कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान वाराणसी 2026 | तिथि, अनुष्ठान और घाट गाइड
एक लाइन में: कार्तिक पूर्णिमा 2026 (24 नवंबर) — वाराणसी में पवित्र गंगा स्नान और भव्य देव दीपावली (लाखों दीप)। घाटों पर भारी भीड़; पहले से प्लानिंग और सही ड्रॉप पॉइंट ज़रूरी।
कार्तिक पूर्णिमा पर गंगा स्नान काशी की सबसे पवित्र परंपराओं में से एक है — और इसी रात देव दीपावली पर घाट लाखों दीपों से जगमगा उठते हैं, मानो देवता स्वयं काशी आए हों। यह गाइड स्नान का महत्व, सबसे अच्छे घाट और भीड़ के दिन सुरक्षित यात्रा की जानकारी देती है।
त्वरित जानकारी
विवरण
जानकारी
तिथि
24 नवंबर 2026
मुख्य अनुष्ठान
प्रातः गंगा स्नान
रात
देव दीपावली (दीप दर्शन)
प्रमुख घाट
दशाश्वमेध, अस्सी, पंचगंगा, राजेंद्र प्रसाद
🪔 कार्तिक पूर्णिमा व देव दीपावली स्नान घाट ट्रांसफर
भीड़ व नो-व्हीकल जोन से पहले भोर 04:00 बजे की गंगा स्नान कैब व नाव प्री-बुक करें। होटल से सीधा पिकअप व नजदीकी घाट ड्रॉप।
भोर 04:00 बजे राउंड-ट्रिप स्नान कैब
नाव की बुकिंग ₹490 प्रति सीट से
रूट डायवर्जन व बाईपास की जानकारी वाले लोकल ड्राइवर
🪔 भोर 04:00 बजे पिकअप·🛶 बोट सीट ₹490 से·🛡️ लोकल ड्राइवर जानकारी·🚫 कोई सर्ज चार्ज नहीं
कार्तिक पूर्णिमा गंगा स्नान क्या है
कार्तिक मास के समापन पर, पूर्णिमा के दिन गंगा स्नान को मोक्षदायी माना जाता है। श्रद्धालु तड़के स्नान करते हैं, दीपदान करते हैं, और दिन भर व्रत-पूजा करते हैं।
स्नान के लिए सबसे अच्छे घाट
दशाश्वमेध घाट — मुख्य घाट, स्नान और संध्या आरती।
अस्सी घाट — अपेक्षाकृत खुला, सुबह स्नान के लिए अच्छा।
पंचगंगा घाट — कार्तिक स्नान का विशेष महत्व।
राजेंद्र प्रसाद घाट — देव दीपावली दीप दर्शन के लिए।
देव दीपावली — रात का जादू
कार्तिक पूर्णिमा की शाम घाटों पर लाखों दीप जलते हैं, लेज़र शो और गंगा आरती होती है। यह वाराणसी का सबसे भव्य दृश्य है — पर सबसे भीड़भरा भी।
आरामदायक यात्रा की प्लानिंग
स्नान के लिए तड़के — सुबह जल्दी घाट पहुँचें, भीड़ से पहले।
देव दीपावली के लिए: शाम को घाटों के पास भारी भीड़ और रूट डायवर्जन रहते हैं — गाड़ी एक हद तक जाती है, आगे पैदल। हम सबसे नज़दीकी ड्रॉप और वापसी मिलन-स्थल तय करते हैं।
बुज़ुर्गों के लिए: घाट की सीढ़ियाँ ठंडी और भीड़भरी — हाथ पकड़े रखें, गर्म कपड़े साथ।