पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक 2027 वाराणसी: भेलूपुर दर्शन व 4 तीर्थंकर जैन यात्रा

वाराणसी केवल सनातन धर्म और बौद्ध धर्म (सारनाथ) की ही पावन भूमि नहीं है, बल्कि जैन परंपरा में भी काशी का स्थान अत्यंत पावन तीर्थ क्षेत्रों में गिना जाता है। जैन धर्म के चौबीस तीर्थंकरों में से चार तीर्थंकरों का जन्म इसी काशी की पवित्र धरा पर हुआ: भगवान सुपार्श्वनाथ (7वें तीर्थंकर - भदैनी घाट), भगवान चंद्रप्रभु (8वें तीर्थंकर - चंद्रावती), भगवान श्रेयांसनाथ (11वें तीर्थंकर - सारनाथ सिंहपुरी), और भगवान पार्श्वनाथ (23वें तीर्थंकर - भेलूपुर)।

वर्ष में एक बार, पौष कृष्ण दशमी के पावन अवसर पर भेलूपुर तीर्थ में भगवान पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक का महापर्व अत्यंत श्रद्धा व धूमधाम से मनाया जाता है (इस बार शनिवार, 2 जनवरी 2027 को)। गुजरात, राजस्थान, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, कर्नाटक और बंगाल से हजारों जैन परिवार व तीर्थ संघ भेलूपुर पहुँचते हैं। प्रातःकाल पंचामृत अभिषेक, शांतिधारा, नगर में भव्य रथयात्रा और काशी के चारों तीर्थंकर जन्मभूमि स्थलों की वंदना इस यात्रा का मुख्य आकर्षण होती है।

यदि आप 2027 में जन्म कल्याणक या काशी जैन तीर्थ यात्रा की योजना बना रहे हैं, तो यह व्यावहारिक मार्गदर्शिका आपको पूजा समय, चारों तीर्थों के मार्ग, चौविहार भोजनालय नियम, धर्मशाला व्यवस्था और फिक्स्ड ट्रांसपोर्ट किराए की सटीक जानकारी देती है।


1. तीर्थ यात्रियों के लिए मुख्य तथ्य

विवरणव्यावहारिक जानकारी
पर्व का नामभगवान पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक, पार्श्वनाथ जयंती, पोष दशम, काशी जैन यात्रा
2027 की तारीखशनिवार, 2 जनवरी 2027 (~67 दिन आगे)
पंचांग तिथिपौष कृष्ण दशमी (1 जनवरी दोपहर 01:11 से 2 जनवरी दोपहर 02:25 बजे तक)
मुख्य जन्मभूमि स्थलश्री 1008 पार्श्वनाथ दिगंबर व श्वेतांबर जैन मंदिर, जैन मंदिर रोड, भेलूपुर, वाराणसी (221001)
प्रातः अभिषेक समय05:30 AM – 06:30 AM (प्रक्षालन, पंचामृत अभिषेक व शांतिधारा)
भव्य शोभायात्रा / रथयात्रा08:30 AM – 10:30 AM (भेलूपुर चौराहा, कमच्छा व विजया सिनेमा मार्ग)
भोजनालय दोपहर प्रसादी11:30 AM – 01:30 PM (मंदिर धर्मशाला में शुद्ध सात्विक जैन भोजन)
चौविहार समय (सूर्यास्त)05:00 PM – 05:15 PM (2 जनवरी 2027 को वाराणसी में सूर्यास्त 05:19 PM पर है)
4 तीर्थंकर सर्किटभेलूपुर, भदैनी जैन घाट, सारनाथ सिंहपुरी व चंद्रावती (कुल 75–80 किमी का फेरा)
वाहन ड्रॉप गेटभेलूपुर जैन मंदिर रोड पर मंदिर द्वार से मात्र 30 मीटर की दूरी पर सीधी कार पार्किंग
मौसम की स्थितिशीतलहर का मौसम; सुबह 8°C–11°C कोहरा, दोपहर में 21°C–23°C खिली धूप

2. शनिवार, 2 जनवरी 2027 को ही जन्म कल्याणक क्यों है?

