हर वर्ष मार्गशीर्ष मास की पूर्णिमा को महाराष्ट्र, कर्नाटक, गुजरात, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना से हजारों दत्त भक्त काशी पहुँचते हैं। जहाँ सामान्य पर्यटक शाम की दशाश्वमेध आरती देखने आते हैं, वहीं दत्त संप्रदाय के श्रद्धालु सिंधिया घाट और मणिकर्णिका घाट के बीच स्थित एक शांत, ऐतिहासिक घाट की ओर रुख करते हैं — दत्तात्रेय घाट।

यहाँ गंगा किनारे एक खुले प्रस्तर चबूतरे पर भगवान दत्तात्रेय (ब्रह्मा, विष्णु और महेश के संयुक्त अवतार) की पवित्र चरण पादुका प्रतिष्ठित है। धार्मिक मान्यता और श्री गुरुचरित्र के अनुसार, भगवान दत्तात्रेय आज भी प्रतिदिन काशी की गंगा में स्नान करने पधारते हैं। मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन यही दैनिक स्नान एक विराट प्राकट्योत्सव में बदल जाता है।

यदि आप दिसंबर 2026 में दत्तात्रेय जयंती पर काशी दर्शन की योजना बना रहे हैं, तो यहाँ पूजन मुहूर्त, गलियों की 100 सीढ़ियों से बचने के उपाय, 4-चरणीय दत्त तीर्थ परिक्रमा और पारदर्शी कैब व नाव व्यवस्था की पूरी व्यावहारिक जानकारी दी गई है।


1. प्रमुख तथ्य व मार्गशीर्ष पूर्णिमा 2026 पंचांग मुहूर्त

वाराणसी अक्षांश-देशांतर (25° 19′ N, 82° 59′ E) पर आधारित सत्यापित पंचांग विवरण:

पर्व व पैरामीटरसटीक समय व अवधिघाटों पर धार्मिक अनुष्ठान
दत्तात्रेय जयंती मुख्य दिवसबुधवार, 23 दिसंबर 2026मुख्य जन्मोत्सव दिवस; उपवास, गुरुचरित्र पाठ व प्रदोष काल महाआरती।
पूर्णिमा तिथि का प्रारंभबुधवार, 23 दिसंबर, सुबह 10:47 बजेसंकल्प, दत्त बावनी का पाठ और गंगा स्नान की शुरुआत।
पूर्णिमा तिथि का समापनगुरुवार, 24 दिसंबर, सुबह 06:57 बजेगुरुवार की सुबह सूर्योदय के ठीक बाद पूर्णिमा संपन्न होगी।
प्रदोष काल मुहूर्त (23 दिसंबर)बुधवार, 23 दिसंबर, शाम 05:18 से 07:45 बजेमुख्य दत्तात्रेय प्राकट्योत्सव: संध्या महाआरती, चरण पादुका दीपोत्सव और पंजीरी भोग वितरण।
वाराणसी सूर्योदय (24 दिसंबर)गुरुवार, 24 दिसंबर, सुबह 06:47 बजेकाशी गंगा तट पर अरुणोदय का समय।
ब्रह्म मुहूर्त पूर्णिमा स्नानगुरुवार, 24 दिसंबर, सुबह 05:14 से 06:05 बजेमार्गशीर्ष पूर्णिमा स्नान: तिथि समाप्त होने (06:57 AM) से पूर्व गंगा में पुण्य स्नान।
समकालीन पर्व23 व 24 दिसंबर 2026विश्वनाथ गली स्थित माँ अन्नपूर्णा मंदिर में अन्नपूर्णा जयंती।

मुहूर्त सलाह: भगवान दत्तात्रेय का जन्म प्रदोष काल (संध्या समय) में हुआ था, इसलिए मुख्य जन्मोत्सव और महाआरती बुधवार, 23 दिसंबर 2026 की शाम को होगी। वहीं मार्गशीर्ष पूर्णिमा का पवित्र ब्रह्म मुहूर्त गंगा स्नान गुरुवार, 24 दिसंबर 2026 को सुबह 05:14 से 06:05 बजे के बीच करना सबसे फलदायी है।


