वाराणसी में मां अन्नपूर्णा जयंती 2026: तिथि, मंदिर दर्शन, रसोई पूजन व कैब ड्रॉप
2026 तिथि व मंदिर समय: काशी में मां अन्नपूर्णा जयंती और मार्गशीर्ष पूर्णिमा का पर्व बुधवार, 23 दिसंबर 2026 को मनाया जाएगा। पूर्णिमा तिथि 23 दिसंबर को पूर्वाह्न 10:47 बजे शुरू होकर 24 दिसंबर 2026 को प्रातः 06:57 बजे समाप्त होगी। विश्वनाथ गली स्थित श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर के कपाट प्रातः 04:00 बजे मंगला आरती के साथ खुलेंगे। इसके बाद राजसी रजत श्रृंगार, दोपहर 11:30 बजे छप्पन भोग और मंदिर के अन्नक्षेत्र में दिनभर निःशुल्क महाप्रसाद (भंडारा) वितरित किया जाएगा।
दीपावली पर धनतेरस से भाई दूज तक 5 दिन माता अन्नपूर्णा के स्वर्ण रूप के दर्शन होते हैं। लेकिन मार्गशीर्ष पूर्णिमा को काशी में मां अन्नपूर्णा जयंती मनाई जाती है। यह दिन गर्भगृह की मूल पीतल प्रतिमा के रजत श्रृंगार, 56 भोग, अन्नक्षेत्र के महाप्रसाद और घरों में चूल्हा पूजन का पर्व है।
काशी खंड के अनुसार इसी दिन माता पार्वती ने अन्नपूर्णा रूप धारण कर भगवान शिव को भिक्षा दी थी और वरदान दिया था कि काशी के क्षेत्र में कोई भी जीव भूखा नहीं रहेगा।
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में भारी भीड़, सुबह का घना कोहरा और पुराने शहर में गाड़ियों पर रोक रहती है। साथ ही कई दलाल 'स्वर्ण दर्शन' के नाम पर बाहर के यात्रियों से ठगी की कोशिश करते हैं। यह गाइड आपको दर्शन समय, पार्किंग और यात्रा से जुड़े जरूरी जमीनी नियम बताती है।
अन्नपूर्णा जयंती 2026 तिथि, मार्गशीर्ष पूर्णिमा व मंदिर आरती समय
वाराणसी के स्थानीय पंचांग के अनुसार अनुष्ठान का समय:
अनुष्ठान चरण
कैलेंडर तिथि
समय
मुख्य स्थल व विवरण
मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि प्रारंभ
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
पूर्वाह्न 10:47 बजे
पूर्णिमा तिथि का आरंभ; दान-पुण्य व सत्यनारायण कथा का समय।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा तिथि समाप्त
गुरुवार, 24 दिसंबर 2026
प्रातः 06:57 बजे
तिथि समापन; गुरुवार भोर का स्नान पूर्णिमा पारणा कहलाएगा।
ब्रह्म मुहूर्त पूर्णिमा स्नान
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
प्रातः 05:14 – 06:05 बजे
दशाश्वमेध, मणिकर्णिका अथवा दत्तात्रेय घाट पर पावन गंगा स्नान।
मंगला आरती व मंदिर कपाट
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
प्रातः 04:00 – 05:00 बजे
अन्नपूर्णा मंदिर में मंगला आरती; पुष्प व रजत श्रृंगार की शुरुआत।
प्रातःकालीन सामान्य दर्शन
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
प्रातः 05:00 – 11:30 बजे
विश्वनाथ गली कतार से गर्भगृह में मां अन्नपूर्णा के दर्शन।
मध्याह्न छप्पन भोग आरती
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
पूर्वाह्न 11:30 – 12:30 बजे
माता को 56 प्रकार के मिष्ठान, फल व पकवानों का महाभोग अर्पण।
दोपहर विश्राम (पट बंद)
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
दोपहर 12:30 – 02:00 बजे
मध्याह्न भोग उपरांत गर्भगृह के कपाट विश्राम हेतु बंद रहते हैं।
अन्नक्षेत्र महाप्रसाद (भंडारा)
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
दोपहर 11:30 – 04:00 बजे
बहुमंजिला अन्नक्षेत्र भवन में श्रद्धालुओं हेतु निःशुल्क भोजन।