जैन पंचांग के अनुसार 23वें तीर्थंकर का जन्म कल्याणक पौष मास के कृष्ण पक्ष की दशमी तिथि (पोष कृष्ण दशम) को मनाया जाता है।

खगोलीय गणना के अनुसार:

  • पौष कृष्ण दशमी तिथि शुक्रवार, 1 जनवरी 2027 को दोपहर 01:11 बजे प्रारंभ होगी।
  • यह तिथि रात्रिभर रहकर शनिवार, 2 जनवरी 2027 को दोपहर 02:25 बजे समाप्त होगी।
  • सनातन व जैन परंपरा में उदयातिथि का मान सर्वोपरि होता है। शनिवार, 2 जनवरी 2027 को सूर्योदय प्रातः 06:47 AM पर दशमी तिथि में होने के कारण मुख्य मंगलाभिषेक, रथयात्रा, महापूजा और संघपति साधर्मी वात्सल्य (भोजन प्रसादी) शनिवार, 2 जनवरी 2027 को ही मनाए जाएंगे।

यात्री ध्यान दें: 1 जनवरी को नववर्ष के तुरंत बाद यह शनिवार पड़ने से पूरे वाराणसी में पर्यटकों की भारी भीड़ रहेगी। भेलूपुर धर्मशाला या नजदीकी होटल का कमरा और अपनी कैब कम से कम 3 से 4 सप्ताह पहले सुनिश्चित कर लें।


3. काशी में चार तीर्थंकरों का पावन इतिहास

आचार्य जिनसेन कृत महापुराण और आचार्य जिनप्रभ सूरि के 14वीं सदी के ग्रंथ विविध तीर्थ कल्प में काशी को शाश्वत तीर्थभूमि कहा गया है।

भगवान पार्श्वनाथ का जन्म ईसा पूर्व 9वीं शताब्दी में भेलूपुर में इक्ष्वाकु वंश के राजा अश्वसेन और महारानी वामा देवी के राजमहल में हुआ था। प्रभु के पाँच में से चार कल्याणक काशी में ही संपन्न हुए:

  1. च्यवन (गर्भ) कल्याणक: महारानी वामा देवी के गर्भ में आगमन।
  2. जन्म कल्याणक: भेलूपुर में जन्म, जिस पर देवराज इंद्र ने सुमेरु पर्वत पर जन्माभिषेक किया।
  3. दीक्षा कल्याणक: 30 वर्ष की आयु में राजसी भोग त्यागकर दीक्षा अंगीकार करना।
  4. तप कल्याणक: कठोर ध्यान व उपसर्ग सहन करना (जब कमठ के उपद्रव पर धरणेंद्र पद्मावती ने सात फनों से छत्र बनाया)।

प्रभु को केवलज्ञान अहिच्छत्र / सम्मेद शिखरजी में हुआ और मोक्ष सम्मेद शिखरजी (पारसनाथ पहाड़, झारखंड) से प्राप्त हुआ। आज भेलूपुर उनकी प्रमुख जीवित जन्मभूमि है।


4. भेलूपुर में जन्म कल्याणक दिवस की समय सारिणी

शनिवार, 2 जनवरी 2027 को मंदिर ट्रस्ट द्वारा आयोजित होने वाला मुख्य धार्मिक क्रम:

05:30 AM ──► प्रक्षालन, पंचामृत अभिषेक व शांतिधारा पाठ
08:30 AM ──► भेलूपुर की गलियों में स्वर्ण-रजत पालकी रथयात्रा
11:00 AM ──► 108 कलश महा मस्तकाभिषेक व जन्म कल्याणक विधान
12:30 PM ──► संघपति साधर्मी वात्सल्य (विशाल भोजन प्रसादी)
04:45 PM ──► चौविहार सायंकालीन भोजन (सूर्यास्त पूर्व समाप्त)
06:30 PM ──► 108 दीप महाआरती व सामूहिक भक्तामर स्तोत्र पाठ

प्रातः काल के अनुष्ठान व रथयात्रा:

  • 05:30 AM – 06:30 AM: गर्भगृह के कपाट खुलते ही मूलनायक प्रतिमा का प्रक्षालन होता है। इसके बाद जल, दूध, दही, घी, इक्षुरस और चंदन से अभिषेक कर विश्व शांति हेतु शांतिधारा मंत्रोच्चार किया जाता है।
  • 08:30 AM – 10:30 AM: भगवान पार्श्वनाथ की धातु प्रतिमा को सुसज्जित रथ व पालकी में विराजमान कर भव्य शोभायात्रा निकलती है। श्वेत व पीत परिधानों में सजे श्रद्धालु, पंचरंगी जैन ध्वज, भजन मंडलियाँ और बैंड-बाजों के साथ रथ भेलूपुर चौराहे से कमच्छा व विजया सिनेमा होते हुए पुनः मंदिर प्रांगण लौटता है।
  • 11:00 AM – 12:30 PM: सौधर्म इंद्र बने प्रमुख श्रद्धालुओं द्वारा 108 कलशों से महा मस्तकाभिषेक किया जाता है और अष्टद्रव्य से जन्म कल्याणक की विशेष पूजा होती है।
  • 06:30 PM: सूर्यास्त के बाद संपूर्ण मंदिर प्रांगण को 108 दीपों से आलोकित कर महाआरती होती है, जिसके उपरांत भक्तामर स्तोत्र का संगीतमय सामूहिक पाठ किया जाता है।

5. काशी चार तीर्थंकर जन्मभूमि सर्किट का पूरा विवरण

वाराणसी आने वाले जैन यात्री केवल भेलूपुर तक सीमित नहीं रहते, बल्कि चारों तीर्थंकरों की जन्मस्थली के दर्शन करते हैं:

┌────────────────────────────────────────────────────────┐
│  1. भेलूपुर (शहर का केंद्र)                             │
│     भगवान पार्श्वनाथ जन्मभूमि (23वें तीर्थंकर)          │
└──────────────────────────┬─────────────────────────────┘
                           │ 2.2 किमी (8 मिनट ड्राइव)
                           ▼
┌────────────────────────────────────────────────────────┐
│  2. भदैनी / जैन घाट (गंगा तट)                           │
│     भगवान सुपार्श्वनाथ जन्मभूमि (7वें तीर्थंकर)         │
└──────────────────────────┬─────────────────────────────┘
                           │ 12.5 किमी (35 मिनट ड्राइव)
                           ▼
┌────────────────────────────────────────────────────────┐
│  3. सारनाथ / सिंहपुरी (उत्तरी उपनगर)                    │
│     भगवान श्रेयांसनाथ जन्मभूमि (11वें तीर्थंकर)         │
└──────────────────────────┬─────────────────────────────┘
                           │ 22 किमी गाजीपुर रोड (40 मिनट)
                           ▼
┌────────────────────────────────────────────────────────┐
│  4. चंद्रावती / चंद्रपुरी (गंगा किनारे ग्रामीण टीला)    │
│     भगवान चंद्रप्रभु जन्मभूमि (8वें तीर्थंकर)           │
└────────────────────────────────────────────────────────┘

तीर्थ 1: भेलूपुर (भगवान पार्श्वनाथ)

  • स्थान: जैन मंदिर रोड, भेलूपुर (कैंट स्टेशन से 4.5 किमी)।
  • विशेषता: यहाँ दिगंबर व श्वेतांबर दोनों मंदिर अगल-बगल हैं। दिगंबर मंदिर के गर्भगृह में 7 फनों वाले सर्प छत्र से सुशोभित श्यामवर्ण प्राचीन प्रतिमा और पवित्र चरण पादुकाएँ हैं।
  • सुविधाएँ: त्यागी निवास दिगंबर धर्मशाला, श्वेतांबर धर्मशाला और शुद्ध जैन भोजनालय।

तीर्थ 2: भदैनी / जैन घाट (भगवान सुपार्श्वनाथ)

