काशी विश्वनाथ धाम वार्षिकोत्सव 2026: 5वां लोकार्पण दिवस गाइड

13 दिसंबर 2021 को श्री काशी विश्वनाथ धाम के भव्य कॉरिडोर का लोकार्पण हुआ था। पहले जो मंदिर मात्र 3,000 वर्ग फुट के तंग परिसर में सिमटा हुआ था, वह 5 लाख वर्ग फुट के विशाल, सीधे मां गंगा से जुड़े पावन तीर्थ परिसर में परिवर्तित हो गया। रविवार, 13 दिसंबर 2026 को इस नव्य-भव्य धाम के 5 वर्ष पूर्ण होने पर पंचम वार्षिकोत्सव (धाम दिवस) मनाया जा रहा है।

इस तीन-दिवसीय उत्सव (शुक्रवार, 11 दिसंबर से रविवार, 13 दिसंबर 2026) के दौरान देश-विदेश से 3.5 लाख से 5 लाख श्रद्धालु काशी पहुंचते हैं। मंदिर चौक से लेकर गंगा व्यू गैलरी तक संपूर्ण परिसर को रंग-बिरंगी रोशनी और 15-20 टन ताजे फूलों से सजाया जाता है। शंकरचार्य चौक पर वैदिक आचार्यों द्वारा चतुर्वेद पारायण और विशेष जयादि होम संपन्न होते हैं, जबकि शाम को मंदिर चौक के खुले मंच पर 'शिवार्चनम्' शास्त्रीय संगीत व भजन संध्या का आयोजन होता है।

इस पावन अवसर पर दर्शन सुगमता से हों, इसके लिए जमीनी व्यवस्थाओं की सही जानकारी होना अनिवार्य है। पुराने शहर में चौपहिया वाहनों पर रोक, कतारों का दबाव और दिसंबर की सुबह 10°C से 12°C की ठंडी संगमरमरी फर्श—इन सभी के बीच सही गेट का चयन और समय का प्रबंधन आपकी यात्रा को सार्थक बनाता है।


मुख्य तिथियां व 2026 वार्षिकोत्सव कार्यक्रम

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│             श्री काशी विश्वनाथ धाम 5वां वार्षिकोत्सव (2026)            │
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│ मुख्य तिथियां:    शुक्रवार, 11 दिसंबर से रविवार, 13 दिसंबर 2026        │
│ मुख्य दिवस:       रविवार, 13 दिसंबर 2026 (लोकार्पण दिवस)               │
│ ऐतिहासिक प्रसंग:  कॉरिडोर लोकार्पण के 5 वर्ष पूर्ण (2021–2026)          │
│ मुख्य स्थल:       श्री काशी विश्वनाथ धाम परिसर, वाराणसी                 │
│ मंदिर समय:        भोर 03:00 बजे (मंगला आरती) से रात 11:00 बजे तक        │
│ अनुमानित भीड़:    सप्ताहांत में 3.5 से 5 लाख श्रद्धालु                 │
│ दर्शन स्वरूप:     भीड़ के दौरान केवल 'झांकी दर्शन' (स्पर्श दर्शन स्थगित)│
│ प्रतिबंधित वस्तुएं: मोबाइल, कैमरा, स्मार्टवॉच, चमड़े का बेल्ट व पर्स    │
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श्री काशी विश्वनाथ मंदिर न्यास द्वारा आयोजित तीन-दिवसीय वार्षिकोत्सव का स्वरूप इस प्रकार रहता है:

  • पहला दिन — शुक्रवार, 11 दिसंबर 2026 (वैदिक पूजन प्रारंभ): शंकराचार्य चौक पर आदि चिरंजीवी पूजन, नवग्रह आराधना, गणेश सहस्रनाम पाठ और वैदिक विद्वानों द्वारा दुर्गा सप्तशती का सस्वर पाठ।
  • दूसरा दिन — शनिवार, 12 दिसंबर 2026 (महामृत्युंजय हवन व रुद्रार्चन): विश्व कल्याण हेतु महामृत्युंजय हवन, 11 ब्राह्मणों द्वारा रुद्राभिषेक और सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ। शाम 05:30 बजे से मंदिर चौक पर सांस्कृतिक 'शिवार्चनम् मंच' का शुभारंभ।
  • तीसरा दिन — रविवार, 13 दिसंबर 2026 (मुख्य लोकार्पण दिवस):
    • भोर 03:00 से 04:00 बजे: बाबा विश्वनाथ की विशेष मंगला आरती व दशांग स्नान।
    • सुबह 08:30 से 11:30 बजे: कॉरिडोर स्थित सभी 27 उप-देवालयों (आदि विशेश्वर, मां गंगा, भारत माता, कार्तिकेय आदि) का विधिवत महा-अभिषेक।
    • दोपहर 11:30 से 01:30 बजे: राजभोग आरती, विशेष जयादि होम और 51 वैदिक विद्वानों द्वारा 'चतुर्वेद पारायण' (चारों वेदों का अखंड पाठ)।
    • शाम 05:30 से रात 10:00 बजे: मंदिर चौक पर भव्य 'शिवार्चनम्' शास्त्रीय संगीत, भजन व नृत्य संध्या, गंगा द्वार पर 51,000 दीपों का दीपदान और श्रद्धालुओं में महाप्रसाद वितरण।

विश्वनाथ धाम के 5 मुख्य प्रवेश द्वार: आपके लिए कौन सा सही है?

गलत गेट पर पहुंच जाने से भीड़ में आधा से एक घंटा व्यर्थ भटकना पड़ सकता है। धाम के पांचों द्वारों की जमीनी स्थिति समझें:

                                    [ पावन मां गंगा ]
                                           │
                                           ▼
                                    [ गंगा द्वार ]
                         (ललिता घाट / नदी की ओर भव्य द्वार)
                    ★ एस्केलेटर, पैसेंजर लिफ्ट, व्हीलचेयर रैंप ★
                                           │
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                              [ गंगा व्यू गैलरी ]
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                               [ शंकराचार्य चौक ]
                                           │
                                           ▼
                                  [ मंदिर चौक ]
                    (शिवार्चनम् खुला सांस्कृतिक रंगमंच)
                                           │
        ┌──────────────────────────────────┼──────────────────────────────────┐
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  [ गेट नं. 1 ]                     [ गर्भगृह ]                        [ गेट नं. 4 ]
(ढुंढिराज / छत्ताद्वार)         (द्वादश ज्योतिर्लिंग)             (ज्ञानवापी / चौक गेट)
गोदौलिया व विश्वनाथ गली से       स्वर्ण शिखर व 27 उप-मंदिर        उत्तरी मुख्य सार्वजनिक द्वार;
सुगम (सुलभ) दर्शन लाइन           का पावन केंद्र                  सामान्य कतार व लॉकर केंद्र
                                           ▲
                                           │
                                    [ गेट नं. 2 ]
                               (सरस्वती फाटक द्वार)
                               बांसफाटक से संकरा
                               पैदल प्रवेश मार्ग

1. गंगा द्वार (ललिता घाट) — नदी मार्ग से आधुनिक व सुलभ प्रवेश

  • स्थान: मणिकर्णिका और मीर घाट के मध्य, ललिता घाट पर सीधे गंगा किनारे।
  • विशेषता: यह सबसे आधुनिक और बुजुर्गों के अनुकूल द्वार है। यहां दोहरे एस्केलेटर (स्वचालित सीढ़ियां), भारी क्षमता वाली लिफ्ट और चौड़े रैंप लगे हैं, जो नदी तल से बिना एक भी सीढ़ी चढ़े आपको सीधे मंदिर चौक पहुंचाते हैं।
  • किसके लिए सर्वोत्तम: बुजुर्ग माता-पिता, घुटनों के दर्द से पीड़ित श्रद्धालु, व्हीलचेयर सवार और वे परिवार जो गलियों की धक्का-मुक्की से बचना चाहते हैं।
  • पहुंचने का तरीका: अस्सी घाट, दशाश्वमेध घाट या नमो घाट से नाव लें। नाव सीधे ललिता घाट के पक्के जेटी पर उतारती है।

2. गेट नं. 4 (ज्ञानवापी गेट / छत्रपति शिवाजी महाराज द्वार)

