मौनी अमावस्या 2027 वाराणसी: 6 फरवरी गंगा स्नान, प्रमुख घाट व प्रयागराज संगम कैब

मां गंगा के पावन तट पर यूं तो वर्ष भर श्रद्धालु आते हैं, लेकिन मौनी अमावस्या के दिन का वातावरण बाकी सभी तिथियों से अलग और गूढ़ होता है।

माघ मास की इस अमावस्या को पद्म पुराण और माघ माहात्म्य में समस्त तीर्थ स्नानों का मुकुटमणि कहा गया है। इस दिन श्रद्धालु वाणी पर पूर्ण नियंत्रण यानी मौन व्रत धारण करते हैं और बिना किसी से एक शब्द बोले भोर की ठंडी गंगा धारा में तीन पावन डुबकियां लगाते हैं।

वर्ष 2027 में इस पर्व पर एक अत्यंत दुर्लभ व फलदायी संयोग बन रहा है—यह अमावस्या शनिवार के दिन पड़ रही है, जिससे यह 'शनिश्चरी मौनी अमावस्या' बन गई है। काशी और निकटवर्ती प्रयागराज में यह दिन न केवल आत्मिक शुद्धि, बल्कि पितरों की तृप्ति (पितृ तर्पण) और शनि देव की कृपा पाने का महापर्व है।

यदि आप शनिवार, 6 फरवरी 2027 को वाराणसी में स्नान करने आ रहे हैं या प्रयागराज माघ मेले में संगम स्नान की योजना बना रहे हैं, तो यह व्यावहारिक गाइड आपकी यात्रा को सुगम बनाएगी: सत्यापित पंचांग मुहूर्त, घाटों का चयन, भोर की ठंड से बचाव, पुलिस ड्रॉप गेट और फिक्स्ड टैक्सी किराया।


1. तीर्थयात्रियों के लिए त्वरित तथ्य तालिका

विवरणव्यावहारिक जानकारी
पर्व का नाममौनी अमावस्या, माघी अमावस्या, शनिश्चरी अमावस्या, दर्श अमावस्या
2027 की सत्यापित तिथिशनिवार, 6 फरवरी 2027
तिथि का समयमाघ कृष्ण अमावस्या (प्रारंभ: 5 फरवरी शाम 07:06 बजे; समाप्त: 6 फरवरी रात 09:26 बजे)
ब्रह्म मुहूर्तसुबह 05:02 बजे से 05:50 बजे तक
वाराणसी सूर्योदयसुबह 06:38 बजे
मुख्य स्नान समयसुबह 05:00 बजे से 07:00 बजे तक (भोर का शांत स्नान)
काशी के मुख्य घाटपंचगंगा घाट, दशाश्वमेध घाट, अस्सी घाट, मणिकर्णिका चक्रपुष्करिणी कुंड
प्रयागराज संगम विकल्पत्रिवेणी संगम, प्रयागराज (120 किमी, NH-19 द्वारा; माघ मेला मुख्य शाही स्नान)
वाहनों के लिए ड्रॉप गेटबेनियाबाग (दशाश्वमेध 700मी), मैदागिन (चौक 450मी), रवींद्रपुरी (अस्सी 200मी)
मौसम की स्थितिसुबह की तीखी ठंड; भोर में 9°C से 13°C, दोपहर में 23°C; नदी पर हल्का कोहरा

2. 2027 का दुर्लभ संयोग: शनिश्चरी मौनी अमावस्या

'मौनी' शब्द का उद्भव 'मुनि' से हुआ है—यानी वह साधक जो सत्य के साक्षात्कार के लिए मौन का आश्रय लेता है। मान्यता है कि माघ अमावस्या पर नदियों का जल अमृत तुल्य हो जाता है और इस दिन का एक स्नान सामान्य दिनों के हजारों स्नानों के पुण्य के बराबर माना जाता है।

वर्ष 2027 में दो महान आध्यात्मिक प्रभाव एक साथ मिल रहे हैं:

