीसीटीवी से लैस अधिकृत पार्किंग में ड्राइवर की निरंतर देखरेख में रहती है, जिससे आप बेफिक्र होकर घूम सकते हैं।
4. जूते व सुगम्यता (Accessibility)
काशी के मंदिरों और घाटों की सीढ़ियों के लिए आसानी से उतरने वाले आरामदायक जूते पहनें। इसके विपरीत, सारनाथ का एएसआई पुरातात्विक परिसर पूरी तरह समतल, पक्का और हरियाली युक्त है, जो बुजुर्गों और व्हीलचेयर के लिए अत्यंत सुगम है।
5. स्वच्छ भोजन व सुविधाएं
सारनाथ एक अंतरराष्ट्रीय तीर्थ स्थल है, जहाँ थाईलैंड, जापान, श्रीलंका आदि के तीर्थयात्री आते हैं। यहाँ अच्छे और स्वच्छ रेस्टोरेंट उपलब्ध हैं जहाँ पश्चिमी मानकों के साफ शौचालय मौजूद हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
वाराणसी और सारनाथ सेम डे ट्रिप की योजना कैसे बनाएं?
एक ही दिन में दोनों तीर्थों को सुगमता से पूरा करने के लिए सुबह 06:00 बजे गंगा जी में सूर्योदय नौका विहार से शुरुआत करें, जिसके बाद काशी विश्वनाथ दर्शन करें। सुबह 10:30 बजे आशापुर फ्लाईओवर होते हुए 10 किमी दूर सारनाथ निकलें (35 मिनट का सफर)। वहाँ 3 से 4 घंटे धमेक स्तूप, अशोक स्तंभ खंडहर, पुरातत्व संग्रहालय व मूलगंध कुटी विहार घूमें। सारनाथ में दोपहर का भोजन करने के बाद शाम 5:00 बजे तक दशाश्वमेध घाट लौट आएं ताकि शाम की भव्य गंगा आरती का आनंद ले सकें।
वाराणसी सारनाथ सेम डे टूर का कुल किराया कितना है?
प्राइवेट एसी सेडान (4 यात्रियों तक) का 10–12 घंटे के लिए सेल्फ-पेस्ड किराया ₹2,400 है, जिसमें पार्किंग व ड्राइवर इंतजार शामिल है। दो वयस्कों के लिए एस्कॉर्टेड पैकेज—जिसमें प्राइवेट एसी गाड़ी, सरकारी गाइड और शाम की गंगा आरती हेतु प्राइवेट नाव शामिल है—कुल ₹5,200 है। 4–6 यात्रियों के परिवार हेतु एसी अर्टिगा में यह ₹6,800 है।
वाराणसी से सारनाथ जाने और घूमने में कुल कितना समय लगता है?
वाराणसी से सारनाथ की एक संतोषजनक यात्रा में कुल 4 से 5 घंटे का समय लगता है, जिसमें दोनों तरफ से 35–45 मिनट का यात्रा समय और सारनाथ में 3 से 3.5 घंटे का समय शामिल है। इससे आपको धमेक स्तूप परिसर, पुरातत्व संग्रहालय (1 घंटा), मूलगंध कुटी विहार और थाई मंदिर देखने के साथ आराम से भोजन करने का पर्याप्त समय मिलता है।
सेम डे टूर में सारनाथ सुबह जाना बेहतर है या दोपहर में?
स्थानीय गाइडों और अनुभवी यात्रियों की सलाह है कि सारनाथ सुबह 11:00 बजे से दोपहर 3:30 बजे के बीच जाना सबसे अच्छा रहता है। इससे आप सुबह तड़के (06:00 AM) काशी के घाटों और मंदिर दर्शन का आनंद ले लेते हैं, दोपहर की तेज धूप में सारनाथ के शांत हरे-भरे मैदानों और वातानुकूलित संग्रहालय का भ्रमण करते हैं, और शाम को सूर्यास्त के समय दशाश्वमेध घाट पर गंगा आरती में शामिल हो सकते हैं।
वाराणसी से सारनाथ घूमने के लिए यात्रा का सबसे अच्छा साधन क्या है?