2. काशी और दत्त संप्रदाय का शाश्वत संबंध

दत्त संप्रदाय की परंपरा में भगवान दत्तात्रेय को आदिगुरु और अवधूत माना गया है। शास्त्रों में उनके दैनिक नित्यक्रम का वर्णन इस प्रकार मिलता है:

"प्रातः स्नानं काश्यां, मध्याह्नं कोल्हापुरे, शयनं गिरनारे..."
(प्रातःकाल काशी में गंगा स्नान, मध्याह्न में कोल्हापुर में भिक्षाटन, और रात्रि में गिरनार की कंदराओं में शयन...)

काशी के भूगोल में दत्त परंपरा के तीन प्रमुख केंद्र हैं:

  1. दत्तात्रेय घाट की चरण पादुका: सिंधिया और मणिकर्णिका घाट के बीच स्थित वह पवित्र शिला, जहाँ भगवान दत्तात्रेय के गंगा स्नान के उपरांत चरण रखने की मान्यता है।
  2. श्री नृसिंह सरस्वती की संन्यास दीक्षा: श्री गुरुचरित्र के 11वें अध्याय के अनुसार, कलियुग में भगवान दत्तात्रेय के दूसरे प्रमुख अवतार श्री नृसिंह सरस्वती जी ने युवावस्था में काशी आकर स्वामी कृष्ण सरस्वती जी से विधिवत संन्यास दीक्षा प्राप्त की थी।
  3. नारद घाट स्थित दत्तात्रेय मठ: दक्षिण वाराणसी के नारद घाट (प्राचीन कुवई घाट) पर 19वीं सदी में स्वामी सतीवेदानंद दत्तात्रेय द्वारा स्थापित यह मठ वेदांत अध्ययन और संन्यासियों की साधना का शांत केंद्र है, जहाँ दत्तात्रेयेश्वर महादेव का प्राचीन शिवलिंग विराजमान है।

3. घाट पर कैसे पहुँचें: नाव बनाम गलियों की सीढ़ियाँ

दत्तात्रेय घाट पर पहुँचने के दो रास्ते हैं, लेकिन बुजुर्गों और परिवारों के लिए इनमें जमीन-आसमान का फर्क है:

दत्तात्रेय घाट पहुँचने का तुलनात्मक रेखाचित्र:

सड़क मार्ग (चौखंभा गलियाँ):
मैदागिन पार्किंग ──> संकरी गलियाँ (750 मी.) ──> 100 खड़ी गीली सीढ़ियाँ ──> दत्तात्रेय घाट
(पैदल थकान, मणिकर्णिका का रास्ता, घुटनों के दर्द वाले बुजुर्गों के लिए जोखिम)

नदी मार्ग (प्राइवेट बोट):
दशाश्वमेध / अस्सी घाट ──> शांत गंगा क्रूज (15 मिनट) ──> सीधे घाट के चबूतरे पर लैंडिंग
(शून्य सीढ़ियाँ, सुरक्षित बोर्डिंग, रत्नेश्वर महादेव का अद्भुत दृश्य)

विकल्प 1: चौखंभा की गलियों से पैदल (बुजुर्गों के लिए अनुशंसित नहीं)

यदि आप कैब से आते हैं, तो गाड़ी आपको मैदागिन मल्टी-लेवल पार्किंग या टाउन हॉल छोड़ेगी। वहाँ से आपको ठठेरी बाजार और चौखंभा की संकरी गलियों में 750 मीटर पैदल चलना होगा।