  1. माघ कृष्ण अमावस्या: माघ मास का सबसे पवित्र स्नान दिवस और प्रयागराज माघ मेले का सबसे बड़ा 'शाही स्नान'।
  2. शनिवार का दिन: जब भी अमावस्या शनिवार को पड़ती है, उसे शनिश्चरी अमावस्या कहा जाता है।

वैदिक ज्योतिष में शनिश्चरी अमावस्या को शनि दोष, साढ़े साती, ढैया और पितृ दोष की शांति के लिए वर्ष का सबसे शक्तिशाली दिन माना गया है। इस दिन गंगा स्नान के बाद काले तिल, शुद्ध सरसों का तेल, काला कपड़ा, लोहे के बर्तन और ऊनी कंबलों का दान करने से ग्रह बाधाएं शांत होती हैं।

पंचांग तिथि की पुष्टि:

  • अमावस्या आरंभ: शुक्रवार, 5 फरवरी 2027 को शाम 07:06 बजे
  • अमावस्या समाप्त: शनिवार, 6 फरवरी 2027 को रात 09:26 बजे
  • स्नान 6 फरवरी को ही क्यों? सनातन धर्म में पर्व उदयातिथि (सूर्योदय के समय विद्यमान तिथि) के अनुसार मनाए जाते हैं। चूंकि 6 फरवरी के सूर्योदय पर अमावस्या तिथि विद्यमान रहेगी, अतः सभी धार्मिक कृत्य, मौन व्रत, स्नान, तर्पण और दान शनिवार, 6 फरवरी 2027 को ही किए जाएंगे।

3. मौन व्रत का अनुशासन: इसे कैसे निभाएं?

मौनी अमावस्या का प्राण है मौन व्रत। इसका अर्थ केवल मुंह बंद रखना नहीं, बल्कि वाणी को शांत कर मन को भीतर की ओर मोड़ना (अंतर्मुखी साधना) है।

तीर्थयात्री इस प्राचीन क्रम का पालन करते हैं:

🌙 ब्रह्म मुहूर्त में सुबह 04:30 बजे से पहले उठें
      ↓ (पूर्ण मौन धारण करें; फोन पर बात या चैटिंग न करें)
🚶 होटल या कैब ड्रॉप गेट से चुपचाप पैदल घाट की ओर बढ़ें
      ↓
🌊 पूर्व दिशा की ओर मुख करके गंगा जल में प्रवेश करें; 3 बार मौन डुबकी लगाएं
      ↓
☀️ अंजलि में जल भरकर भगवान सूर्य को अर्घ्य दें और मानसिक प्रार्थना करें
      ↓
🌾 काले तिल व कुश की सहायता से मौन रहकर पितरों को 'तिलोदक' तर्पण दें
      ↓
🪙 घाट पर बैठे पुरोहित या किसी जरूरतमंद को अपना पहला दान (तिल/कंबल/दक्षिणा) दें
      ↓
🗣️ ॐ नमः शिवाय या गायत्री मंत्र के उच्चारण के साथ अपना मौन व्रत खोलें (मौन पारण)

परिवार के लिए उपयोगी सुझाव: यदि आप परिवार या बुजुर्ग माता-पिता के साथ हैं, तो मौन व्रत शुरू करने से पहले ही घाट की सीढ़ियों पर एक निश्चित बैठक स्थल तय कर लें। किसी जरूरी बात के लिए जेब में छोटा नोटपैड या फोन का नोट्स ऐप रखें ताकि इशारा करके या लिखकर बात समझाई जा सके और व्रत न टूटे।


4. मुख्य अनुष्ठान: स्नान, पितृ तर्पण व शनि दान

6 फरवरी की सुबह मुख्य रूप से तीन आध्यात्मिक अनुष्ठान किए जाते हैं:

वाराणसी के दशाश्वमेध घाट पर भोर में स्नान करते श्रद्धालु

1. भोर का पवित्र गंगा स्नान

स्नान का सबसे दिव्य काल सुबह 05:02 बजे से 06:38 बजे (सूर्योदय) के बीच है। नदी में कमर तक जल में खड़े होकर तीन बार पूरी डुबकी लगाएं। इसके बाद दोनों हथेलियों को जोड़कर सूर्य देव और गंगा मैया को जल अर्पित करें।