संध्या श्रृंगार व महाआरती
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
सायं 07:00 – 08:00 बजे
शंख ध्वनि, डमरू वादन व अन्नपूर्णा स्तोत्र पाठ के साथ आरती।
शयन आरती व रात्रि विश्राम
बुधवार, 23 दिसंबर 2026
रात्रि 10:00 – 10:30 बजे
अंतिम रात्रि आरती; कपाट प्रातःकाल तक के लिए बंद।
जरूरी सलाह: दोपहर 12:30 बजे से 02:00 बजे तक मंदिर के पट भोग व विश्राम हेतु बंद रहते हैं। यदि आप सुबह आ रहे हैं, तो 11:30 बजे से पहले विश्वनाथ गली में प्रवेश कर लें ताकि बाहर गली में खड़ा न रहना पड़े।
🛕 मां अन्नपूर्णा जयंती व शीतकालीन काशी दर्शन: फिक्स्ड कैब व ड्रॉप सहायता
मां अन्नपूर्णा जयंती व मार्गशीर्ष पूर्णिमा (23 दिसंबर 2026) पर काशी आ रहे हैं? विश्वनाथ गली क्षेत्र पूर्णतः पैदल मार्ग है। हम शीतकालीन कोहरा मॉनिटरिंग युक्त एयरपोर्ट/स्टेशन पिकअप, बेनियाबाग व मैदागिन निकटतम ड्रॉप, वरिष्ठ नागरिकों हेतु स्टैंडबाय कैब और बिना किसी पीक सर्ज के स्वच्छ पारिवारिक टेम्पो ट्रेवलर उपलब्ध कराते हैं।
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23 दिसंबर को सोने की प्रतिमा नहीं खुलती (दलालों से सावधान)
काशी आने वाले कई श्रद्धालु स्थानीय दलालों की बातों में आकर भ्रमित हो जाते हैं। इन दोनों पर्वों के अंतर को स्पष्ट समझें:
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│ काशी में दो अलग-अलग पावन पर्व │
│ │
│ 1. धनतेरस से भाई दूज (नवंबर - दीपावली सप्ताह): │
│ • प्रथम तल पर स्थित तिजोरी के कपाट वर्ष में केवल 5 दिन खुलते हैं │
│ • ठोस स्वर्णमयी प्रतिमा और स्वर्ण खजाना सिक्का मिलता है │
│ • 4 से 6 घंटे लंबी कतार और अत्यधिक भीड़ रहती है │
│ │
│ 2. अन्नपूर्णा जयंती (मार्गशीर्ष पूर्णिमा / 23 दिसंबर 2026): │
│ • मां अन्नपूर्णा का पावन प्राकट्य दिवस │
│ • भूतल स्थित गर्भगृह की मूल पीतल प्रतिमा का दर्शन होता है │
│ • राजसी रजत सिंहासन (रजत श्रृंगार) व भव्य पुष्प बंगला सजता है │
│ • अन्नक्षेत्र में 20,000+ लोगों का विशाल निःशुल्क भंडारा होता है │
│ • इस दिन स्वर्ण प्रतिमा वाली तिजोरी बंद रहती है │
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1. स्वर्ण प्रतिमा की तिजोरी इस दिन बंद रहती है
माता अन्नपूर्णा की प्राचीन सोने की प्रतिमा प्रथम तल पर तिजोरी में स्थापित है। वे केवल धनतेरस से भाई दूज तक (नवंबर में) बाहर लाई जाती हैं। उस पर्व की जानकारी हेतु हमारी मां अन्नपूर्णा स्वर्ण रूप दर्शन गाइड पढ़ें।
अन्नपूर्णा जयंती (23 दिसंबर 2026) पर दर्शन भूतल स्थित मुख्य गर्भगृह में होता है। माता की पीतल की प्रतिमा को विशेष रजत श्रृंगार (चांदी का छत्र, सिंहासन व आभूषण) और फूलों के बंगले से सजाया जाता है। इस दिन दर्शन सामान्य रूप से शांतिपूर्ण रहता है और धनतेरस जैसी घंटों लंबी कतार नहीं होती।
दलालों से सावधान: गोदौलिया, बांसफाटक और विश्वनाथ गली में कुछ दलाल बाहर के यात्रियों को "सोने की प्रतिमा का वीआईपी दर्शन" कराने का झांसा देकर पैसे मांगते हैं। स्वर्ण तिजोरी पर आधिकारिक ताले लगे रहते हैं जो धनतेरस 2027 से पहले नहीं खुलेंगे। वीआईपी दर्शन के नाम पर किसी को पैसे न दें।
2. विश्वनाथ मंदिर का सुगम दर्शन टिकट यहां मान्य नहीं है