  • स्थान: शिवाला और तुलसी घाट के बीच गंगा किनारे (भेलूपुर से मात्र 2.2 किमी)।
  • विशेषता: नदी से ऊंचे विशाल पत्थर के चबूतरे पर बना यह मंदिर 7वें तीर्थंकर को समर्पित है, जिनका प्रतीक स्वस्तिक है। पास ही 1905 में स्थापित ऐतिहासिक स्याद्वाद महाविद्यालय है। यहाँ से गंगा का दृश्य अनुपम दिखता है।
  • पहुँच: गाड़ियाँ भदैनी जलकल या शिवाला चौराहे तक जाती हैं, जहाँ से 150 मीटर का सुगम ढलान पैदल चलकर मंदिर पहुंचा जाता है।

तीर्थ 3: सिंहपुरी / सारनाथ (भगवान श्रेयांसनाथ}

  • स्थान: सारनाथ पुरातात्विक परिसर व धमेक स्तूप के ठीक पास (भेलूपुर से 12.5 किमी उत्तर)।
  • विशेषता: 11वें तीर्थंकर (प्रतीक गैंडा) के चारों कल्याणकों का साक्षी स्थल। 1824 ईस्वी में निर्मित इस भव्य दिगंबर मंदिर की दीवारों पर महारानी विष्णा द्वारा देखे गए 16 स्वप्नों के सुंदर भित्तिचित्र बने हैं। पास ही श्वेतांबर मंदिर भी है।
  • पहुँच: मंदिर के ठीक सामने पक्की सड़क व पार्किंग है, जहाँ से केवल 30–40 कदम चलना होता है।

तीर्थ 4: चंद्रावती / चंद्रपुरी (भगवान चंद्रप्रभु)

  • स्थान: वाराणसी-गाजीपुर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-31) पर गंगा तट पर स्थित चंद्रावती गाँव (शहर से 28–30 किमी)।
  • विशेषता: 8वें तीर्थंकर (प्रतीक अर्धचंद्र) की जन्मभूमि। शहर के कोलाहल से दूर गंगा के किनारे स्थित इस शांत तीर्थ में दिगंबर व श्वेतांबर दोनों मंदिर, सुंदर बगीचे, पक्का घाट और प्राचीन अवशेष हैं।
  • पहुँच: रिंग रोड से गाजीपुर हाईवे होते हुए लगभग 50 से 60 मिनट की आरामदायक ड्राइव। मंदिर परिसर तक सीधी पक्की सड़क और गाड़ी पार्किंग की सुविधा है।
🪷 काशी चार तीर्थंकर जैन यात्रा: समर्पित एसी कैब व चौविहार-अनुकूल ड्राइवर
भगवान पार्श्वनाथ जन्म कल्याणक (2 जनवरी 2027) या काशी की 4 तीर्थंकर जन्मभूमि यात्रा (भेलूपुर, भदैनी जैन घाट, सारनाथ सिंहपुरी, चंद्रावती) की योजना बना रहे हैं? फिक्स्ड किराए वाली एसी कैब, जैन भोजनालयों के समय से परिचित ड्राइवर और कोहरा डिले ट्रैकिंग सहित ₹899 में एयरपोर्ट पिकअप के साथ सुगम दर्शन करें।
8 घंटे / 80 किमी समर्पित कैब (₹2,499 सेडान / ₹2,800 अर्टिगा / ₹3,800 क्रिस्टा) — चारों तीर्थंकर जन्मभूमि दर्शन हेतु
भेलूपुर, सारनाथ व चंद्रावती मंदिर गेट पर ड्राइवर का पक्का इंतजार; चौविहार (सूर्यास्त पूर्व) भोजन समय का ध्यान
बाबतपुर एयरपोर्ट पिकअप ₹899 — सर्दियों में 45 मिनट कोहरा डिले ट्रैकिंग व सुरक्षित लगेज कस्टडी शामिल
जैन घाट व भदैनी के नदी दर्शन हेतु निजी सूर्योदय गंगा बोट चार्टर (₹3,500 में 6 सवारी तक)
WhatsApp पर जैन यात्रा कैब की जानकारी लें या कॉल करें +91 80621 79267
🪷 4-तीर्थंकर सर्किट कैब 🚗 8h/80km डिस्पोजल ₹2,499 ✈️ एयरपोर्ट पिकअप ₹899 🛡️ कोई पीक सर्ज नहीं