2. पितृ तर्पण (पितरों की तृप्ति)

अमावस्या के स्वामी पितृ देव होते हैं। घाट पर लकड़ी की चौकियों पर बैठे तीर्थ पुरोहितों के माध्यम से काले तिल (तिलोदक), जौ, कुश और गंगाजल से पितरों का तर्पण किया जाता है। इससे पितरों की आत्मा को शांति मिलती है और कुल में समृद्धि आती है। सामान्य तर्पण के लिए ₹100 से ₹300 की दक्षिणा देना उचित माना जाता है।

3. शनिश्चरी अमावस्या विशेष दान व पीपल पूजन

चूंकि यह शनिवार का दिन है, अतः स्नान के बाद ये उपाय अवश्य करें:

  • सरसों के तेल का दीप: गोदौलिया, चौक या घाट के समीप स्थित पीपल के वृक्ष की जड़ में या शनि मंदिर में शुद्ध सरसों के तेल का दीपक प्रज्वलित करें।
  • अश्वत्थ प्रदक्षिणा: पीपल के वृक्ष की 7 या 108 बार परिक्रमा करें और तने पर कच्चा सूत लपेटें।
  • काली वस्तुओं का दान: काले तिल, उड़द की दाल, लोहे का सामान और गरीबों को काले या गहरे रंग के ऊनी कंबल दान करें।

5. किस घाट का चयन करें? घाटों की व्यावहारिक तुलना

वाराणसी के सभी 84 घाटों पर स्नान होता है, लेकिन अपनी सुविधा व शारीरिक क्षमता के अनुसार सही घाट चुनना जरूरी है:

घाट का नामकिसके लिए सर्वोत्तमपहुंच व रास्ताक्या अपेक्षा रखें
पंचगंगा घाटकठोर मौन व्रत व ध्यान साधकमैदागिन टाउन हॉल पर कैब ड्रॉप; चौक की गलियों से 800 मीटर पैदल, फिर खड़ी सीढ़ियां।5 पवित्र नदियों (गंगा, यमुना, सरस्वती, किरणा, धूतपापा) का गुप्त संगम माना जाता है। अत्यंत शांत व आध्यात्मिक माहौल; साधु-संतों की पसंद। घुटनों के दर्द वाले बुजुर्गों के लिए सीढ़ियां कठिन हैं।
दशाश्वमेध व राजेंद्र प्रसादपहली बार आने वाले व सामान्य परिवारबेनियाबाग पार्किंग (700मी सपाट रास्ता) या गिरजाघर (500मी पैदल)।काशी का केंद्रीय घाट। नदी में सुरक्षा जंजीरें, पुलिस व्यवस्था, चेंजिंग टेंट और विश्वनाथ धाम का गेट 4 पास में। सुबह 06:30 बजे के बाद बहुत भारी भीड़ हो जाती है।
अस्सी घाटवरिष्ठ नागरिक, बच्चे व सुगम सड़क मार्गरवींद्रपुरी / अस्सी चौराहा पर गाड़ी का ड्रॉप; वहां से मात्र 200 मीटर का चौड़ा सपाट रास्ता।खुला और चौड़ा घाट। ई-रिक्शा घाट के बेहद करीब पहुंच जाते हैं। सुबह की आरती और सुबह-ए-बनारस का सुमधुर वातावरण। सीढ़ियां न के बराबर चढ़नी पड़ती हैं।
मणिकर्णिका चक्रपुष्करिणी कुंडमोक्ष स्नान व पितृ उद्धारमैदागिन से चौक होते हुए 700 मीटर पैदल।भगवान विष्णु के चक्र द्वारा निर्मित प्राचीन पवित्र कुंड। गंगा स्नान से पहले इस कुंड में स्नान की परंपरा है। अत्यंत पवित्र स्थल, परंतु पास में महाश्मशान होने से मानसिक रूप से तैयार होकर जाएं।
केदार घाटपारंपरिक शांत वैदिक वातावरणसोनारपुरा चौराहे से 400 मीटर पैदल।लाल-सफेद धारियों वाली सुंदर सीढ़ियां; ऊपर गौरी केदारेश्वर मंदिर। दक्षिण भारतीय तीर्थयात्रियों का प्रमुख केंद्र; स्वच्छता व सात्विकता उत्तम।

6. प्रयागराज त्रिवेणी संगम शाही स्नान: वाराणसी से डे-ट्रिप कैसे करें?