  • स्थान: चौक की ओर, उत्तरी दिशा में।
  • विशेषता: यह सामान्य (निःशुल्क) दर्शन कतार का मुख्य प्रवेश द्वार है। यहीं पर विशाल यात्री सुविधा केंद्र (PFC) स्थित है, जिसमें हजारों निःशुल्क डिजिटल लॉकर, पेयजल बूथ और सुरक्षा जांच चौकियां हैं।
  • कतार की स्थिति: त्योहारों पर यहां सामान्य कतार कई सौ मीटर लंबे बैरिकेडों में घूमती है, जिसमें 2 से 4 घंटे तक लग सकते हैं।

3. गेट नं. 1 (ढुंढिराज / छत्ताद्वार) — सुलभ (सुगम) दर्शन प्रवेश

  • स्थान: गोदौलिया से विश्वनाथ गली होकर।
  • विशेषता: यह द्वार आधिकारिक सुगम दर्शन (सुलभ पास) धारकों, बुजुर्गों और विशेष अनुमति प्राप्त आगंतुकों के लिए निर्धारित है। यहां बारकोड स्कैनर से तुरंत जांच कर छोटी कतार में प्रवेश दिया जाता है।

4. गेट नं. 2 (सरस्वती फाटक)

  • स्थान: दशाश्वमेध मार्ग पर बांसफाटक चौराहे से संकरी गली द्वारा।
  • विशेषता: गोदौलिया क्षेत्र के होटलों में ठहरे पैदल यात्रियों के लिए त्वरित शॉर्टकट।

सामान्य कतार बनाम सुलभ (सुगम) दर्शन: जमीनी अंतर

13 दिसंबर के वार्षिकोत्सव सप्ताहांत में भीड़ सावन सोमवार जैसी रहती है। दर्शन के विकल्पों की तुलना इस तालिका से करें:

दर्शन का प्रकारआधिकारिक शुल्कवार्षिकोत्सव पर कतार का समयप्रवेश द्वारगर्भगृह स्थिति
सामान्य कतार (निःशुल्क)₹02 से 4.5 घंटेगेट नं. 4 (ज्ञानवापी)पीतल की रेलिंग से निरंतर चलते हुए 'झांकी दर्शन'
सुगम दर्शन (आधिकारिक)₹300 / व्यक्ति35 से 65 मिनटगेट नं. 1 (छत्ताद्वार) या गंगा द्वारअलग प्राथमिकता कतार; गर्भगृह की दहलीज से दर्शन
सुलभ दर्शन (सहायता सहित)₹500 / व्यक्ति35 से 65 मिनटगेट नं. 1 या गंगा द्वार₹300 आधिकारिक टिकट + ₹200 स्थानीय गाइड, लॉकर व गेट सहायता
मंगला आरती (भोर दर्शन)₹500 / व्यक्ति (आधिकारिक)पूर्व-निर्धारित (02:30 बजे रिपोर्टिंग)गेट नं. 1 / गेट 4गर्भगृह में बैठकर भोर 03:00 से 04:00 बजे तक विशेष दर्शन; हफ्तों पहले बुकिंग आवश्यक

स्पर्श दर्शन संबंधी सूचना: सामान्य दिनों में दोपहर को शिवलिंग स्पर्श की अनुमति मिलती है। किंतु वार्षिकोत्सव जैसे महापर्वों पर मंदिर प्रशासन भीड़ को नियंत्रित रखने हेतु स्पर्श दर्शन पूर्णतः बंद कर केवल झांकी दर्शन की व्यवस्था लागू करता है।


सुरक्षा नियम, लॉकर व प्रतिबंधित सामान

धाम परिसर की सुरक्षा सीआरपीएफ (CRPF) और उत्तर प्रदेश पुलिस के जिम्मे है। हर गेट पर आधुनिक डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर और स्कैनर लगे हैं।

अंदर क्या ले जाना पूर्णतः वर्जित है?

  • इलेक्ट्रॉनिक उपकरण: मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच, फिटनेस बैंड, ब्लूटूथ ईयरफोन, कैमरा, चाबी का रिमोट कंट्रोल।
  • चमड़े का सामान: चमड़े का बेल्ट, शुद्ध लेदर का पर्स। (कपड़े या नायलॉन का बेल्ट व बटुआ मान्य है)।
  • अन्य वस्तुएं: धातु के पेन, नेलकटर, माचिस, लाइटर, बीड़ी-सिगरेट, गुटखा।
  • बड़ा सामान: बैगपैक या सूटकेस गेट तक न लाएं।