श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर महंत शंकर पुरी ट्रस्ट द्वारा संचालित एक स्वतंत्र मंदिर है। इसका काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास (SKVT) से अलग प्रशासन है।
विश्वनाथ मंदिर की वेबसाइट से लिया गया ₹300 वाला ऑनलाइन सुगम दर्शन पास अन्नपूर्णा मंदिर में मान्य नहीं होता। यहां प्रवेश सभी के लिए विश्वनाथ गली की मुख्य कतार से पूर्णतः निःशुल्क है।
23 दिसंबर को काशी में होने वाले चार मुख्य आयोजन
मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन काशी में चार महत्वपूर्ण धार्मिक परंपराएं एक साथ जुड़ती हैं:
[ 23 दिसंबर 2026: काशी में चार पावन आयोजन ]
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अन्नपूर्णा मंदिर अन्नक्षेत्र महाप्रसाद घरेलू चूल्हा/रसोई पूजन दत्तात्रेय घाट
रजत श्रृंगार व श्रद्धालुओं हेतु घरों में रसोई शुद्धि व भोर स्नान व दत्त
छप्पन भोग दर्शन निःशुल्क गर्म सात्विक भोजन खीर का पहला भोग पादुका महा-अभिषेक
1. श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर दर्शन व छप्पन भोग
विश्वनाथ गली में गेट 4 (बांसफाटक) से मात्र 50 मीटर की दूरी पर स्थित मंदिर को गेंदे के फूलों से सजाया जाता है। दोपहर 11:30 बजे पुजारियों द्वारा माता को छप्पन भोग निवेदित किया जाता है, जिसमें बनारसी पेड़ा, मालपुआ, मलाई घेवर, केसरिया खीर, मेवे और मौसमी पकवान शामिल होते हैं।
मंदिर प्रांगण में आदि शंकराचार्य रचित श्री अन्नपूर्णा अष्टकम का पाठ होता है:
मंदिर के सामने बहुमंजिला अन्नक्षेत्र स्थित है। सामान्य दिनों की तरह यहां भोजन निःशुल्क मिलता है, लेकिन अन्नपूर्णा जयंती पर यह व्यवस्था 15,000 से 25,000 श्रद्धालुओं के लिए बढ़ा दी जाती है।
श्रद्धालु फर्श पर बैठकर पंगत में भोजन करते हैं। भोजन में गरमा-गरम चावल, दाल, मौसमी सब्जी, पूरियां और खीर परोसी जाती है। भोजन पूरी तरह निःशुल्क है। जो भक्त दान करना चाहते हैं, वे सीधे ट्रस्ट के काउंटर पर दान देकर अधिकृत रसीद ले सकते हैं।
3. घरों में रसोई व चूल्हा पूजन
बनारस और पूरे उत्तर भारत के घरों में यह दिन रसोई शुद्धि व चूल्हा पूजन के रूप में मनाया जाता है:
सुबह की सफाई: सुबह ही पूरी रसोई को धोकर साफ किया जाता है।
चूल्हे का तिलक: गैस चूल्हे या चूल्हे को साफ कर हल्दी, रोली और अक्षत से तिलक लगाया जाता है।
चौखट पर ऐपन: चावल के घोल (ऐपन) से रसोई की चौखट पर शुभ चिह्न बनाए जाते हैं।
पहला भोग: मां अन्नपूर्णा का चित्र रखकर घी का दीपक जलाया जाता है। बिना चखे बनाई गई खीर या हलवे का पहला भोग देवी को अर्पित करने के बाद ही परिवार भोजन करता है।
अन्न का आदर: इस दिन घर में अन्न बर्बाद नहीं किया जाता। कई परिवार जरूरतमंदों को कच्चा राशन (चावल, आटा, दाल, तेल) दान करते हैं।
4. दत्तात्रेय घाट पर दत्तात्रेय जयंती
सिंधिया घाट और मणिकर्णिका घाट के बीच स्थित दत्तात्रेय घाट पर एक छोटा प्राचीन मंदिर है, जहां भगवान दत्तात्रेय के चरण पादुका स्थापित हैं।
मान्यता है कि भगवान दत्तात्रेय प्रतिदिन दोपहर को यहां गंगा स्नान करने आते हैं। मार्गशीर्ष पूर्णिमा को उनके प्राकट्य दिवस पर भक्त और साधु भोर में एकत्र होते हैं:
गंगाजल व पंचामृत से चरण पादुकाओं का अभिषेक किया जाता है।
श्रद्धालु गंगा स्नान कर अवधूत गीता और दत्त स्तोत्र का पाठ करते हैं।
घाट पर साधुओं को ऊनी कंबल और भोजन दान दिया जाता है।