मौनी अमावस्या पर वाराणसी आने वाले कई श्रद्धालु उसी दिन प्रयागराज त्रिवेणी संगम जाकर स्नान करना चाहते हैं।

माघ मेले में मौनी अमावस्या सबसे बड़ा 'शाही स्नान' पर्व होता है। यदि आप गंगा-यमुना-सरस्वती के पवित्र मिलन स्थल पर अमृत स्नान करना चाहते हैं, तो NH-19 (वाराणसी-हंडिया-प्रयागराज 6-लेन हाईवे) द्वारा 120 किमी की दूरी 2.5 से 3 घंटे में तय की जा सकती है।

भोर 03:00 बजे — वाराणसी होटल से प्री-बुक्ड कैब में रवानगी
   ↓ (NH-19 सिक्स-लेन हाईवे पर आरामदायक 2.5 घंटे का सफर)
सुबह 06:00 बजे — प्रयागराज आउटर मेला पार्किंग (अरैल या अंदावा) आगमन
   ↓ (पैदल या शटल ई-रिक्शा से पांटून पुल पार करके संगम नोज की ओर)
सुबह 07:30 बजे — नाव लेकर त्रिवेणी संगम पर पवित्र डुबकी व सूर्य अर्घ्य
   ↓
सुबह 09:30 बजे — लेटे हुए बड़े हनुमान जी व अलोपी देवी शक्तिपीठ के दर्शन
   ↓
दोपहर 12:30 बजे — मेले में सात्विक प्रसाद या सिविल लाइंस में दोपहर का भोजन
   ↓
दोपहर 02:30 बजे — आउटर पार्किंग पर गाड़ी में वापसी और वाराणसी की ओर रवानगी
   ↓
शाम 05:30 बजे — वाराणसी होटल वापसी; शाम को विश्राम या गंगा आरती

प्रयागराज यात्रा के जरूरी नियम:

  1. गाड़ियों का प्रवेश निषेध: मौनी अमावस्या पर प्रयागराज पुलिस संगम के निकट निजी गाड़ियां नहीं जाने देती। कैब अरैल या अंदावा पार्किंग में खड़ी होगी। वहां से पांटून पुल होकर संगम नोज तक 1.5 से 2 किमी रेत पर पैदल चलना होता है।
  2. भोर 03:00 बजे निकलना जरूरी: यदि आप सुबह 6 बजे के बाद वाराणसी से निकलेंगे, तो हंडिया और शास्त्री पुल के पास भारी जाम में फंस सकते हैं। भोर में 03:00 से 03:30 बजे निकलना सबसे समझदारी भरा निर्णय है।
  3. नाव का किराया: संगम नोज तक जाने के लिए शेयरिंग नाव ₹80 से ₹120 प्रति व्यक्ति और प्राइवेट नाव ₹600 से ₹1,000 (मोलभाव अनुसार) लेती है।
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7. फरवरी की ठंड व भोर का स्नान: 9°C से 13°C में कैसे संभलें?

फरवरी की सुबह वाराणसी में तीखी ठंड और नदी पर ठंडी हवाएं चलती हैं। सुबह 5 बजे स्नान के समय इन सावधानियों का पालन करें:

  1. 3 मिनट में कपड़े बदलने का नियम: फरवरी में गंगाजल का तापमान लगभग 14°C से 16°C रहता है। जल से बाहर निकलते ही 3 मिनट के भीतर गीले कपड़े उतारकर सूखे व गर्म कपड़े पहन लें। हवादार सीढ़ियों पर गीले सूती वस्त्रों में देर तक खड़े रहने से निमोनिया या सर्दी का खतरा बढ़ जाता है।
  2. चेंजिंग टेंट की भीड़: दशाश्वमेध और राजेंद्र प्रसाद घाट पर बने सरकारी वस्त्र-बदल कक्षों में सुबह 6 बजे के बाद लंबी कतारें लग जाती हैं।
    • सुझाव: अपने स्नान के वस्त्र ऊपर से ट्रैकसूट या शॉल के नीचे पहनकर आएं। सूखे कपड़े वाटरप्रूफ बैग में ऊपर की सूखी सीढ़ी पर रखें।
  3. गीले कपड़ों के लिए प्लास्टिक बैग: अपने साथ दो मोटे प्लास्टिक बैग रखें ताकि स्नान के बाद गीली धोती/साड़ी को सुरक्षित बंद कर बैग या कार की डिक्की में रखा जा सके।
  4. थर्मस में गर्म अदरक पानी: अपनी गाड़ी में गर्म पानी या अदरक की चाय का थर्मस रखें। कपड़े बदलने के तुरंत बाद गर्म घूंट लेने से शरीर में तुरंत ऊर्जा लौट आती है।
  5. सीढ़ियों पर फिसलन: गीले पैरों और मिट्टी से बलुआ पत्थर की सीढ़ियां बेहद चिकनी हो जाती हैं। अच्छी ग्रिप वाले जूते या चप्पल पहनें।

8. आउटर टैक्सी ड्रॉप गेट व पैदल दूरी

मौनी अमावस्या पर वाराणसी ट्रैफिक पुलिस पुराने शहर में चार पहिया वाहनों का प्रवेश पूरी तरह बंद रखती है। गाड़ियां गोदौलिया या चौक तक नहीं जा सकतीं।

आपकी कैब आपको निम्नलिखित चार अधिकृत बाहरी द्वारों पर ही ड्रॉप करेगी:

1. बेनियाबाग मल्टी-लेवल पार्किंग (पश्चिमी द्वार)

  • पैदल दूरी: गोदौलिया चौराहा 700 मीटर; दशाश्वमेध घाट 950 मीटर।
  • रास्ते की स्थिति: नई सड़क से होते हुए चौड़ा सपाट डामर मार्ग।
  • किसके लिए उत्तम: वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन (BSB), बनारस स्टेशन (BSBS) या सिगरा की ओर से आने वाले यात्रियों के लिए। यहां बहुमंजिला पार्किंग में ड्राइवर आराम से इंतजार कर सकता है।

2. मैदागिन टाउन हॉल पार्किंग (उत्तरी द्वार)

  • पैदल दूरी: चौक / विश्वनाथ धाम गेट 4 मात्र 450 मीटर; पंचगंगा घाट 800 मीटर।
  • रास्ते की स्थिति: पक्की पत्थर वाली ऐतिहासिक बाजार की गलियां।
  • किसके लिए उत्तम: पंचगंगा घाट, काल भैरव मंदिर या मणिकर्णिका जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए। बाबतपुर एयरपोर्ट से रिंग रोड होकर आने पर यह सबसे सीधा ड्रॉप गेट है।

3. रवींद्रपुरी / अस्सी चौराहा (दक्षिणी द्वार)

  • पैदल दूरी: अस्सी घाट तक मात्र 200 मीटर।
  • रास्ते की स्थिति: चौड़ी, सपाट सड़क; व्हीलचेयर व बुजुर्गों के लिए पूरी तरह सुगम।
  • किसके लिए उत्तम: वरिष्ठ नागरिकों और उन परिवारों के लिए जो संकरी गलियों की धक्का-मुक्की से बचना चाहते हैं।

4. गिरजाघर चौराहा (मध्य द्वार)

  • पैदल दूरी: गोदौलिया तक 500 मीटर सीधा सपाट मार्ग।
मौनी अमावस्या 2027: कैब, घाट ड्रॉप व प्रयागराज संगम डे-ट्रिप व्यवस्था
भोर के गंगा स्नान (सुबह 04:30 बजे), बेनियाबाग व मैदागिन आउटर ड्रॉप, कोहरा बफर सहित एयरपोर्ट ट्रांसफर, और प्रयागराज त्रिवेणी संगम शाही स्नान हेतु सेम-डे राउंड ट्रिप कैब फिक्स्ड किराए पर प्री-बुक करें। कोई हिडन चार्ज नहीं।
WhatsApp पर कैब बुक करें या कॉल करें 99354 74730
भोर 04:30 बजे स्नान पिकअप बेनियाबाग व मैदागिन बाहरी ड्रॉप प्रयागराज संगम सेम-डे राउंड ट्रिप कोहरे में एयरपोर्ट फ्लाइट ट्रैकिंग

9. ठहरने के लिए कौन सा क्षेत्र चुनें?