सिंधिया घाट पहुँचते ही आपको लगभग 100 खड़ी, संकरी और गीली पत्थर की सीढ़ियाँ उतरनी होंगी। दिसंबर की सुबह ओस और गंगा की नमी से ये सीढ़ियाँ बहुत चिकनी हो जाती हैं। बुजुर्गों, घुटनों के दर्द से परेशान श्रद्धालुओं या पूजा की थाली लिए महिलाओं के लिए यह रास्ता बेहद कष्टकारी है।

विकल्प 2: प्राइवेट नाव से सीधी लैंडिंग (सबसे सुगम उपाय)

सबसे व्यावहारिक और गरिमामय तरीका नदी मार्ग है:

  1. अपनी कैब से दशाश्वमेध घाट या अस्सी घाट के प्रवेश बिंदु पर उतरें।
  2. पहले से बुक की गई प्राइवेट लकड़ी की नाव या बजड़े पर सवार हों।
  3. नाव गंगा की लहरों पर मानमंदिर, मीर घाट और ललिता घाट पार करते हुए आगे बढ़ती है।
  4. नाविक नाव को सीधे दत्तात्रेय घाट के समतल पत्थर के चबूतरे से सटाकर लगा देता है।
  5. आप बिना एक भी सीढ़ी चढ़े या उतरे सीधे घाट के चबूतरे पर कदम रखते हैं।
  6. गंगा स्नान, तर्पण और चरण पादुका अभिषेक के बाद आप उसी नाव पर वापस बैठ सकते हैं।
🛕 दत्तात्रेय जयंती 2026: दत्तात्रेय घाट नाव, मंदिर कैब व सुलभ दर्शन
दत्तात्रेय जयंती व मार्गशीर्ष पूर्णिमा (23–24 दिसंबर 2026) पर काशी दर्शन की योजना बना रहे हैं? दत्तात्रेय घाट की सीढ़ियों पर सीधे उतारने वाली प्राइवेट नाव, दिनभर हेतु समर्पित मंदिर कैब, काशी विश्वनाथ सुलभ दर्शन और एयरपोर्ट ट्रांसफर बिना किसी पीक सर्ज के निश्चित दरों पर बुक करें।
ERP-सत्यापित प्राइवेट नाव (₹3,500 में 6 सवारी / ₹4,500 में 15 सवारी) — सीधे दत्तात्रेय घाट पर लैंडिंग, गलियों की 100 सीढ़ियों से पूरी मुक्ति
₹2,499 में 8h/80km समर्पित एसी सेडान / ₹2,800 अर्टिगा — काल भैरव हाजिरी, दत्तात्रेय मठ (नारद घाट), विश्वनाथ धाम व अन्नपूर्णा दर्शन
बाबतपुर एयरपोर्ट (₹899) व कैंट स्टेशन (₹600) से होटल/घाट पिकअप — प्लेकार्ड अगवानी सहित
₹500 श्री काशी विश्वनाथ सुलभ दर्शन सहायता (₹300 आधिकारिक ट्रस्ट टिकट + ₹200 एस्कॉर्ट सेवा शुल्क)
सारनाथ (₹1,700) व प्रयागराज संगम (₹3,500 राउंड-ट्रिप) हेतु आउटस्टेशन सेम-डे टैक्सी
WhatsApp पर दत्तात्रेय जयंती नाव या कैब बुक करें या कॉल करें +91 80621 79267
🚤 दत्तात्रेय घाट नाव ₹3,500 🛕 लोकल मंदिर कैब ₹2,499 🎫 विश्वनाथ सुलभ दर्शन ₹500 🛡️ पारदर्शी लिखित दरें

4. काशी में 4-चरणीय दत्त तीर्थ परिक्रमा

दत्तात्रेय जयंती पर काशी आने वाले श्रद्धालुओं को इन चार प्रमुख तीर्थ स्थलों का क्रमबद्ध दर्शन करना चाहिए:

चरण 1: दत्तात्रेय घाट व चरण पादुका अभिषेक

  • उत्कृष्ट समय: सुबह 06:00 से 08:30 बजे (स्नान हेतु) अथवा शाम 05:00 से 07:00 बजे (प्रदोष काल जन्मोत्सव हेतु)।
  • पूजा विधि: गंगा स्नान के बाद लोटे में ताजा गंगाजल और पंचामृत लेकर चरण पादुका का अभिषेक करें। पीला चंदन, पीले पुष्प और तुलसी दल अर्पित करें। यहाँ दत्त गायत्री अथवा "दिगंबरा दिगंबरा श्रीपाद वल्लभ दिगंबरा" का जप अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है।
  • विशेष दृश्य: घाट के ठीक सामने गंगा जल में तिरछा खड़ा ऐतिहासिक रत्नेश्वर महादेव मंदिर दिखाई देता है, जो स्थापत्य का अद्भुत चमत्कार है।

चरण 2: नारद घाट स्थित दत्तात्रेय मठ (दत्तात्रेयेश्वर महादेव)

  • स्थान: नारद घाट (दत्तात्रेय घाट से नाव द्वारा 10 मिनट या घाट-घाट 15 मिनट की पैदल दूरी)।
  • महत्व: चुनार के लाल पत्थरों से बना यह प्राचीन मठ भीड़भाड़ से पूरी तरह मुक्त है। गर्भगृह में स्थापित दत्तात्रेयेश्वर महादेव और अत्रिश्वर महादेव का पूजन करें।
  • वातावरण: यहाँ का प्रांगण शांत है, जहाँ बैठकर भक्त श्री गुरुचरित्र का पाठ अथवा ध्यान लगाते हैं।

चरण 3: बाबा काल भैरव मंदिर (हाजिरी व श्वान भोजन)

  • स्थान: विशेश्वरगंज (मैदागिन से लगभग 1.2 किमी उत्तर)।
  • दत्त संबंध: भगवान दत्तात्रेय के साथ सदैव चार श्वान रहते हैं, जो चारों वेदों के रक्षक रूप हैं। काशी में श्वान नगर के अधिपति और कोतवाल बाबा काल भैरव के वाहन हैं।
  • परंपरा: काशी के कोतवाल के समक्ष हाजिरी लगाना अनिवार्य है। दर्शन से पहले या बाद में मंदिर के आसपास मौजूद श्वानों को दूध, मीठी जलेबी या ताजी रोटी (श्वान भोजन) खिलाएँ। दत्त परंपरा में यह भोग सीधे भगवान दत्तात्रेय के गणों को पहुँचता है।

चरण 4: श्री काशी विश्वनाथ धाम व माँ अन्नपूर्णा मंदिर

  • स्थान: विश्वनाथ गली (गेट 4 ज्ञानवापी या गेट 2 गंगा द्वार)।
  • शुभ संयोग: मार्गशीर्ष पूर्णिमा के दिन ही अन्नपूर्णा जयंती होती है। भगवान दत्तात्रेय नित्य मधुकरी (भिक्षा) से जीवन यापन करने वाले अवधूत हैं और माँ अन्नपूर्णा साक्षात जगत को अन्न देने वाली पराशक्ति हैं।
  • दर्शन व्यवस्था: विश्वनाथ धाम में आम कतारों से बचने के लिए आप ₹500 प्रति व्यक्ति का सुलभ दर्शन पास ले सकते हैं। इसके बाद बगल में स्थित अन्नपूर्णा मंदिर में दर्शन कर अपनी यात्रा पूर्ण करें।

5. कहाँ ठहरें: दत्त तीर्थयात्रियों हेतु क्षेत्र तुलना

काशी में सही इलाके में ठहरने से समय और अनावश्यक पैदल चलने से भारी बचत होती है:

ठहरने का क्षेत्रकिसके लिए उपयुक्तप्रमुख लाभसीमाएँ व सावधानियाँ
केदार घाट व सोनारपुरादत्त संप्रदाय, मराठी व दक्षिण भारतीय तीर्थयात्रीपारंपरिक मराठी धर्मशालाएँ (दीक्षित वाड़ा, महाराष्ट्र समाज), शुद्ध सात्विक भोजनालय (काशी अन्नपूर्णा मेस), नारद घाट तक पैदल सुगमता।संकरी गलियों में गाड़ियाँ नहीं जातीं; सोनारपुरा चौराहे से 300–500 मीटर सामान लेकर पैदल चलना पड़ता है।
अस्सी व रवींद्रपुरीपरिवार, बुजुर्ग और आधुनिक होटल चाहने वालेहोटल के पोर्च तक सीधी कैब पहुँच; चौड़ी सड़कें; अस्सी घाट बोट जेटी तक 5 मिनट का रास्ता; स्वच्छ व आधुनिक कमरे।दत्तात्रेय घाट से 3.5 किमी दक्षिण; घाट तक पहुँचने हेतु 15 मिनट की नाव या 20 मिनट की कैब लेनी होती है।
कैंटोनमेंट (कैंट) व नदेसरलग्जरी और एग्जीक्यूटिव यात्री5-सितारा आराम (ताज गंगेज, रेडिसन, रमाडा, मादिन); लिफ्ट व व्हीलचेयर सुविधा; शांत माहौल।मुख्य घाटों से 7 किमी दूर; घाट के ड्रॉप गेट तक पहुँचने में 30 मिनट का कैब समय लगता है।

6. वरिष्ठ नागरिकों व परिवारों के लिए व्यावहारिक सावधानियाँ

दिसंबर के अंतिम सप्ताह में बनारस का मौसम सुहावना लेकिन सुबह-शाम सर्द होता है:

  • दिसंबर की ठंड: दोपहर में तापमान 24°C रहता है, लेकिन सुबह और रात में पारा 9°C से 12°C तक गिर जाता है। नदी पर सुबह ठंडी हवा लगती है, इसलिए बोट राइड के लिए शॉल, इनर थर्मल और विंडचीटर अवश्य साथ रखें।
  • 3-मिनट में सूखे कपड़े बदलने का नियम: पूर्णिमा के दिन बुजुर्ग यदि गंगा स्नान करते हैं, तो वाटरप्रूफ बैग में सूखे कपड़े और तौलिया रखें। स्नान के तुरंत बाद 3 मिनट के भीतर गीले कपड़े बदलकर गर्म कपड़े पहनें, ताकि ठंड न लगे।
  • मंदिरों के फर्श हेतु ऊनी ग्रिप वाले मोजे: विश्वनाथ धाम, अन्नपूर्णा और काल भैरव में जूते-चप्पल वर्जित हैं। दिसंबर में संगमरमर का फर्श बर्फ जैसा ठंडा होता है। बुजुर्गों के लिए रबर ग्रिप वाले साफ ऊनी मोजे साथ रखें ताकि पैर ठंडे न हों और फिसलने का डर न रहे।
  • बंदरों से सावधानी: दत्तात्रेय घाट, सिंधिया गली और काल भैरव में बंदर बहुत सक्रिय रहते हैं। चश्मा, मोबाइल और चमकीला सामान बैकपैक में रखें। हाथ में पारदर्शी पन्नी में फल या प्रसाद लेकर न चलें।

7. बनारसी शीतकालीन खानपान

दत्तात्रेय घाट पर पूजन के बाद चौखंभा और ठठेरी बाजार में बनारस के पारंपरिक शीतकालीन व्यंजनों का आनंद लें:

  • ओस की बूँदों से बना मलइयो: रातभर खुले आसमान के नीचे ओस में मथे गए दूध का झाग, जिसमें केसर, पिस्ता और इलायची की महक होती है। चौखंभा (घाट से 400 मीटर ऊपर) असली बनारसी मलइयो का ऐतिहासिक गढ़ है।
  • राम भंडार की कचौड़ी-सब्जी: ठठेरी बाजार में सुबह 07:00 से 10:30 बजे तक उड़द दाल भरी खस्ता कचौड़ी, बिना प्याज-लहसुन की हींग वाली आलू की सब्जी और गरमागरम जलेबी।
  • केदार घाट पर सात्विक भोजन: व्रत रखने वाले श्रद्धालुओं के लिए केदार घाट के पास काशी अन्नपूर्णा मेस में शुद्ध शाकाहारी, प्याज-लहसुन रहित भोजन मिलता है।
  • दत्त भगवान का प्रसाद: भगवान दत्तात्रेय को आटे की पंजीरी, पीले बूंदी के लड्डू, सूखे मेवे और पारंपरिक मराठी पूरन पोली का भोग लगाया जाता है।

8. पारदर्शी वाहन व प्राइवेट नाव दर तालिका

नीचे दी गई सभी दरें आधिकारिक सेवा मानकों और काशी टैक्सी के फिक्स्ड-फेयर बेड़े के अनुरूप हैं:

सेवा / यात्रा प्रकारवाहन / क्षमतानिर्धारित दर (INR)प्रमुख सुविधाएँ व विवरणबुकिंग लिंक
एसी सेडान एयरपोर्ट ट्रांसफर1–4 यात्री₹899 (एक तरफ)बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) ⇄ होटल/घाट। गेट 3 पर प्लेकार्ड अगवानी।
एसी अर्टिगा एयरपोर्ट ट्रांसफर4–6 यात्री₹1,299 (एक तरफ)6-सीटर बड़ी एमयूवी, बड़ा लगेज स्पेस, शून्य पार्किंग चार्ज।
दिनभर लोकल मंदिर कैब1–4 यात्री₹2,499 (8 घंटे / 80 किमी)काल भैरव, दत्तात्रेय मठ (नारद घाट), विश्वनाथ कॉरिडोर व अन्नपूर्णा।
17-सीटर टेम्पो ट्रैवलर10–17 यात्री₹4,250 (8 घंटे / 80 किमी)पुशबैक सीटें, एसी, भजन मंडली व बड़े परिवारों हेतु समर्पित वाहन।
दत्तात्रेय घाट प्राइवेट नाव1–6 यात्री₹3,500 (राउंड ट्रिप)ERP-सत्यापित लकड़ी की नाव, सीधे दत्तात्रेय घाट पर लैंडिंग, शून्य सीढ़ियाँ।
बड़ी प्राइवेट नाव (बजड़ा)7–15 यात्री₹4,500 (राउंड ट्रिप)पारंपरिक कवर्ड बजड़ा, सभी सवारियों हेतु लाइफ जैकेट, रत्नेश्वर दर्शन।
विश्वनाथ सुलभ दर्शनप्रति श्रद्धालु₹500 (प्रति व्यक्ति)आधिकारिक ₹300 ट्रस्ट टिकट + ₹200 एस्कॉर्ट सेवा; आम कतार से मुक्ति।
🛕 दत्तात्रेय जयंती 2026: दत्तात्रेय घाट नाव, मंदिर कैब व सुलभ दर्शन
दत्तात्रेय जयंती व मार्गशीर्ष पूर्णिमा (23–24 दिसंबर 2026) पर काशी दर्शन की योजना बना रहे हैं? दत्तात्रेय घाट की सीढ़ियों पर सीधे उतारने वाली प्राइवेट नाव, दिनभर हेतु समर्पित मंदिर कैब, काशी विश्वनाथ सुलभ दर्शन और एयरपोर्ट ट्रांसफर बिना किसी पीक सर्ज के निश्चित दरों पर बुक करें।
ERP-सत्यापित प्राइवेट नाव (₹3,500 में 6 सवारी / ₹4,500 में 15 सवारी) — सीधे दत्तात्रेय घाट पर लैंडिंग, गलियों की 100 सीढ़ियों से पूरी मुक्ति
₹2,499 में 8h/80km समर्पित एसी सेडान / ₹2,800 अर्टिगा — काल भैरव हाजिरी, दत्तात्रेय मठ (नारद घाट), विश्वनाथ धाम व अन्नपूर्णा दर्शन
बाबतपुर एयरपोर्ट (₹899) व कैंट स्टेशन (₹600) से होटल/घाट पिकअप — प्लेकार्ड अगवानी सहित
₹500 श्री काशी विश्वनाथ सुलभ दर्शन सहायता (₹300 आधिकारिक ट्रस्ट टिकट + ₹200 एस्कॉर्ट सेवा शुल्क)
सारनाथ (₹1,700) व प्रयागराज संगम (₹3,500 राउंड-ट्रिप) हेतु आउटस्टेशन सेम-डे टैक्सी
WhatsApp पर दत्तात्रेय जयंती नाव या कैब बुक करें या कॉल करें +91 80621 79267
🚤 दत्तात्रेय घाट नाव ₹3,500 🛕 लोकल मंदिर कैब ₹2,499 🎫 विश्वनाथ सुलभ दर्शन ₹500 🛡️ पारदर्शी लिखित दरें