दिसंबर कोहरा: यात्रा के जरूरी सुझाव
दिसंबर के अंतिम सप्ताह में उत्तर भारत में सुबह का घना कोहरा रहता है। अपनी यात्रा की योजना बनाते समय इन बातों का ध्यान रखें:
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│ दिसंबर कोहरा: यात्रा चेकलिस्ट │
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│ • फ्लाइट का समय: दोपहर 12:00 से 04:00 बजे के बीच लैंड होने वाली │
│ फ्लाइट्स चुनें। सुबह 10 बजे से पहले वाली उड़ानों में देरी आम है। │
│ • ट्रेन का समय: कोहरे के कारण उत्तर भारत की ट्रेनें 2–4 घंटे लेट │
│ चल सकती हैं। उसी दिन का कड़ा दर्शन समय न रखें। │
│ • प्री-बुक्ड कैब: ऐसी कैब लें जो लाइव फ्लाइट स्टेटस ट्रैक करे, │
│ ताकि देरी होने पर भी कोई अतिरिक्त वेटिंग चार्ज न लगे। │
│ • ऊनी मोज़े: मंदिरों के फर्श 10°C तक ठंडे होते हैं; बुजुर्गों हेतु │
│ रबर-ग्रिप वाले मोटे ऊनी मोज़े साथ रखें। │
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फ्लाइट का समय: बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) पर सुबह 05:00 से 09:30 बजे तक घना कोहरा रहता है। दोपहर 12:00 से सायं 04:00 बजे के बीच आने वाली उड़ानें समय पर उतरती हैं।
ट्रेनों की स्थिति: दिल्ली, लखनऊ अथवा पटना की ओर से कैंट (Varanasi Jn), बनारस (BSBS) या डीडीयू (DDU) स्टेशन आने वाली ट्रेनें अक्सर 2 से 4 घंटे लेट हो जाती हैं। पहुंचने वाले दिन का शेड्यूल लचीला रखें।
कैब बुकिंग: यदि आपकी ट्रेन या फ्लाइट लेट हो, तो लाइव स्टेटस ट्रैक करने वाली कैब सेवा लेने से वेटिंग चार्ज नहीं लगता। हमारे चालक समय के अनुसार पिकअप एडजस्ट कर लेते हैं।
विश्वनाथ गली हेतु पेरीमीटर ड्रॉप पॉइंट्स व पैदल मार्ग
काशी विश्वनाथ धाम और अन्नपूर्णा मंदिर के आसपास का पूरा इलाका नो-व्हीकल जोन है। किसी भी गाड़ी को विश्वनाथ गली में जाने की अनुमति नहीं है। अपने ड्राइवर को इन दो अधिकृत पार्किंग स्थलों पर छोड़ने को कहें:
[ बाबतपुर एयरपोर्ट / कैंट रेलवे स्टेशन ]
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[ बेनियाबाग मल्टी-लेवल पार्किंग ] [ मैदागिन टाउन हॉल पार्किंग ]
(पश्चिमी मार्ग: बांसफाटक गेट 4 होकर (उत्तरी मार्ग: चौक होकर
700 मीटर समतल पैदल दूरी) 850 मीटर पैदल दूरी)
│ │
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[ बांसफाटक मोड़ ] [ चौक चौराहा ]
│ │
└────────────────────────► [ विश्वनाथ गली ] ◄──────────────┘
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[ श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर ]
1. बेनियाबाग भूमिगत मल्टी-लेवल पार्किंग (सर्वोत्तम मार्ग)
रास्ता: पार्किंग से निकलकर दशाश्वमेध मार्ग पर आएं या ई-रिक्शा से बांसफाटक मोड़ तक जाएं। बांसफाटक से गेट 4 (विश्वनाथ गली) में प्रवेश करें; 50 मीटर आगे दाईं ओर अन्नपूर्णा मंदिर है।
किसके लिए उत्तम: बुजुर्गों और बच्चों वाले परिवारों के लिए; यहां समतल रास्ता है और आधे रास्ते तक ई-रिक्शा मिल जाता है।
रास्ता: मैदागिन से बुलानाला होकर चौक चौराहे तक पैदल चलें। चौक से बाएं मुड़कर विश्वनाथ गली में प्रवेश करें और 300 मीटर आगे मंदिर पहुंचें।
किसके लिए उत्तम: जो श्रद्धालु अन्नपूर्णा दर्शन के साथ काल भैरव मंदिर (मैदागिन से 400 मीटर उत्तर) भी जाना चाहते हैं।
दत्तात्रेय घाट कैसे पहुंचे?