क्षेत्रनदी से दूरीलाभकमियांकिसके लिए सही
अस्सी घाट व नगवा100मी – 400मीघाटों तक सीधा पैदल रास्ता; शांत माहौल; भोर में कैब पिकअप के लिए खुली सड़कें।विश्वनाथ धाम (3 किमी) से थोड़ी दूरी।परिवार, बुजुर्ग और शांति से भोर में स्नान करने वाले तीर्थयात्री।
कैंटोनमेंट (कैंट)5 – 6 किमीबड़े होटल (ताज, रेडिसन, रमाडा), लिफ्ट, सुरक्षित कार पार्किंग, गर्म पानी की उत्तम सुविधा।भोर में आउटर ड्रॉप गेट तक पहुंचने के लिए 25 मिनट की कैब यात्रा जरूरी।आरामदायक नींद, वरिष्ठ नागरिकों और आधुनिक सुविधाओं को प्राथमिकता देने वाले।
गोदौलिया व चौक100मी – 500मीदशाश्वमेध घाट और विश्वनाथ मंदिर से बिल्कुल सटा हुआ।पूरी तरह नो-व्हीकल जोन। सामान बेनियाबाग से हाथ से या ठेले से ढोना पड़ेगा; अत्यधिक शोर।वे श्रद्धालु जो दिन-रात मंदिर और घाट के वातावरण में ही रहना चाहते हैं।
🏨 सही इलाके में ठहरें — डोर-टू-डोर ट्रांसफर के साथ
हमें अपनी पसंद (घाट किनारे, शांत बाहरी इलाका, या साफ-सुथरा कैंट) व बजट बताएं। हम भरोसेमंद होटल चुनते हैं और फिक्स्ड किराए वाला एयरपोर्ट/स्टेशन पिकअप जोड़ते हैं ताकि गलियों में सामान न घसीटना पड़े।
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10. मौन पारण के बाद बनारसी खानपान की सैर

गंगा स्नान, सूर्य अर्घ्य और पहला दान संपन्न करने के बाद परंपरा अनुसार मौन व्रत खोला जाता है। फरवरी का महीना बनारसी खानपान के स्वाद का चरम काल होता है:

  1. सर्दियों का मलइयो (मलईयो):
    यह बनारस की सबसे अनोखी मौसमी मिठाई है, जो केवल सर्दियों की भोर में मिलती है। स्नान के बाद चौखंभा या ठठेरी बाजार जाएं और मिट्टी के कुल्हड़ में केसरिया झागदार दूध, पिस्ता और बादाम से सजी ताजी मलइयो का आनंद लें।
  2. राम भंडार या मधुर मिलन की कचौड़ी-जलेबी:
    दाल भरी फूली हुई गरम कचौड़ियां, साथ में मसालेदार चना-कोहड़े की तीखी सब्जी और अंत में देसी घी में तली कुरकुरी रसीली जलेबियां।
  3. बनारसी चूड़ा मटर:
    ताजी मीठी हरी मटर, अदरक, काली मिर्च और शुद्ध घी में छौंका हुआ पोहा। यह हल्का, गर्म और पूर्णतः सात्विक नाश्ता है।
  4. कुल्हड़ वाली अदरक की चाय:
    घाट की सीढ़ियों पर मिट्टी के सोंधे कुल्हड़ में मिलने वाली कड़क अदरक वाली गरमागरम चाय शरीर की सारी ठंडक मिटा देती है।

11. मौनी अमावस्या 2027 हेतु पारदर्शी वाहन किराया तालिका

पर्व के दिनों में मनमाने ऑटो किराए और सर्ज प्राइसिंग से बचने के लिए काशी टैक्सी वेरिफाइड ड्राइवरों के साथ पहले से तय फिक्स्ड किराए पर वाहन उपलब्ध कराती है:

क. वाराणसी लोकल घाट ट्रांसफर व संपूर्ण दर्शन पैकेज

सेवा / पैकेजAC सेडान (Dzire)फैमिली SUV (Ertiga)प्रीमियम SUV (Innova)12-सीटर टेम्पो17-सीटर टेम्पोपैकेज की मुख्य बातें
बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) ट्रांसफर₹899₹1,299₹1,799₹2,500₹3,000सीधे बेनियाबाग या मैदागिन ड्रॉप। कोहरे में फ्लाइट देरी का 30 मिनट फ्री बफर।
कैंट / बनारस स्टेशन ड्रॉप₹599₹899₹1,199₹1,699₹1,999स्टेशन से निकटतम खुले घाट ड्रॉप गेट तक सीधी सुरक्षित सेवा।
भोर स्नान राउंड ट्रिप (4 घंटे / 40 किमी)₹1,600₹2,000₹2,400₹3,200₹3,800सुबह 04:30 बजे पिकअप; स्नान व नाश्ते भर ड्राइवर पार्किंग में वेट करेगा, फिर होटल वापसी।
फुल-डे काशी दर्शन (8 घंटे / 80 किमी)₹2,499₹3,399₹3,800₹4,599₹5,299स्नान, विश्वनाथ मंदिर, काल भैरव, संकट मोचन, बीएचयू व शाम की गंगा आरती कवर।

ख. वाराणसी से प्रयागराज त्रिवेणी संगम सेम-डे राउंड ट्रिप (NH-19)

गाड़ी का मॉडलबैठक क्षमतावन-वे किरायासेम-डे राउंड ट्रिपमुख्य सुविधाएं
AC सेडान (Dzire / Etios)1–4 यात्री₹2,388₹3,275हाईवे टोल टैक्स शामिल। ड्राइवर का भोजन व फ्यूल शामिल।
फैमिली SUV (Ertiga / Rumion)4–6 यात्री₹3,200₹4,500सर्दियों के गर्म कपड़ों व बैग के लिए भरपूर बूट स्पेस।
प्रीमियम SUV (Innova Crysta)5–7 यात्री₹4,200₹5,800कैप्टन सीटें; बुजुर्ग माता-पिता के लिए सबसे आरामदायक हाईवे राइड।
12-सीटर टेम्पो ट्रैवलर8–12 यात्री₹5,500₹6,500पुशबैक सीटें, हाई रूफ; पूरे परिवार के साथ एक साथ यात्रा।
17-सीटर टेम्पो ट्रैवलर12–17 यात्री₹6,375₹7,750पूजा सामग्री व सामान रखने के लिए पर्याप्त जगह।

किराये में शामिल: AC वाहन, ड्राइवर भत्ता, ईंधन और NH-19 हाईवे के दोनों तरफ के टोल टैक्स।
अतिरिक्त व्यय: मेला क्षेत्र की घाट पार्किंग (₹50–₹100), संगम नाव का शुल्क और व्यक्तिगत पूजा दक्षिणा। अतिरिक्त रनिंग: सेडान ₹12/किमी, SUV ₹15/किमी, टेम्पो ₹22/किमी।


12. अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

मौनी अमावस्या 2027 की सही तारीख क्या है?

मौनी अमावस्या शनिवार, 6 फरवरी 2027 को मनाई जाएगी। माघ कृष्ण अमावस्या तिथि 5 फरवरी शाम 07:06 बजे शुरू होकर 6 फरवरी रात 09:26 बजे तक रहेगी। उदयातिथि के अनुसार शनिवार को ही पूरे दिन स्नान-दान होगा।

6 फरवरी 2027 की मौनी अमावस्या को इतना दुर्लभ क्यों माना जा रहा है?

शनिवार को अमावस्या तिथि पड़ने के कारण इसे शनिश्चरी मौनी अमावस्या का दुर्लभ नाम मिला है। धार्मिक व ज्योतिषीय मान्यता के अनुसार यह दिन शनि की साढ़े साती, ढैया की शांति तथा पितृ तर्पण के लिए अत्यंत फलदायी होता है।

दशाश्वमेध घाट जाने के लिए कैब कहां तक छोड़ सकती है?