9. अनुशंसित 2-दिवसीय दत्तात्रेय जयंती यात्रा कार्यक्रम

पहला दिन: बुधवार, 23 दिसंबर 2026 (आगमन, काल भैरव हाजिरी व प्राकट्योत्सव)

  • सुबह 11:00 बजे: बाबतपुर एयरपोर्ट या कैंट रेलवे स्टेशन पर आगमन। पहले से बुक कैब से होटल (अस्सी या सोनारपुरा) पहुँचें।
  • दोपहर 02:00 बजे: बाबा काल भैरव मंदिर जाकर काशी की विधिवत हाजिरी लगाएँ। मंदिर परिसर के बाहर श्वानों को दूध या जलेबी (श्वान भोजन) अर्पित करें।
  • शाम 04:30 बजे: दशाश्वमेध या अस्सी घाट पहुँचकर अपनी पूर्व-आरक्षित प्राइवेट नाव पर सवार हों। सूर्यास्त के समय नाव उत्तर दिशा में आगे बढ़ेगी।
  • शाम 05:15 से 07:00 बजे: नाव सीधे दत्तात्रेय घाट के चबूतरे पर लगेगी। प्रदोष काल प्राकट्योत्सव महाआरती में सम्मिलित हों, चरण पादुका पर दीप प्रज्वलित करें और पंजीरी प्रसाद ग्रहण करें। सामने दीपकों से जगमगाते रत्नेश्वर महादेव मंदिर का दर्शन करें।
  • शाम 07:30 बजे: नाव से दशाश्वमेध घाट की भव्य गंगा आरती का जलमार्ग से दर्शन करते हुए होटल लौटें।

दूसरा दिन: गुरुवार, 24 दिसंबर 2026 (पूर्णिमा स्नान, मठ दर्शन व विश्वनाथ धाम)

  • सुबह 05:15 से 06:15 बजे: ब्रह्म मुहूर्त में नाव से दत्तात्रेय घाट पहुँचकर पवित्र मार्गशीर्ष पूर्णिमा गंगा स्नान करें।
  • सुबह 07:00 बजे: चौखंभा में गरमागरम राम भंडार की कचौड़ी-जलेबी और केसरिया मलइयो का नाश्ता करें।
  • सुबह 08:30 बजे: नारद घाट स्थित दत्तात्रेय मठ में दत्तात्रेयेश्वर महादेव का दर्शन और शांत प्रांगण में ध्यान लगाएँ।
  • सुबह 11:00 बजे: गेट 4 (ज्ञानवापी) से सुलभ दर्शन द्वारा श्री काशी विश्वनाथ धाम और बगल में माँ अन्नपूर्णा मंदिर में अन्नपूर्णा जयंती का दर्शन करें।
  • दोपहर 03:00 बजे: होटल लौटें, सामान पैक करें और एयरपोर्ट/रेलवे स्टेशन हेतु कैब लेकर अपनी सुखद यात्रा संपन्न करें।