लॉकर का व्यावहारिक उपाय

गेट 4 और गंगा द्वार पर निःशुल्क डिजिटल लॉकर की सुविधा है, जहां बारकोड रसीद मिलती है।

स्थानीय व्यावहारिक सुझाव: वार्षिकोत्सव के दिन गेट 4 के लॉकर में सामान जमा करने में ही 20 से 30 मिनट लग जाते हैं, और दर्शन के बाद निकालने में फिर कतार में लगना पड़ता है। यदि आपने हमारे यहां से कैब बुक की है, तो अपने मोबाइल, स्मार्टवॉच, चमड़े के बेल्ट और बैग बेनियाबाग या नमो घाट पर सुरक्षित गाड़ी में ड्राइवर के पास ही छोड़ दें। अपने साथ केवल सरकारी पहचान पत्र, कुछ नकदी और पूजा की सामग्री लेकर सीधे गेट पर पहुंचे—इससे आपके कम से कम 45 मिनट बचेंगे।


शीतकालीन मौसम व बुजुर्ग श्रद्धालुओं हेतु सावधानियां

मध्य दिसंबर में काशी की सुबह व रात काफी ठंडी रहती है (तापमान 9°C से 12°C)। बुजुर्गों के साथ यात्रा करते समय इन बातों का ध्यान रखें:

  1. ठंडी संगमरमरी फर्श से बचाव (ग्रिप-मोज़े का नुस्खा): गेट के बाहर जूते-चप्पल उतारने होते हैं। दिसंबर की सुबह ठंडी संगमरमर व बलुआ पत्थर की फर्श पर एक-डेढ़ घंटे नंगे पांव चलने से बुजुर्गों के पैरों में अकड़न और फिसलने का खतरा रहता है।
    • अनुमोदित समाधान: मंदिर प्रशासन नीचे रबर ग्रिप वाले साफ ऊनी मोज़े पहनकर चलने की अनुमति देता है। बुजुर्गों के लिए ग्रिप वाले ऊनी मोज़े अवश्य साथ रखें।
  2. व्हीलचेयर व ई-कार्ट सुविधा:
    • गेट 4 और गंगा द्वार पर निःशुल्क व्हीलचेयर उपलब्ध रहती है।
    • गंगा द्वार से मंदिर चौक तक मंदिर न्यास के बैटरी चालित गोल्फ कार्ट (ई-कार्ट) चलते हैं।
    • अधिक सुविधा के लिए नदी मार्ग से गंगा द्वार होकर आएं, जहां एस्केलेटर से चढ़ाई आसान हो जाती है।
  3. दर्शन हेतु सबसे शांत समय:
    • सुबह का शांत समय (06:00 से 07:30 बजे): मंगला आरती के तुरंत बाद भीड़ का दबाव कम रहता है और कतार तेजी से बढ़ती है।
    • दोपहर का समय (01:30 से 03:30 बजे): भोग आरती के बाद मंदिर पुनः खुलने पर भीड़ सुबह की तुलना में काफी कम रहती है।
    • इन समयों से बचें: सुबह 08:30 से 11:30 बजे (भारी भीड़) और शाम 05:30 से रात 09:30 बजे (आरती व शिवार्चनम् संगीत कार्यक्रम की संयुक्त भीड़)।

मंदिर कैसे पहुंचे: टैक्सी ड्रॉप प्वाइंट व बोट बाईपास

नगर निगम व यातायात पुलिस के नियमों के अनुसार गोदौलिया से चौक, गोदौलिया से दशाश्वमेध और मैदागिन से चौक का क्षेत्र चौपहिया वाहनों हेतु पूर्णतः नो-व्हीकल जोन रहता है।

अपनी टैक्सी को इन 4 में से किसी एक निकटतम बिंदु पर रोकने को कहें:

               [ बाबतपुर एयरपोर्ट (VNS) / कैंट रेलवे स्टेशन ]
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        ┌─────────────────────────────┼─────────────────────────────┐
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[ बेनियाबाग मल्टी-लेवल ]     [ मैदागिन टाउन हॉल ]          [ नमो घाट / राजघाट ]
(पश्चिम मार्ग: बांसफाटक     (उत्तर मार्ग: चौक होकर         (नदी मार्ग: 4-लेन चौड़ी सड़क,
 होकर गेट 4 या गेट 1 तक      गेट 4 या काल भैरव मंदिर        विशाल पार्किंग, बोट से सीधे
 700 मीटर सपाट पैदल मार्ग)    तक 850 मीटर पैदल मार्ग)        ललिता घाट गंगा द्वार आगमन)
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  [ गेट 4 / गेट 1 ]             [ गेट 4 / गेट 1 ]             [ गंगा द्वार ]
 (गलियों से पैदल मार्ग)        (गलियों से पैदल मार्ग)     (एस्केलेटर से सीधे मंदिर चौक)