6. चौविहार एवं शुद्ध सात्विक खान-पान निर्देश

जैन धर्म के अहिंसा सिद्धांत के अनुसार यात्रा के दौरान भी आहार नियमों का पालन करना सहज है:

मुख्य नियम:

  • जमीनकंद (कंदमूल) निषेध: आलू, प्याज, लहसुन, गाजर, मूली, अदरक आदि का पूर्ण त्याग।
  • चौविहार (रात्रि भोजन त्याग): सूर्यास्त से पूर्व भोजन संपन्न करना।
  • 2 जनवरी 2027 को वाराणसी में सूर्यास्त शाम 05:19 बजे होगा।

शुद्ध जैन भोजनालय:

  1. श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन भोजनालय (भेलूपुर):
    • दोपहर का भोजन: 11:30 AM से 01:30 PM तक।
    • शाम का चौविहार भोजन: 04:15 PM से 05:00 PM तक (सूर्यास्त होते ही द्वार बंद हो जाते हैं)।
    • यहाँ शुद्ध घी व मसालों से तैयार ताजी रोटियाँ, दाल, लौकी/तोरई की सात्विक सब्जियाँ, चावल व मिष्ठान्न परोसा जाता है।
  2. श्री चंद्रपुरी दिगंबर जैन भोजनालय (चंद्रावती):
    • दोपहर का भोजन: 11:30 AM से 01:00 PM तक (तीर्थ यात्रियों के लिए सात्विक भोजन उपलब्ध)।
  3. सिगरा व कैंटोनमेंट के शुद्ध शाकाहारी रेस्टोरेंट:
    • यदि आप भोजनालय के समय के बाहर पहुँचते हैं, तो सिगरा और कैंटोनमेंट के चुनिंदा शाकाहारी रेस्टोरेंट विशेष आग्रह पर बिना प्याज, लहसुन और बिना आलू का जैन भोजन तैयार करते हैं।

7. ठहरने के विकल्प: धर्मशाला बनाम होटल

ठहरने का प्रकारकिसके लिए उत्तमस्थानमुख्य बातें
दिगंबर जैन धर्मशाला (त्यागी निवास)श्रद्धालु, सुबह अभिषेक में शामिल होने वालेभेलूपुर (मंदिर परिसर)सादे कमरे, अटैच लैट-बाथ, कड़े समय नियम, ट्रस्ट के माध्यम से बुकिंग
श्वेतांबर जैन कोठीपारिवारिक समूह, श्वेतांबर अनुष्ठानभेलूपुर (मंदिर परिसर)साफ-सुथरे कमरे, मंदिर प्रांगण का सीधा सान्निध्य
सिगरा / भेलूपुर शाकाहारी होटलआधुनिक एसी सुविधा व लिफ्ट चाहने वाले परिवारमंदिर से 1–2 किमी24 घंटे गर्म पानी, लिफ्ट सुविधा, मंदिर तक 5 मिनट का ऑटो/कैब सफर
कैंटोनमेंट 4/5-स्टार होटलबुजुर्ग यात्री, कॉर्पोरेट या लग्जरी परिवारमंदिर से 5–6 किमीसभी आधुनिक सुविधाएँ, खुली सड़कें, सुबह मंदिर हेतु 20 मिनट की कैब ड्राइव

8. पार्किंग, ड्रॉप गेट व पैदल मार्ग

काशी के प्राचीन गंगा घाटों की संकरी गलियों के विपरीत, जैन तीर्थों तक गाड़ियों की पहुँच बहुत सुगम है:

  • भेलूपुर जन्मभूमि मंदिर: कार और 17-सीटर टेम्पो सीधे जैन मंदिर रोड पर मंदिर द्वार से मात्र 30 से 40 मीटर पहले यात्रियों को ड्रॉप कर सकते हैं। जन्म कल्याणक की सुबह (08:00 से 10:30 बजे) रथयात्रा के समय पुलिस द्वारा भेलूपुर चौराहे पर बैरिकेडिंग होने पर गाड़ियाँ विजया सिनेमा चौराहे पर ड्रॉप करती हैं, जहाँ से केवल 250 मीटर सीधा समतल पैदल मार्ग है।
  • भदैनी / जैन घाट: गाड़ियाँ भदैनी जलकल या शिवाला चौराहे तक जाती हैं। वहाँ से 150 मीटर का हल्का ढलान उतरकर मंदिर प्रांगण पहुँचा जाता है।
  • सारनाथ व चंद्रावती: दोनों ही स्थलों पर मंदिर गेट के ठीक बाहर पक्की पार्किंग है, जहाँ आपका ड्राइवर सामान की निगरानी के साथ इंतजार कर सकता है।