पैदल रास्ता: चौक चौराहे से सिंधिया घाट की ओर जाने वाली संकरी ढलानदार गलियों से उतरें (लगभग 600 मीटर)। सीढ़ियां खड़ी और ठंड में ओस के कारण कुछ फिसलन भरी हो सकती हैं।
नाव द्वारा (बुजुर्गों हेतु सर्वोत्तम):दशाश्वमेध घाट या नमो घाट से एक लकड़ी की नाव लें। नाव सीधे दत्तात्रेय घाट की सीढ़ियों पर लगा दी जाती है, जिससे गलियों की सीढ़ियां नहीं चढ़नी पड़तीं।
बुजुर्गों और परिवारों के लिए जरूरी बातें
सर्दियों में बुजुर्ग माता-पिता के साथ दर्शन करते समय इन बातों का ध्यान रखें:
ठंडे फर्श से बचाव: मंदिर के बाहर जूते उतारने पड़ते हैं। दिसंबर में फर्श 8°C–11°C तक ठंडा रहता है। बुजुर्गों के लिए रबर-ग्रिप वाले मोटे ऊनी मोज़े साथ रखें, ताकि ठंड से बचाव रहे और फिसलन न हो।
दर्शन का सही समय: सुबह 08:30 से 11:00 बजे तक भीड़ ज्यादा रहती है। बुजुर्गों के लिए दो समय सबसे बेहतर हैं:
सुबह का समय (प्रातः 06:00 – 07:30 बजे): मंगला आरती के बाद कतार छोटी और सामान्य गति से चलती है।
दोपहर बाद (दोपहर 02:15 – 03:45 बजे): पट दोबारा खुलने के तुरंत बाद कतार कम रहती है।
पर्स व मोबाइल: विश्वनाथ धाम में मोबाइल फोन जमा कराने पड़ते हैं, लेकिन अन्नपूर्णा मंदिर में छोटा पर्स ले जाने दिया जाता है। भीड़ में पर्स और मोबाइल अंदरूनी जेब में संभालकर रखें।
फिक्स्ड-किराया वाहन दरें (कोई पीक सर्ज नहीं)
दिसंबर के आखिरी हफ्ते में कैंट स्टेशन और एयरपोर्ट पर ऑटो व टैक्सियां अक्सर काफी ज्यादा किराया मांगती हैं। यदि आप पहले से तय फिक्स्ड किराये और फ्लाइट ट्रैकिंग के साथ गाड़ी चाहते हैं, तो हमारी दरें नीचे दी गई हैं:
गाड़ी की श्रेणी
मॉडल उदाहरण
यात्री क्षमता
एयरपोर्ट ट्रांसफर (VNS ⇄ शहर)
हाफ-डे लोकल (4 घंटे / 40 किमी)
फुल-डे लोकल (8 घंटे / 80 किमी)
एक्सटेंडेड पैकेज (12 घंटे / 120 किमी)
एसी सेडान
मारुति डिजायर / इटिओस
4 व्यक्ति + 2 बैग
₹899
₹1,600
₹2,499
₹3,200
एसी कॉम्पैक्ट एसयूवी
मारुति अर्टिगा
6 व्यक्ति + 3 बैग
₹1,299
₹2,000
₹2,800
₹3,900
प्रीमियम एसयूवी
टोयोटा इनोवा
6 व्यक्ति + 4 बैग
₹1,500
₹2,400
₹3,200
₹4,500
लक्जरी एमपीवी
इनोवा क्रिस्टा
6/7 व्यक्ति + 4 बड़े बैग
₹1,800
₹2,800
₹3,800
₹5,200
महाराजा टेम्पो
फोर्स 12-सीटर
11 व्यक्ति + लगेज बूट
₹2,200
₹3,000
₹3,800
₹5,000
एग्जीक्यूटिव टेम्पो
फोर्स 17-सीटर
16 व्यक्ति + रूफ कैरियर
₹2,500
₹3,200
₹4,250
₹5,500
मिनी कोच
फोर्स 26-सीटर
25 व्यक्ति + गहरा बूट
₹3,200
₹4,000
₹5,200
₹6,800
लक्जरी अर्बानिया
फोर्स अर्बानिया
12/16 रिक्लाइनर सीटें
₹3,500
₹4,500
₹5,800
₹7,200
दरों की स्पष्टता: किराए में ईंधन, ड्राइवर भत्ता और समस्त राज्य टैक्स शामिल हैं। बेनियाबाग या मैदागिन भूमिगत पार्किंग का शुल्क (लगभग ₹50–₹100) वास्तविक नगर निगम टिकट के अनुसार देय होता है। पहले से बुक की गई गाड़ियों पर कोई हॉलिडे सर्ज चार्ज नहीं लिया जाता।