1. बेनियाबाग भूमिगत मल्टी-लेवल पार्किंग (पश्चिमी मार्ग)

  • दूरी: गेट 4 या गेट 1 तक लगभग 700 मीटर का सपाट रास्ता।
  • मार्ग: बेनियाबाग से दशाश्वमेध मार्ग पर चलें या ई-रिक्शा से बांसफाटक चौराहे तक जाएं, फिर विश्वनाथ गली में प्रवेश करें।
  • उपयुक्तता: कैंट, सिगरा या रथयात्रा की ओर ठहरे श्रद्धालुओं के लिए सबसे सुगम।

2. मैदागिन टाउन हॉल पार्किंग (उत्तरी मार्ग)

  • दूरी: चौक होकर लगभग 850 मीटर।
  • उपयुक्तता: जो श्रद्धालु दर्शन से पहले या बाद में बाबा काल भैरव (मैदागिन से 400 मीटर उत्तर) के दर्शन करना चाहते हैं।

3. नमो घाट (वीआईपी नदी बाईपास)

  • दूरी: पुराने शहर की गलियों में शून्य पैदल चलना।
  • व्यवस्था: कैंट या एयरपोर्ट से आपकी कैब सीधे आउटर रिंग रोड द्वारा नमो घाट पार्किंग पहुंचती है। वहां से आपकी प्री-बुक्ड बोट में बैठकर 40 ऐतिहासिक घाटों का नजारा देखते हुए 20 मिनट में ललिता घाट जेटी पर उतरें, और एस्केलेटर से सीधे विश्वनाथ धाम में प्रवेश करें।

पारदर्शी वाहन किराया व बोट दरें

दिसंबर के व्यस्त सप्ताहांतों में स्थानीय ऑटो व टैक्सी वाले मनमाना किराया मांगते हैं। हम बिना किसी हॉलिडे सर्ज के लिखित में तय फिक्स्ड किराए पर गाड़ियां उपलब्ध कराते हैं:

फिक्स्ड टैक्सी दरें (बिना किसी पीक सर्ज के)

गाड़ी का प्रकारमॉडल उदाहरणक्षमताएयरपोर्ट पिकअप (VNS ⇄ शहर)हाफ-डे लोकल (4 घंटे / 40 किमी)फुल-डे लोकल (8 घंटे / 80 किमी)आउटस्टेशन / 12 घंटे (120 किमी)
AC सेडानमारुति डिजायर / इटिओस4 सवारी + 2 बैग₹899₹1,600₹2,499₹3,200
AC कॉम्पैक्ट SUVमारुति अर्टिगा6 सवारी + 3 बैग₹1,299₹2,000₹2,800₹3,900
प्रीमियम SUVटोयोटा इनोवा6 सवारी + 4 बैग₹1,500₹2,400₹3,200₹4,500
लग्जरी MPVइनोवा क्रिस्टा6/7 सवारी + 4 बैग₹1,800₹2,800₹3,800₹5,200
एग्जीक्यूटिव टेम्पोफोर्स 17-सीटर16 सवारी + सामान₹2,500₹3,200₹4,250₹5,500
लग्जरी अर्बानियाफोर्स अर्बानिया12/16 लग्जरी सीटें₹3,500₹4,500₹5,800₹7,200

नियम व शर्तें: दरों में ईंधन, ड्राइवर भत्ता और टोल टैक्स शामिल हैं। बेनियाबाग या मैदागिन पार्किंग की नगर निगम पर्ची (₹50–₹100) वास्तविक रसीद अनुसार देय होगी। कोहरे से फ्लाइट लेट होने पर बाबतपुर एयरपोर्ट पर 45 मिनट का निःशुल्क इंतज़ार शामिल है।