दशाश्वमेध घाट के लिए कैब बेनियाबाग मल्टी-लेवल पार्किंग (700 मीटर पैदल) या गिरजाघर चौराहा (500 मीटर पैदल) तक ही जा सकती है। आगे का रास्ता चार पहिया वाहनों के लिए बंद रहता है।

स्नान के बाद गीले कपड़ों से कैसे निपटें?

अपने बैग में मोटे सीलबंद प्लास्टिक बैग और गर्म सूखे कपड़े अवश्य रखें। नदी से बाहर आते ही 3 मिनट में सूखे कपड़े पहन लें, गीले कपड़ों को प्लास्टिक बैग में बांधें और फिर गर्म नाश्ते के लिए आगे बढ़ें।


काशी टैक्सी के साथ अपनी मौनी अमावस्या यात्रा प्लान करें

चाहे आपको भोर में 04:30 बजे अस्सी घाट स्नान के लिए गाड़ी चाहिए, या रात 03:00 बजे प्रयागराज संगम शाही स्नान के लिए सेम-डे राउंड ट्रिप कैब, अथवा बड़े परिवार के लिए 17-सीटर टेम्पो ट्रैवलर—काशी टैक्सी आपको बिना किसी सर्ज प्राइसिंग के सुरक्षित व विश्वसनीय सेवा देती है।

मकर संक्रांति 2027 वाराणसी: 14–15 जनवरी खिचड़ी पर्व, गंगा स्नान व कैब गाइड

मकर संक्रांति 2027 वाराणसी: 14–15 जनवरी खिचड़ी पर्व, गंगा स्नान व कैब गाइड

वाराणसी में मकर संक्रांति एवं खिचड़ी पर्व 2027 की स्थानीय गाइड। गंगा स्नान मुहूर्त, काशी विश्वनाथ खिचड़ी भोग, गंगा रेती पर पतंगबाजी, कोहरा सलाह और फिक्स्ड कैब दरें।

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महाशिवरात्रि वाराणसी 2027: काशी विश्वनाथ दर्शन व शिव बारात मार्गदर्शक

महाशिवरात्रि वाराणसी 2027: काशी विश्वनाथ दर्शन व शिव बारात मार्गदर्शक

वाराणसी में महाशिवरात्रि 2027 (6 मार्च) का प्रामाणिक विवरण। काशी विश्वनाथ धाम में 44 घंटे अनवरत जलार्पण, चार प्रहर महाआरती, तिलभांडेश्वर से निकलने वाली भव्य शिव बारात, 14 किमी नो-व्हीकल जोन और स्टैंडबाय कैब ड्रॉप व्यवस्था।

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2026 वाराणसी परिवहन मूल्य गाइड - एयरपोर्ट टैक्सी, पिंक कैब, आउटस्टेशन किराया और नाव की सवारी

2026 वाराणसी परिवहन मूल्य गाइड - एयरपोर्ट टैक्सी, पिंक कैब, आउटस्टेशन किराया और नाव की सवारी

वाराणसी एयरपोर्ट टैक्सी मूल्य, केवला-महिलाओं के लिए पिंक टैक्सी, लखनऊ → वाराणसी किराया, गंगा आरती नाव बुकिंग मूल्य, एक-दिवसीय टूर कैब शुल्‍क, अस्सी घाट ↔ एयरपोर्ट दूरी, और वाराणसी → बोधगया टैक्सी लागत के लिए आपकी एक-स्टॉप गाइड। www.kashitaxi.in पर तुरंत बुक करें या 99354 74730 पर कॉल करें।

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🪔Varanasi Guide

वाराणसी के घाटों की गाइड | प्रमुख घाट, सर्किट और नाव बनाम पैदल

वाराणसी के घाटों की संपूर्ण गाइड — कौन-से घाट देखें, पहली बार आने वालों के लिए सही घाट सर्किट, गंगा आरती और नाव बनाम पैदल का फैसला।

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