मार्गशीर्ष पूर्णिमा भोर नाव किराया
नौका सेवा
यात्री क्षमता
रूट कवरेज
फिक्स्ड किराया
मुख्य विशेषताएं
शेयर्ड सनराइज बोट
प्रति सीट
दशाश्वमेध ⇄ मणिकर्णिका व दत्तात्रेय घाट वापसी
₹490 / सीट
लाइफ जैकेट शामिल, भोर की आरती दर्शन
प्राइवेट लकड़ी की नाव
1–6 व्यक्ति
समर्पित स्थानीय नाविक, दत्तात्रेय घाट पर ठहराव
₹1,800 – ₹2,200
शांत पारंपरिक चप्पू वाली नौका
प्राइवेट मोटरबोट चार्टर
15 व्यक्ति तक
नमो घाट या अस्सी घाट से यात्रा
₹3,500 – ₹4,500
बड़े परिवार हेतु सुविधाजनक
एक दिवसीय दर्शन कार्यक्रम (23 दिसंबर 2026)
यदि आपके पास बनारस में एक दिन का समय है, तो मंदिर के कपाट खुलने और ट्रैफिक नियमों के अनुसार यह कार्यक्रम आपके काम आएगा:
प्रातः 05:30 – 06:45 बजे: दशाश्वमेध घाट पहुंचें। नाव से मार्गशीर्ष पूर्णिमा का भोर दर्शन करें और दत्तात्रेय घाट के सामने रुककर चरण पादुका अभिषेक देखें।
प्रातः 07:00 – 08:30 बजे: गोदौलिया के पास कचौड़ी-सब्जी, जलेबी और कुल्हड़ चाय का नाश्ता करें। साथ ही सर्दियों की खास मिठाई मलइयो का स्वाद लें।
प्रातः 08:45 – 10:30 बजे: कैब से बेनियाबाग पार्किंग उतरें। बांसफाटक होकर विश्वनाथ गली में प्रवेश करें और श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर में माता के रजत श्रृंगार के दर्शन करें।
प्रातः 10:30 – 11:45 बजे: गेट 4 से श्री काशी विश्वनाथ धाम में प्रवेश कर बाबा विश्वनाथ के ज्योतिर्लिंग दर्शन करें।
दोपहर 12:00 – 01:15 बजे: अन्नपूर्णा मंदिर के अन्नक्षेत्र में जाकर महाप्रसाद (भंडारा) में भोजन करें।
दोपहर 01:30 – 03:30 बजे: दोपहर के भारी ट्रैफिक के समय कैब से होटल लौटकर विश्राम करें।
अपराह्न 04:00 – 06:30 बजे: कैब से संकट मोचन हनुमान मंदिर और बीएचयू स्थित नवीन विश्वनाथ मंदिर (VT) का दर्शन करें।
सायं 07:00 – 08:30 बजे: दशाश्वमेध घाट या राजेंद्र प्रसाद घाट पर शाम की गंगा आरती देखकर दिन का समापन करें।
🛕 मां अन्नपूर्णा जयंती व शीतकालीन काशी दर्शन: फिक्स्ड कैब व ड्रॉप सहायता
मां अन्नपूर्णा जयंती व मार्गशीर्ष पूर्णिमा (23 दिसंबर 2026) पर काशी आ रहे हैं? विश्वनाथ गली क्षेत्र पूर्णतः पैदल मार्ग है। हम शीतकालीन कोहरा मॉनिटरिंग युक्त एयरपोर्ट/स्टेशन पिकअप, बेनियाबाग व मैदागिन निकटतम ड्रॉप, वरिष्ठ नागरिकों हेतु स्टैंडबाय कैब और बिना किसी पीक सर्ज के स्वच्छ पारिवारिक टेम्पो ट्रेवलर उपलब्ध कराते हैं।
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अन्नपूर्णा जयंती वाराणसी के बारे में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
वाराणसी में मां अन्नपूर्णा जयंती 2026 कब मनाई जाएगी?