9. वरिष्ठ नागरिकों एवं परिवारों के लिए सलाह

  1. ठंडे पत्थर के फर्श: जनवरी की सुबह तापमान 8°C से 11°C रहता है। मंदिर के संगमरमरी बरामदे बहुत ठंडे होते हैं। वरिष्ठजनों के लिए रबर ग्रिप वाले साफ ऊनी मोजे साथ रखें ताकि वे बिना फिसले आराम से चल सकें।
  2. सामान की सुरक्षा: यदि आप अंतिम दिन सुबह धर्मशाला चेकआउट कर सारनाथ और चंद्रावती दर्शन करते हुए एयरपोर्ट या स्टेशन जा रहे हैं, तो बड़े सूटकेस अपनी प्राइवेट कैब की डिक्की में लॉक रहने दें; ग्रामीण मंदिरों में भारी सामान ढोने की आवश्यकता नहीं होगी।
  3. सर्दियों का कोहरा व फ्लाइट समय: बाबतपुर एयरपोर्ट पर जनवरी की सुबह घना कोहरा रहता है। वापसी की फ्लाइट दोपहर 01:00 से शाम 05:00 बजे के बीच की बुक करें ताकि सुबह की देरी से बचा जा सके।

10. सुझाई गई 1-दिवसीय व 2-दिवसीय यात्रा योजना

1-दिवसीय एक्सप्रेस 4-तीर्थंकर सर्किट (कल्याणक दिवस)

  • 05:15 AM: होटल/धर्मशाला से प्राइवेट कैब द्वारा भेलूपुर प्रस्थान।
  • 05:30 AM: भेलूपुर दिगंबर मंदिर में मंगलाभिषेक, प्रक्षालन व शांतिधारा दर्शन।
  • 08:30 AM: भेलूपुर की गलियों में निकलती भव्य रथयात्रा का दर्शन।
  • 10:30 AM: 8 मिनट की ड्राइव से भदैनी जैन घाट गमन; भगवान सुपार्श्वनाथ दर्शन व गंगा दर्शन।
  • 11:30 AM: भेलूपुर भोजनालय में शुद्ध सात्विक संघपति भोजन प्रसादी।
  • 12:30 PM: उत्तरी दिशा में सारनाथ / सिंहपुरी प्रस्थान (35 मिनट); 11वें तीर्थंकर मंदिर व 16 स्वप्न भित्तिचित्र दर्शन।
  • 02:00 PM: गाजीपुर हाईवे होकर चंद्रावती तीर्थ प्रस्थान (40 मिनट ड्राइव)।
  • 02:45 PM: गंगा तट पर 8वें तीर्थंकर भगवान चंद्रप्रभु के प्राचीन मंदिर दर्शन।
  • 04:15 PM: चंद्रावती में या शहर लौटकर 05:19 PM के सूर्यास्त से पहले चौविहार सायंकालीन भोजन।
  • 06:30 PM: भेलूपुर लौटकर 108 दीप महाआरती व भक्तामर पाठ में सहभागिता।

2-दिवसीय शांत तीर्थ यात्रा व काशी दर्शन

  • पहला दिन: पूरा दिन भेलूपुर जन्म कल्याणक उत्सव, भदैनी जैन घाट दर्शन और शाम को अस्सी से जैन घाट तक शांत नाव यात्रा।
  • दूसरा दिन: प्रातःकाल सारनाथ व चंद्रावती तीर्थ का इत्मीनान से भ्रमण, और दोपहर बाद श्री काशी विश्वनाथ धाम में सुलभ दर्शन।