समर्पित प्राइवेट एसी कैब (इंतजार सहित) सारनाथ साइटसीइंग का सबसे आरामदायक साधन है। 10 किमी का मार्ग आशापुर कॉरिडोर से होकर गुजरता है, जहाँ एसी गाड़ी आपको धूल और गर्मी से बचाती है। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सारनाथ में ड्राइवर का रुकना वापसी में गाड़ी ढूंढने की समस्या को हल करता है, दूर-दूर स्थित मठों तक आसानी से पहुंचाता है और सामान सुरक्षित रखता है।
क्या सारनाथ टूर के साथ शाम की गंगा आरती शामिल की जा सकती है?
हाँ, बिल्कुल। सारनाथ से दोपहर 3:45 या 4:00 बजे प्रस्थान करके आप शाम 5:00 बजे तक वाराणसी रिवरफ्रंट परिधि में पहुंच जाते हैं। इससे आपको दशाश्वमेध घाट तक जाने, शाम 5:30 बजे अपनी बोट पर बैठने और 6:30 बजे होने वाली महा गंगा आरती को जल के ऊपर से देखने का पूरा समय मिल जाता है।
क्या वाराणसी की छोटी यात्रा में सारनाथ जाना सार्थक है?
हाँ, 1 या 2 दिन की छोटी वाराणसी यात्रा में भी सारनाथ जाना अत्यंत सार्थक माना जाता है। शहर से मात्र 10 किमी की दूरी पर स्थित सारनाथ, काशी की व्यस्त गलियों के विपरीत एक शांत, हरित और ध्यानमयी वातावरण प्रदान करता है। जहाँ बुद्ध ने अपना पहला उपदेश दिया था, वह 1,500 वर्ष पुराना धमेक स्तूप और भारत का राष्ट्रीय प्रतीक (अशोक सिंह स्तंभ) यात्रा को ऐतिहासिक गहराई प्रदान करते हैं।
सुबह ट्रेन या फ्लाइट से आने पर पूरे दिन हमारा लगेज (सामान) कहाँ रहेगा?
यदि आप सुबह वंदे भारत या फ्लाइट से बिना होटल रूम के आते हैं, तो आपका सामान पूरे दिन आपकी प्राइवेट गाड़ी की लॉक्ड डिक्की में ड्राइवर की सुरक्षित कस्टडी में रहता है। गाड़ी अधिकृत सीसीटीवी-निगरानी वाली नगर निगम पार्किंग में खड़ी रहती है, इसलिए आपको स्टेशन क्लॉकरूम में समय बर्बाद करने की कोई आवश्यकता नहीं है।
यदि हमारा टूर शुक्रवार को हो जब सारनाथ संग्रहालय बंद रहता है, तो क्या नियम हैं?
पुरातत्व संग्रहालय (ASI Museum) शुक्रवार को बंद रहता है। परंतु मुख्य पुरातात्विक पार्क (धमेक स्तूप, चौखंडी स्तूप व अशोक स्तंभ खंडहर), डियर पार्क, मूलगंध कुटी विहार और सभी अंतरराष्ट्रीय बौद्ध मठ (थाई, तिब्बती, जापानी) शुक्रवार को पूरे दिन खुले रहते हैं। शुक्रवार के टूर में हम पुरातात्विक उत्खनन क्षेत्र और मूलगंध कुटी विहार के भित्तिचित्रों पर अधिक समय देते हैं।
क्या हम केवल सारनाथ घूमने हेतु ड्राइवर इंतजार सहित टूर कैब बुक कर सकते हैं?
हाँ। यदि आप बिना गाइड या नाव के अपने अनुसार घूमना चाहते हैं, तो आप केवल एसी कैब बुक कर सकते हैं। हाफ-डे (सारनाथ में 4–5 घंटे ड्राइवर इंतजार) मात्र ₹1,700 से शुरू होता है और 10–12 घंटे की फुल-डे ड्यूटी ₹2,400 (एसी सेडान) है। सभी पार्किंग, टोल और ईंधन शुल्क इसमें शामिल हैं।
अन्य संबंधित यात्रा पैकेज
- 2 दिन का प्लान बना रहे हैं? देखें हमारा वाराणसी 2 दिवसीय टूर पैकेज।
- केवल सारनाथ हेतु राउंड ट्रिप कैब चाहिए? देखें वाराणसी से सारनाथ टैक्सी सेवा।
- सारनाथ स्मारकों का पूरा इतिहास जानना चाहते हैं? पढ़ें सारनाथ सम्पूर्ण यात्रा गाइड।
- सुबह की नाव का किराया जानना चाहते हैं? देखें वाराणसी मॉर्निंग बोट राइड प्राइस गाइड।