वाराणसी में मां अन्नपूर्णा जयंती बुधवार, 23 दिसंबर 2026 को मार्गशीर्ष पूर्णिमा पर मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि 23 दिसंबर को पूर्वाह्न 10:47 बजे शुरू होकर 24 दिसंबर को प्रातः 06:57 बजे समाप्त होगी। मंदिर में प्रातः 04:00 बजे मंगला आरती से रात्रि 10:30 बजे शयन आरती तक दर्शन और अन्नक्षेत्र में निःशुल्क भोजन चलेगा।
क्या अन्नपूर्णा जयंती पर स्वर्णमयी प्रतिमा के दर्शन होते हैं?
नहीं। पहले तल पर स्थित सोने की प्रतिमा वर्ष में केवल 5 दिन दीपावली (धनतेरस से भाई दूज) पर खुलती है। दिसंबर में अन्नपूर्णा जयंती पर भूतल गर्भगृह की मूल पीतल प्रतिमा का रजत श्रृंगार में दर्शन होता है।
क्या काशी विश्वनाथ सुगम दर्शन टिकट अन्नपूर्णा मंदिर में मान्य है?
नहीं। श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर का संचालन महंत शंकर पुरी ट्रस्ट करता है। इसका काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास से अलग प्रशासन है। विश्वनाथ मंदिर का ऑनलाइन सुगम दर्शन टिकट यहां नहीं चलता। यहां प्रवेश सामान्य कतार से पूर्णतः निःशुल्क है।
अन्नपूर्णा जयंती पर रसोई पूजन की क्या परंपरा है?
इस दिन घरों में रसोई की सफाई कर चूल्हे पर हल्दी, रोली और अक्षत से तिलक किया जाता है। बिना चखे बनाई गई खीर का पहला भोग मां अन्नपूर्णा को अर्पित किया जाता है और अन्न का अनादर न करने का संकल्प लिया जाता है।
अन्नपूर्णा मंदिर जाने के लिए कैब से कहां उतरना चाहिए?
विश्वनाथ गली में गाड़ियां नहीं जातीं। अपनी कैब बेनियाबाग भूमिगत पार्किंग (बांसफाटक गेट 4 होकर 700 मीटर समतल वॉक) या मैदागिन टाउन हॉल पार्किंग (चौक होकर 850 मीटर) पर पार्क करवाएं। बेनियाबाग से बांसफाटक तक ई-रिक्शा भी मिल जाता है।
दिसंबर में शीतकालीन कोहरे से वाराणसी यात्रा पर क्या प्रभाव पड़ता है?
दिसंबर के आखिरी हफ्ते में सुबह के कोहरे से बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) की उड़ानों और कैंट/डीडीयू स्टेशन की ट्रेनों में 1 से 3 घंटे की देरी हो सकती है। दोपहर 12:00 से 04:00 बजे की फ्लाइट्स बेहतर रहती हैं, और कैब ऐसी चुनें जो बिना वेटिंग चार्ज लिए देरी ट्रैक करती हो।