11. फिक्स्ड व्हीकल किराया सूची

सभी गाड़ियाँ बिना किसी पीक फेस्टिवल सर्ज के तयशुदा पारदर्शी किराए पर उपलब्ध हैं, जिसमें साफ-सुथरी एसी गाड़ी, अनुभवी ड्राइवर, ईंधन और पार्किंग शामिल हैं:

सेवा / गाड़ी का प्रकारबैठने की क्षमतामानक अवधि / रूटफिक्स्ड किराया (INR)मुख्य सुविधाएँ
एयरपोर्ट पिकअप / ड्रॉप (सेडान)4 सवारी तकबाबतपुर एयरपोर्ट ↔ भेलूपुर / शहर₹899एसी डिजायर/इटिओस, 45 मिनट कोहरा ट्रैकिंग, पार्किंग शामिल
एयरपोर्ट पिकअप / ड्रॉप (अर्टिगा)6 सवारी तकबाबतपुर एयरपोर्ट ↔ भेलूपुर / शहर₹1,299एसी अर्टिगा, लगेज कैरियर, टोल व पार्किंग शामिल
एयरपोर्ट पिकअप / ड्रॉप (क्रिस्टा)6 सवारी तकबाबतपुर एयरपोर्ट ↔ भेलूपुर / शहर₹1,800प्रीमियम इनोवा क्रिस्टा, शानदार लेगरूम
एयरपोर्ट पिकअप (17-सीटर टेम्पो)17 सवारी तकबाबतपुर एयरपोर्ट ↔ भेलूपुर / शहर₹2,500एसी टेम्पो ट्रैवलर, बड़े समूह व सामान हेतु उत्तम
4-तीर्थंकर सर्किट कैब (सेडान)4 सवारी तक8 घंटे / 80 किमी डिस्पोजल₹2,499भेलूपुर, भदैनी, सारनाथ, चंद्रावती इंतजार सहित
4-तीर्थंकर सर्किट कैब (अर्टिगा)6 सवारी तक8 घंटे / 80 किमी डिस्पोजल₹2,800पारिवारिक एसयूवी, सभी मंदिरों पर ड्राइवर का इंतजार
4-तीर्थंकर सर्किट कैब (क्रिस्टा)6 सवारी तक8 घंटे / 80 किमी डिस्पोजल₹3,800लग्जरी क्रिस्टा, हाईवे टोल व सभी पार्किंग शामिल
4-तीर्थंकर ग्रुप टेम्पो (17-सीटर)17 सवारी तक8 घंटे / 80 किमी डिस्पोजल₹4,250तीर्थ संघ / बड़े परिवार हेतु समर्पित एसी टेम्पो
निजी सूर्योदय गंगा बोट6 सवारी तकअस्सी ↔ जैन घाट ↔ दशाश्वमेध₹3,500हाथ से चलने वाली पारंपरिक नाव, लाइफ जैकेट सहित
काशी विश्वनाथ सुलभ दर्शनप्रति व्यक्तिगेट 1 एस्कॉर्ट व सहयोग₹500₹300 सरकारी टिकट + ₹200 ऑपरेटर सहयोग

नोट: प्रयागराज त्रिवेणी संगम (120 किमी) या अयोध्या राम मंदिर (215 किमी) की आउटस्टेशन यात्रा हेतु अपनी सवारी संख्या अनुसार फिक्स्ड कोट प्राप्त करें।


12. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

क्या वरिष्ठ नागरिक 1 दिन में चारों तीर्थंकर स्थलों के दर्शन कर सकते हैं?

हाँ। काशी के अन्य संकरे गलियों वाले मंदिरों की तुलना में भेलूपुर, सारनाथ और चंद्रावती तीनों प्रमुख तीर्थों पर गाड़ियाँ मंदिर द्वार से मात्र 30 से 50 मीटर पहले रोक दी जाती हैं, जिससे वरिष्ठजनों को बिल्कुल समतल और आसान चलना पड़ता है। केवल भदैनी घाट पर 150 मीटर का हल्का ढलान है।

क्या भेलूपुर जैन मंदिर में फोटोग्राफी की अनुमति है?