गंगा द्वार (ललिता घाट) हेतु बोट दरें

बोट का प्रकारयात्री क्षमतामार्ग विवरणफिक्स्ड किरायामुख्य विशेषताएं
शेयर्ड मॉर्निंग बोटप्रति सीटदशाश्वमेध ⇄ ललिता घाट / मणिकर्णिका वापसी₹400 – ₹500 / सीटलाइफ जैकेट अनिवार्य
प्राइवेट छोटी बोट1 से 6 व्यक्तिअस्सी / दशाश्वमेध / नमो घाट ⇄ ललिता घाट (इंतज़ार सहित)₹3,500गंगा द्वार जेटी पर प्राइवेट ड्रॉप
प्राइवेट मध्यम बोट7 से 15 व्यक्तिअस्सी / नमो घाट ⇄ ललिता घाट वापसी₹4,500संयुक्त परिवारों हेतु सर्वोत्तम
प्राइवेट बड़ा बजरा16 से 30 व्यक्तिनमो घाट / अस्सी ⇄ ललिता घाट (इंतज़ार सहित)₹6,500विशाल डेक; ग्रुप्स हेतु उत्तम

मंदिर दर्शन सहायता

सेवाप्रति व्यक्ति दरविवरण
सुलभ दर्शन सहायता₹500 / व्यक्ति₹300 मंदिर न्यास का आधिकारिक सुगम दर्शन टिकट + ₹200 स्थानीय गाइड सहायता, गेट समन्वय, लॉकर मार्गदर्शन व वरिष्ठ नागरिक सहयोग।
स्पर्श दर्शन / मंगला आरतीपुष्टि पर कोटेशनमंदिर प्रशासन की तत्कालीन उपलब्धता व कोटे के आधार पर।

वार्षिकोत्सव सप्ताहांत हेतु सुझाई गई कार्ययोजना

1-दिवसीय एक्सप्रेस योजना (रविवार, 13 दिसंबर 2026)

  • सुबह 06:00 – 07:30: बेनियाबाग पार्किंग पर उतरें। बांसफाटक होकर विश्वनाथ गली में प्रवेश करें और पहले बगल में स्थित श्री काशी अन्नपूर्णा मंदिर में माता के रजत दर्शन करें।
  • सुबह 07:30 – 09:30: गेट 1 (सुगम दर्शन) या गंगा द्वार से विश्वनाथ धाम में प्रवेश करें। ज्योतिर्लिंग दर्शन करें, 27 उप-देवालयों की परिक्रमा करें और स्वर्ण शिखर के दर्शन करें।
  • सुबह 09:45 – 10:45: चौक-चौखंभा में पारंपरिक बनारसी नाश्ता: गरम कचौड़ी-सब्जी, जलेबी और सर्दियों का प्रसिद्ध मलय्यो।
  • सुबह 11:00 – 12:30: मैदागिन जाकर काल भैरव गली में बाबा काल भैरव के दर्शन करें और हाजिरी की परंपरा पूर्ण करें।
  • दोपहर 01:00 – 03:30: दोपहर की धूप व भारी भीड़ के समय होटल में विश्राम।
  • शाम 04:30 – 06:30: नमो घाट या अस्सी घाट से शाम की बोट लें। घाटों की रोशनी का आनंद लेते हुए ललिता घाट उतरें।
  • शाम 06:30 – 08:30: मंदिर चौक के खुले मंच पर शिवार्चनम् शास्त्रीय संगीत प्रस्तुति देखें और भव्य सप्तऋषि आरती का श्रवण करें।
  • रात 08:45 – 09:45: बोट द्वारा दशाश्वमेध या अस्सी घाट वापसी और रात्रि भोजन।