Frequently Asked Questions

वाराणसी में मां अन्नपूर्णा जयंती 2026: तिथि, मंदिर दर्शन, रसोई पूजन व कैब ड्रॉप

वाराणसी में मां अन्नपूर्णा जयंती 2026: तिथि, मंदिर दर्शन, रसोई पूजन व कैब ड्रॉप

वाराणसी में अन्नपूर्णा जयंती 23 दिसंबर 2026 की व्यावहारिक गाइड। मंदिर दर्शन समय, रजत श्रृंगार, अन्नक्षेत्र महाप्रसाद, चूल्हा पूजन और बेनियाबाग पार्किंग ड्रॉप।

Read more →
दिसंबर 2026 वाराणसी: कोहरा प्लान, पैकिंग और करने लायक इवेंट

दिसंबर 2026 वाराणसी: कोहरा प्लान, पैकिंग और करने लायक इवेंट

दिसंबर 2026 वाराणसी यात्रा के लिए कोहरा टाइमलाइन, फ्लाइट डिले अलर्ट, क्या पहनें सूची, नाव व टैक्सी बुकिंग विंडो और सर्दियों के खास अनुभव एक जगह।

Read more →
वाराणसी के घाटों की गाइड | प्रमुख घाट, सर्किट और नाव बनाम पैदल

वाराणसी के घाटों की गाइड | प्रमुख घाट, सर्किट और नाव बनाम पैदल

वाराणसी के घाटों की संपूर्ण गाइड — कौन-से घाट देखें, पहली बार आने वालों के लिए सही घाट सर्किट, गंगा आरती और नाव बनाम पैदल का फैसला।

Read more →
काल भैरवाष्टमी 2026 वाराणसी: 1 दिसंबर दर्शन, छप्पन भोग व कैब गाइड

काल भैरवाष्टमी 2026 वाराणसी: 1 दिसंबर दर्शन, छप्पन भोग व कैब गाइड

वाराणसी में मंगलवार, 1 दिसंबर 2026 को काल भैरवाष्टमी एवं छप्पन भोग महोत्सव की प्रामाणिक गाइड। मंदिर समय, भव्य श्रृंगार, भैरव गंडा रक्षासूत्र, ट्रैफिक ड्रॉप गेट और कैब दरें।

Read more →
Private Morning Boat Ride Varanasi: Indicative Price & Booking

Private Morning Boat Ride Varanasi: Indicative Price & Booking

यात्रियों की संख्या के अनुसार सांकेतिक प्रति-राइड किराया; तारीख, नाव, सत्र और पूरा कोट ऑपरेटर से पक्का करें।

Read more →
2026 वाराणसी परिवहन मूल्य गाइड - एयरपोर्ट टैक्सी, पिंक कैब, आउटस्टेशन किराया और नाव की सवारी

2026 वाराणसी परिवहन मूल्य गाइड - एयरपोर्ट टैक्सी, पिंक कैब, आउटस्टेशन किराया और नाव की सवारी

वाराणसी एयरपोर्ट टैक्सी मूल्य, केवला-महिलाओं के लिए पिंक टैक्सी, लखनऊ → वाराणसी किराया, गंगा आरती नाव बुकिंग मूल्य, एक-दिवसीय टूर कैब शुल्‍क, अस्सी घाट ↔ एयरपोर्ट दूरी, और वाराणसी → बोधगया टैक्सी लागत के लिए आपकी एक-स्टॉप गाइड। www.kashitaxi.in पर तुरंत बुक करें या 80621 79267 पर कॉल करें।

Read more →
We reply in minutes

Need help planning your trip?

Get personalized assistance for your Varanasi journey