मंदिर की मर्यादा के अनुसार मुख्य गर्भगृह और मूलनायक प्रतिमा की फोटोग्राफी पूर्णतः वर्जित है। बाहरी स्थापत्य, प्रांगण और सड़क पर निकलने वाली रथयात्रा की तस्वीरें लेने की अनुमति रहती है।

सारनाथ और चंद्रावती भ्रमण के दौरान चौविहार भोजन की व्यवस्था कैसे करें?

चंद्रावती तीर्थ के भोजनालय में दोपहर 01:00 बजे तक सात्विक भोजन मिलता है। यदि आपका समूह शाम को लौट रहा है, तो दोपहर 03:00 बजे ही अपने ड्राइवर को सूचित कर दें ताकि वे आपको शाम 04:30 बजे तक भेलूपुर या किसी शुद्ध शाकाहारी भोजनालय पहुँचा दें, जिससे 05:19 PM के सूर्यास्त से पहले चौविहार पूर्ण हो सके।

नाव द्वारा जैन घाट कैसे पहुंचा जा सकता है?

आप अस्सी घाट या दशाश्वमेध घाट से निजी नाव ले सकते हैं। नाव दक्षिणी घाटों से होते हुए जैन घाट और भदैनी के सामने रुकती है, जहाँ से नदी में रहते हुए भगवान सुपार्श्वनाथ की जन्मस्थली के बलुआ पत्थर के मंदिरों का अद्भुत दर्शन होता है।

🪔Varanasi Guide

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जनवरी 2026 में वाराणसी की संपूर्ण मौसम व यात्रा गाइड — तापमान, पैकिंग, कोहरा-सर्वाइवल टिप्स, बुज़ुर्गों के लिए सलाह और जनवरी के त्योहार।

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🪔Varanasi Guide

सारनाथ बौद्ध मंदिर गाइड 2026 | सभी मंदिर, समय और प्रार्थना अनुसूची

सारनाथ के सभी बौद्ध मंदिरों की संपूर्ण गाइड — मूलगंध कुटी विहार सहित थाई, तिब्बती, श्रीलंकाई, जापानी और चीनी मंदिर, प्रार्थना अनुसूची और दर्शन जानकारी।

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वाराणसी के घाटों की गाइड | प्रमुख घाट, सर्किट और नाव बनाम पैदल

वाराणसी के घाटों की गाइड | प्रमुख घाट, सर्किट और नाव बनाम पैदल

वाराणसी के घाटों की संपूर्ण गाइड — कौन-से घाट देखें, पहली बार आने वालों के लिए सही घाट सर्किट, गंगा आरती और नाव बनाम पैदल का फैसला।

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2026 वाराणसी परिवहन मूल्य गाइड - एयरपोर्ट टैक्सी, पिंक कैब, आउटस्टेशन किराया और नाव की सवारी

2026 वाराणसी परिवहन मूल्य गाइड - एयरपोर्ट टैक्सी, पिंक कैब, आउटस्टेशन किराया और नाव की सवारी

वाराणसी एयरपोर्ट टैक्सी मूल्य, केवला-महिलाओं के लिए पिंक टैक्सी, लखनऊ → वाराणसी किराया, गंगा आरती नाव बुकिंग मूल्य, एक-दिवसीय टूर कैब शुल्‍क, अस्सी घाट ↔ एयरपोर्ट दूरी, और वाराणसी → बोधगया टैक्सी लागत के लिए आपकी एक-स्टॉप गाइड। www.kashitaxi.in पर तुरंत बुक करें या 80621 79267 पर कॉल करें।

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काशी पंचक्रोशी परिक्रमा कार से: 88.5 किमी 5-पड़ाव मार्ग व कैब किराया ₹2,600 से

काशी पंचक्रोशी परिक्रमा कार से: 88.5 किमी 5-पड़ाव मार्ग व कैब किराया ₹2,600 से

काशी की पावन 88.5 किमी (25 कोस) पंचक्रोशी परिक्रमा कार द्वारा संपन्न करने की पूरी जानकारी। जानिए 5 मुख्य पड़ाव, 1-दिवसीय यात्रा योजना, बुजुर्गों हेतु सुलभता, मणिकर्णिका संकल्प, साक्षी विनायक गवाही व फिक्स्ड टैक्सी किराया।

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