🛕 काशी विश्वनाथ धाम वार्षिकोत्सव: सुलभ दर्शन, गंगा द्वार बोट व फिक्स्ड कैब
काशी विश्वनाथ धाम के 5वें वार्षिकोत्सव व लोकार्पण दिवस (11–13 दिसंबर 2026) पर दर्शन हेतु आ रहे हैं? आम कतारों के 3 घंटे के इंतज़ार और पुराने शहर के भीषण जाम से बचें। हम ₹500 सुलभ दर्शन सहायता, गंगा द्वार एस्केलेटर तक डायरेक्ट बोट ट्रांसफर, कोहरा ट्रैकिंग युक्त फिक्स्ड एयरपोर्ट कैब और बेनियाबाग/मैदागिन पार्किंग ड्रॉप बिना किसी पीक सर्ज के उपलब्ध कराते हैं।
₹500 प्रति व्यक्ति सुलभ दर्शन सहायता (₹300 आधिकारिक मंदिर टिकट + ₹200 स्थानीय गाइडेंस)
गंगा द्वार (ललिता घाट) हेतु सीधी प्राइवेट बोट — पुराने शहर के जाम से मुक्ति व एस्केलेटर सुविधा
बेनियाबाग (700 मी आसान पैदल मार्ग) व मैदागिन मल्टी-लेवल पार्किंग का तय पेरीमीटर ड्रॉप
₹899 सेडान / ₹1,299 अर्टिगा एयरपोर्ट ट्रांसफर — 45 मिनट निःशुल्क कोहरा डिले ट्रैकिंग शामिल
WhatsApp पर विश्वनाथ धाम कैब व दर्शन बुक करें या कॉल करें 99354 74730
🛕 ₹500 सुलभ दर्शन सहायता 🛶 गंगा द्वार एस्केलेटर बोट ड्रॉप 👵 वरिष्ठ नागरिकों हेतु सुगम व ज़ीरो सर्ज 🛡️ लिखित में तय फिक्स्ड किराया

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQ)

काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण कब हुआ था?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 13 दिसंबर 2021 को भव्य काशी विश्वनाथ धाम का लोकार्पण किया था। 13 दिसंबर 2026 को इसके 5 वर्ष पूर्ण हो रहे हैं।

विश्वनाथ मंदिर में क्या कोई विशेष ड्रेस कोड है?

सामान्य व सुगम दर्शन हेतु कोई निर्धारित वर्दी नहीं है, परंतु शालीन भारतीय पारंपरिक वस्त्र (पुरुषों के लिए धोती-कुर्ता या कुर्ता-पायजामा; महिलाओं के लिए साड़ी या सलवार सूट) अनुशंसित हैं। सामान्य कतार में जींस-पैंट की अनुमति है, परंतु हाफ पैंट या स्लीवलेस वस्त्रों पर रोक है।

क्या सुलभ (सुगम) दर्शन टिकट तुरंत मौके पर मिल सकता है?

गेट 4 के पास सीमित संख्या में तत्काल ऑफलाइन टिकट का काउंटर रहता है। परंतु वार्षिकोत्सव व सप्ताहांतों पर यह काउंटर खुलने के 20-30 मिनट में समाप्त हो जाता है। अतः आधिकारिक वेबसाइट shrikashivishwanath.org या हमारे माध्यम से कम से कम 7 से 15 दिन पूर्व बुकिंग करना श्रेयस्कर है।

विश्वनाथ धाम से काल भैरव मंदिर कैसे जाएं?

विश्वनाथ धाम से काल भैरव मंदिर लगभग 1.2 किमी उत्तर में है। गेट 4 से चौक होकर मैदागिन चौराहे (850 मीटर) तक पैदल जाएं, फिर काल भैरव गली में 400 मीटर चलें। चौक से मैदागिन तक ई-रिक्शा भी उपलब्ध रहता है।

दिसंबर में कोहरे के कारण फ्लाइट लेट हो तो क्या करें?

मध्य दिसंबर में बाबतपुर एयरपोर्ट पर सुबह 05:00 से 09:30 बजे तक घना कोहरा रहता है। दोपहर 11:30 से 03:30 बजे के बीच लैंड होने वाली फ्लाइट बुक करें। हमारे पास कैब बुक करते समय फ्लाइट नंबर साझा करें, हमारा ड्राइवर रडार पर लाइव स्थिति ट्रैक करता है और लेट होने पर 45 मिनट तक कोई अतिरिक्त वेटिंग चार्ज नहीं लेता।

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वाराणसी एयरपोर्ट टैक्सी मूल्य, केवला-महिलाओं के लिए पिंक टैक्सी, लखनऊ → वाराणसी किराया, गंगा आरती नाव बुकिंग मूल्य, एक-दिवसीय टूर कैब शुल्‍क, अस्सी घाट ↔ एयरपोर्ट दूरी, और वाराणसी → बोधगया टैक्सी लागत के लिए आपकी एक-स्टॉप गाइड। www.kashitaxi.in पर तुरंत बुक करें या 99354 74730 पर कॉल करें।

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